कलश यात्रा के दौरान मची भगदड़: एक महिला की मौत; कई घायल
KHULASA FIRST
संवाददाता

खुलासा फर्स्ट, ग्वालियर।
जिले के डबरा में नवग्रह शक्तिपीठ मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा के पहले दिन बड़ा हादसा हो गया। दस दिवसीय धार्मिक आयोजन की शुरुआत के अवसर पर निकाली गई कलश यात्रा के दौरान अचानक भगदड़ मच गई।
एक महिला की मौत
अचानक मची इस भगदड़ में एक महिला की मौत हो गई, जबकि कई अन्य महिलाएं गंभीर रूप से घायल हो गईं। घायलों को इलाज के लिए ग्वालियर रेफर किया गया है।
अफरा-तफरी का माहौल
हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। कुछ और लोगों की मौत की भी चर्चा है, हालांकि प्रशासन ने अभी इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी स्थिति को संभालने में जुटे रहे।
20 हजार से अधिक महिला होने वाली थी शामिल
मंगलवार से डबरा में नवग्रह शक्तिपीठ मंदिर का भव्य प्राण प्रतिष्ठा समारोह शुरू हुआ है, जो 20 फरवरी तक चलेगा। आयोजन के पहले दिन स्टेडियम ग्राउंड से विशाल कलश यात्रा निकाली जानी थी, जिसमें आयोजकों के अनुसार 20 हजार से अधिक महिलाओं के शामिल होने की संभावना थी।
यात्रा नगर के प्रमुख मार्गों से होते हुए नवग्रह शक्तिपीठ पहुंचने वाली थी। यह भव्य आयोजन पूर्व गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा के नेतृत्व में आयोजक समिति द्वारा कराया जा रहा है।
इस महोत्सव को देश के प्रमुख संतों और आध्यात्मिक हस्तियों का महासंगम माना जा रहा है। दाती महाराज, पंडोखर धाम के गुरुशरण शर्मा, धूमेश्वर धाम, दंदरौआ धाम और रावतपुरा सरकार सहित कई बड़े मठों के शंकराचार्य और संतों की मौजूदगी प्रस्तावित है।
भव्य यज्ञशाला में विशेष अनुष्ठान किए जाएंगे
प्राण प्रतिष्ठा के दौरान नौ मंजिला भव्य यज्ञशाला में विशेष अनुष्ठान किए जाएंगे। संत बद्रीश जी महाराज और उनके 70 उपासकों की टीम वैदिक विधि से पूजा संपन्न कराएगी। प्रत्येक ग्रह देवता के लिए प्रतिदिन एक-एक लाख आहुतियां दी जाएंगी। वहीं दाती महाराज पूरे दस दिनों तक विशेष साधना करेंगे।
पंडित प्रदीप मिश्रा शिव महापुराण कथा का वाचन करेंगे
आयोजन के तहत 11 से 13 फरवरी तक कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा शिव महापुराण कथा का वाचन करेंगे। 14 से 16 फरवरी तक कवि कुमार विश्वास अपनी चर्चित प्रस्तुति ‘अपने-अपने राम’ के माध्यम से श्रद्धालुओं को संबोधित करेंगे।
17 से 20 फरवरी के बीच बागेश्वर धाम के पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की कथा और दिव्य दरबार का आयोजन प्रस्तावित है। घटना के बाद प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा शुरू कर दी है और आगे के कार्यक्रमों में अतिरिक्त सतर्कता बरतने की बात कही जा रही है।
जानिए अद्भुत नवग्रह मंदिर के बारे में
एशिया का सबसे बड़ा और अद्भुत नवग्रह मंदिर ग्वालियर के डबरा में बना है। इसे अद्भुत इसलिए कहा जा रहा है कि एकमात्र ऐसा मंदिर है, जहां नवग्रह के साथ उनकी पत्नियां भी विराजमान हैं। 12 एकड़ जमीन पर सिर्फ मंदिर बना है।
यह मंदिर सनातन धर्म परंपरा, वास्तु शास्त्र और ज्योतिष शास्त्र आधार पर 108 खंभों पर स्थापित किया है। हिंदू धर्म में 108 अंक का विशेष महत्व है। 27 तारामंडल, जिनको नक्षत्र भी कहा जाता है। हर नक्षत्र की चार-चार दिशाएं होती हैं, जिनका योग 108 होता है।
मंदिर में नवग्रह की स्थापना बहुत अध्ययन के बाद की गई है। हर मंदिर और ग्रह को ऐसे स्थान दिया है कि कभी वह एक-दूसरे के सामने न आ सके। सूर्य मंदिर की स्थापना के साथ उनके तेज को नियंत्रित करने पानी का तालाब, नालियां व झरोखे बनाए गए हैं।
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