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आरोपियों ने कहा- देते थे कम समय में ज्यादा कमाने का झांसा: साइबर ठगी कांड में बड़ा खुलासा

KHULASA FIRST

संवाददाता

07 जनवरी 2026, 12:40 अपराह्न
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आरोपियों ने कहा- देते थे कम समय में ज्यादा कमाने का झांसा

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
इंदौर में सामने आए साइबर ठगी के बड़े मामले में राज्य साइबर पुलिस की कार्रवाई के बाद अब संगठित कॉल सेंटर के ठगी नेटवर्क का बड़ा खुलासा हुआ है। फर्जी ट्रेडिंग एप के जरिए लोगों को शेयर और क्रिप्टो ट्रेडिंग में मुनाफे का झांसा देकर ठगी करने वाले गिरोह के कॉल सेंटर संचालक, मैनेजर, गार्ड और टेलीकॉलर समेत 20 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।

पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी फोन कॉल के जरिए आम लोगों को निवेश के नाम पर फंसाते थे। उन्हें एक फर्जी ट्रेडिंग एप डाउनलोड कराई जाती थी, जिसमें निवेश की गई रकम को दो से तीन गुना बढ़ा-चढ़ाकर दिखाई जाती थी। एप पर मुनाफा बढ़ता देख निवेशक भरोसे में आ जाते थे, लेकिन जैसे ही वे रुपये निकालने का प्रयास करते एप काम करना बंद कर देती थी या खाते ब्लॉक कर दिए जाते थे।

भोपाल के युवक की शिकायत से हुआ खुलासा
इस पूरे ठगी नेटवर्क का खुलासा भोपाल के कोलार निवासी सुनील राजपूत की शिकायत के बाद हुआ, जिनसे 1 लाख 70 हजार रुपये की ठगी की गई थी। नवंबर माह में की गई शिकायत को गंभीरता से लेते हुए राज्य साइबर पुलिस ने तकनीकी जांच शुरू की। कॉल डिटेल, बैंक ट्रांजेक्शन और डिजिटल ट्रेल खंगालने पर यह सामने आया कि ठगी के लिए इस्तेमाल हो रहे फोन नंबर इंदौर से संचालित हो रहे थे।

विजय नगर के कॉर्पोरेट ऑफिस से चल रहा था कॉल सेंटर
तकनीकी जांच के आधार पर पुलिस टीम विजय नगर स्थित स्काय कॉर्पोरेट ऑफिस पहुंची, जहां फाल्कोन ट्रेडर्स के नाम से कॉल सेंटर संचालित किया जा रहा था। मौके पर जांच में स्पष्ट हुआ कि यहां से लोगों को फर्जी ट्रेडिंग एप के जरिए ठगा जा रहा था। पुलिस के अनुसार आरोपी ठगी की रकम छुपाने के लिए म्यूल बैंक खातों और म्यूल सिम कार्डों का इस्तेमाल करते थे।

ये खाते जरूरतमंद और गरीब लोगों के नाम पर खुलवाए जाते थे। ठगी की रकम को कई खातों में घुमाकर निकाला जाता था, ताकि असली आरोपियों तक सीधा सुराग न पहुंचे। प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि यह गिरोह केवल मध्यप्रदेश तक सीमित नहीं था, बल्कि अन्य राज्यों के लोगों को भी निशाना बना चुका है।

10 युवक-10 युवतियां गिरफ्तार, डिजिटल उपकरण जब्त
पुलिस ने कॉल सेंटर संचालक प्रकाश, मैनेजर, गार्ड और 16 टेलीकालरों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में 10 युवक और 10 युवतियां शामिल हैं। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने 43 मोबाइल फोन, 16 लैपटॉप, डीवीआर सहित कई डिजिटल उपकरण जब्त किए हैं।

सभी 16 टेलीकालरों को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया है, जबकि चार अन्य आरोपियों को तीन दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है। पुलिस उनसे पूछताछ कर ठगी के नेटवर्क, पैसों के ट्रेल और इससे जुड़े अन्य लोगों की जानकारी जुटा रही है।

बड़े नाम सामने आने की उम्मीद
राज्य साइबर पुलिस का कहना है कि जांच अभी जारी है और आने वाले दिनों में ठगी से जुड़े और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं। पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि किसी भी अनजान कॉल या एप के जरिए निवेश करने से पहले सतर्क रहें और संदेह होने पर तुरंत साइबर हेल्पलाइन या पुलिस से संपर्क करें।

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