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श्रद्धालुओं को आवारा कुत्ते ने काटा: 14 लोग घायल; 6 की हालत गंभीर

KHULASA FIRST

संवाददाता

02 फ़रवरी 2026, 8:51 पूर्वाह्न
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श्रद्धालुओं को आवारा कुत्ते ने काटा

खुलासा फर्स्ट, नर्मदापुरम।
माघ पूर्णिमा के पावन अवसर पर नर्मदा स्नान के लिए आए श्रद्धालुओं की आस्था उस वक्त दहशत में बदल गई, जब आक्रामक आवारा कुत्ते ने ताबड़तोड़ हमला कर दिया। इस हमले में 14 लोग घायल हो गए, जिनमें से 6 को गंभीर चोटें आई हैं। सभी घायलों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

बस का इंतजार कर रहे श्रद्धालुओं पर पहला हमला
रविवार को मीनाक्षी चौराहा क्षेत्र में श्रद्धालुओं की काफी भीड़ थी। इसी दौरान कुत्ते ने बस का इंतजार कर रहे श्रद्धालुओं के समूह पर हमला कर दिया। वहां दो लोगों को काटने के बाद कुत्ता बेकाबू होकर सड़क पर दौड़ता रहा और बाइक सवारों व राहगीरों को भी काटता चला गया।

घर के आंगन में घुसकर महिला और बेटी पर हमला
भागते हुए कुत्ते ने आनंद नगर में एक घर के आंगन में भी आतंक मचा दिया। यहां कपड़े धो रहीं बबिता नंदराम पर कुत्ते ने हमला कर दिया। बबिता ने बताया कि कुत्ता उनकी बकरियों पर हमला कर रहा था।

जब उन्होंने शोर मचाकर उसे भगाने की कोशिश की तो कुत्ते ने उन पर झपट्टा मार दिया। मां की आवाज सुनकर बेटी प्रियंका बाहर आई, तो कुत्ते ने उसे भी काट लिया। स्थानीय लोगों की मदद से किसी तरह कुत्ते को भगाया जा सका।

पीड़िता बोली- बंदर की तरह झपट रहा था कुत्ता
पीड़िता बबिता नंदराम ने बताया कि हमला करने वाला लाल रंग का कुत्ता आदमगढ़ पुलिया की ओर से आया था और घटना के बाद सांईनाथ एसटीडी की दिशा में भाग गया।

उन्होंने कहा, कुत्ता किसी बंदर की तरह झपट रहा था। जब जिला अस्पताल पहुंचे, तब वहां और भी कई डॉग बाइट के मरीज आए, जिनमें ज्यादातर नर्मदा स्नान के लिए आए श्रद्धालु थे।

6 मरीजों की हालत गंभीर
जिला अस्पताल पहुंचे घायलों में से 6 लोगों के हाथ-पैर में गहरे घाव हैं, जिनकी हालत गंभीर बताई जा रही है। लगातार बढ़ रहे डॉग बाइट के मामलों ने शहरवासियों की चिंता बढ़ा दी है।

नगर पालिका पर उठे सवाल
शहर में आवारा कुत्तों की बढ़ती संख्या के बावजूद नगर पालिका के इंतजाम नाकाफी नजर आ रहे हैं। नपा अधिकारियों का कहना है कि कुत्तों की संख्या नियंत्रित करने के लिए एक एजेंसी नियुक्त की गई है, लेकिन जमीनी स्तर पर उसकी कोई कार्रवाई दिखाई नहीं दे रही।

पहले भी जा चुकी है जान
डॉग बाइट की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि ग्वालटोली निवासी 20 वर्षीय अरुण यादव की रेबीज से मौत हो चुकी है। 23 मई को भोपाल में इलाज के दौरान उसकी जान गई थी।

वहीं, जून महीने में शहर के मुख्य बाजार में एक ही दिन में करीब 25 लोग डॉग बाइट का शिकार हो चुके हैं। अब हालात ऐसे हैं कि अस्पताल प्रबंधन भी नगर पालिका से ठोस कार्रवाई की मांग कर रहा है।

9 लाख का ठेका, फिर भी कार्रवाई गायब
नगर पालिका ने आवारा कुत्तों की संख्या नियंत्रित करने के लिए 9 लाख रुपए का टेंडर जारी किया था। तय योजना के तहत एजेंसी को स्ट्रीट डॉग पकड़ना, वेटनरी नियमों के अनुसार नसबंदी, मादा कुत्तों का टीकाकरण, स्वस्थ होने तक निगरानी और फिर सुरक्षित रूप से छोड़ना था।

लेकिन लाखों रुपए की जिम्मेदारी लेने के बावजूद एजेंसी की कोई ठोस कार्रवाई अब तक नजर नहीं आ रही।

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