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नासिक घटना पर टाटा सन्स चेयरमैन की प्रतिक्रिया: ‘गंभीर और चिंताजनक मामला’; सीनियर स्तर पर मामले की जांच शुरू

KHULASA FIRST

संवाददाता

14 अप्रैल 2026, 4:11 pm
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नासिक घटना पर टाटा सन्स चेयरमैन की प्रतिक्रिया

खुलासा फर्स्ट, मुंबई/नासिक।
नासिक स्थित टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) कैंपस में लगे यौन उत्पीड़न और कथित धर्मांतरण के आरोपों पर टाटा सन्स के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन ने पहली बार प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने इस पूरे मामले को “गंभीर और परेशान करने वाला” बताया है और कहा है कि इसकी उच्च स्तर पर जांच कराई जा रही है।

‘जीरो टॉलरेंस’ नीति दोहराई
कंपनी ने स्पष्ट किया है कि वह किसी भी प्रकार के उत्पीड़न के खिलाफ “जीरो टॉलरेंस” नीति पर काम करती है। मामले की जानकारी मिलते ही संबंधित कर्मचारियों को निलंबित कर दिया गया और जांच शुरू कर दी गई।

सीनियर अधिकारी कर रहे जांच
चंद्रशेखरन के मुताबिक, इस मामले की जांच टीसीएस की वरिष्ठ अधिकारी अराठी सुब्रमणियन के नेतृत्व में की जा रही है। जांच का उद्देश्य पूरे घटनाक्रम की सच्चाई सामने लाना और जिम्मेदार लोगों की पहचान करना है। उन्होंने कहा कि टाटा समूह किसी भी तरह के अनुचित व्यवहार या दबाव को बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं करता और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

प्रोसेस रिव्यू और सुधार की तैयारी
इस घटना के बाद कंपनी अपने आंतरिक सिस्टम और प्रक्रियाओं की भी समीक्षा करेगी। जहां भी खामियां सामने आएंगी, वहां सुधार किए जाएंगे और उन्हें सख्ती से लागू किया जाएगा, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों।

क्या है पूरा मामला
नासिक स्थित टीसीएस ऑफिस में आठ महिला कर्मचारियों ने अपने वरिष्ठों पर मानसिक और यौन उत्पीड़न के साथ-साथ धार्मिक दबाव के आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि शिकायत करने के बावजूद एचआर विभाग ने लंबे समय तक कोई कार्रवाई नहीं की। इस मामले में पुलिस अब तक सात लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है, जिनमें टीम लीडर स्तर के कर्मचारी और एक महिला HR मैनेजर शामिल हैं।

एसआईटी कर रही जांच
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया है, जो पूरे प्रकरण की जांच कर रहा है। कंपनी ने भी जांच एजेंसियों को पूरा सहयोग देने की बात कही है।

आगे क्या
फिलहाल पुलिस और एसआईटी की जांच जारी है। टाटा समूह की आंतरिक जांच के साथ-साथ कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ रही है। इस मामले का असर कॉर्पोरेट सेक्टर में कार्यस्थल सुरक्षा और आचार संहिता को लेकर नई बहस छेड़ सकता है।

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