अत्यधिक परीक्षा शुल्क और अवैध फाइन पर फूटा छात्रों का गुस्सा: ओरिएंटल विवि में छात्रों के साथ घोर अन्याय
KHULASA FIRST
संवाददाता

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
प्रतिष्ठित निजी शिक्षण संस्थान ओरिएंटल विवि में छात्रों के साथ हो रहे कथित अन्याय को लेकर छात्र एवं अभिभावक वर्ग में भारी आक्रोश है। विवि के छात्र एवं अभिभावकों ने संयुक्त शिकायत में गंभीर आरोप लगाए हैं।
छात्रों का कहना है विवि मनमाने ढंग से अत्यधिक परीक्षा शुल्क सहित अन्य शुल्क वसूल रहा है, जो न केवल इंदौर बल्कि पूरे मप्र में सर्वाधिक है। सवाल उठाया है शुल्क किस नियम अथवा आदेश के अंतर्गत लिया जा रहा है तथा क्या इसकी वैधानिक स्वीकृति एमपीपीयूआरसी या किसी अन्य सक्षम प्राधिकरण से प्राप्त है। परीक्षा शुल्क के अतिरिक्त लेट फीस एवं फाइन के नाम पर अवैध वसूली की जा रही है, जिसकी कोई स्पष्ट सूचना या आदेश छात्रों को उपलब्ध नहीं कराया गया है।
न पढ़ाई संतोषजनक, न प्लेसमेंट
छात्रों के अनुसार परिसर में नशाखोरी एवं अनुशासनहीनता की घटनाएँ लगातार बढ़ रही हैं, लेकिन विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही है। छात्रों को न तो बुनियादी सुविधा मिल रही हैं, न पढ़ाई की गुणवत्ता संतोषजनक है न प्लेसमेंट की ठोस व्यवस्था है।
पेयजल एवं स्वास्थ्य से खिलवाड़
विवि परिसर में स्वच्छ पेयजल की समुचित व्यवस्था नहीं होने का आरोप भी लगाया गया है। छात्रों का कहना है पानी की गुणवत्ता संदिग्ध है, जबकि वरिष्ठ अधिकारी आरओ का पानी पीते हैं।
हर गतिविधि पर शुल्क का आरोप
शिकायत में कहा गया है छात्रों से जिम उपयोग, गार्ड के पास खड़े होने, कैंपस में फोटो लेने, यहां तक कि पैदल चलने जैसी सामान्य गतिविधियों पर भी शुल्क लिया जा रहा है, जो पूरी तरह अनुचित और अवैध है।
मैस और कैंटीन बदहाल
कैंटीन एवं मैस में घटिया एवं असुरक्षित भोजन परोसे जाने की शिकायतें पहले भी की जा चुकी हैं, लेकिन सुधार नहीं हुआ। छात्राओं के वॉशरूम में गंदगी है और कुंडी तक नहीं है कहीं जगह पर तो बिजली के तार फैले हुए हैं।
आंदोलन की चेतावनी
छात्रों ने चेतावनी दी है 7 दिन में मांगों पर उचित कार्रवाई नहीं की गई आंदोलन को विवश होंगे। शिकायत कलेक्टर, कमिश्नर, उच्च शिक्षा मंत्री एवं मुख्यमंत्री तक की जाएगी तथा कुलगुरु के इस्तीफे की मांग भी उठाई जाएगी।
छात्र-अभिभावकों की प्रमुख मांगें
परीक्षा शुल्क तत्काल कम किया जाए, अवैध फाइन समाप्त किए जाएं
सभी शुल्कों की वैधानिक स्वीकृति सार्वजनिक की जाए
पेयजल की विभिन्न स्रोतों से गुणवत्ता जांच कराई जाए
नशाखोरी एवं अनुशासनहीनता पर सख्त कार्रवाई हो
मैस एवं कैंटीन व्यवस्था में शीघ्र सुधार
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