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ड्रग्स क्वीन ‘लिंडा’ की पहचान पर सस्पेंस: सच्चाई जानने दिल्ली पहुंची नारकोटिक्स टीम; नाईजीरियन या अफ्रीका की है नागरिक

KHULASA FIRST

संवाददाता

14 फ़रवरी 2026, 7:34 पूर्वाह्न
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ड्रग्स क्वीन ‘लिंडा’ की पहचान पर सस्पेंस

राहुल यादव 99932-81971 खुलासा फर्स्ट…इंदौर।
शहर में ड्रग्स तस्करी के खिलाफ कार्रवाई के दौरान गिरफ्तार की गई विदेशी महिला ‘लिंडा’ की पहचान अब खुद जांच एजेंसियों के लिए पहेली बन गई है। नारकोटिक्स विंग ने कुछ दिन पहले उसे मादक पदार्थ बेचने के आरोप में पकड़ा था।

उस समय उसने खुद को नाईजीरिया की नागरिक बताया था, लेकिन जब उसका पासपोर्ट और दस्तावेज खंगाले गए तो पता अफ्रीकी देश Ivory Coast (कोट डी’आइवर) का मिला, जबकि उसके पास से बरामद अन्य दस्तावेजों में नाईजीरिया का संदर्भ भी सामने आया। अब सच्चाई जानने के लिए नारकोटिक्स टीम दिल्ली गई है।

नारकोटिक्स विंग ने गुप्त सूचना के आधार पर लिंडा को शहर के एक पॉश इलाके से पकड़ा था। तलाशी में उसके पास से बड़ी मात्रा में प्रतिबंधित मादक पदार्थ बरामद हुए थे। सूत्रों के अनुसार उसके पास से एमडी (मेफेड्रोन) और कुछ अन्य सिंथेटिक ड्रग्स की पुड़िया मिली थीं, जिनकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत लाखों रुपए बताई जा रही है।

इसके अलावा मोबाइल फोन, संदिग्ध चैट रिकॉर्ड, विदेशी नंबरों की कॉल डिटेल और डिजिटल पेमेंट से जुड़े प्रमाण भी जब्त किए गए थे। जांच अधिकारियों का दावा है कि लिंडा शहर में सक्रिय एक अंतरराष्ट्रीय ड्रग नेटवर्क की कड़ी हो सकती है। वह कथित रूप से विदेशी सप्लायर्स और स्थानीय पैडलर्स के बीच संपर्क सूत्र का काम कर रही थी।

पुलिस के लिए बड़ी चुनौती... यदि दस्तावेज फर्जी पाए जाते हैं तो मामला और गंभीर हो जाएगा। इससे मानव तस्करी, फर्जी पहचान और अंतरराष्ट्रीय ड्रग रैकेट की परतें खुल सकती हैं। नारकोटिक्स विंग के वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि ड्रग तस्करी के खिलाफ अभियान जारी रहेगा और विदेशी नेटवर्क की जड़ तक पहुंचने के लिए हर पहलू की जांच की जाएगी।

लिंडा की असली राष्ट्रीयता क्या है? यह सवाल अब जांच का सबसे अहम बिंदु बन चुका है। दिल्ली से आने वाली रिपोर्ट के बाद ही तस्वीर साफ हो पाएगी कि वह वाकई नाईजीरियन है या आइवरी कोस्ट की नागरिक, या फिर किसी और देश की पहचान का इस्तेमाल कर रही थी।

पहचान को लेकर उलझन क्यों?
गिरफ्तारी के बाद पूछताछ में लिंडा ने खुद को नाईजीरियन बताया, लेकिन उसके पासपोर्ट में आइवरी कोस्ट का पता दर्ज है। इतना ही नहीं, अधिकारियों को उसके पास नाईजीरियन पासपोर्ट की फोटो कॉपी भी मिली है। इससे शक गहराया है कि कहीं उसने फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल तो नहीं किया।

नारकोटिक्स अधिकारियों का कहना है कि विदेशी नागरिकों से जुड़े मामलों में दूतावास और केंद्रीय एजेंसियों से पुष्टि आवश्यक होती है। इसीलिए एक टीम दिल्ली रवाना की गई है, जहां विदेशी नागरिकता और पासपोर्ट सत्यापन से जुड़े विभागों से संपर्क कर असली पहचान का पता लगाया जाएगा।

अंतरराष्ट्रीय गिरोह से कनेक्शन की शंका
जांच में यह भी खुलासा हुआ कि लिंडा के मोबाइल में कई विदेशी नंबर सेव थे और कुछ चैट में कोडवर्ड्स का इस्तेमाल किया गया था। पुलिस को संदेह है कि वह लंबे समय से शहर में रहकर ड्रग्स सप्लाई कर रही थी। उसके बैंक लेन-देन और डिजिटल वॉलेट की भी जांच की जा रही है, ताकि यह पता चल सके कि रकम किन-किन खातों में ट्रांसफर हुई।

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