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सोम डिस्टलरीज पर गिरी गाज लिकर किंग अरोरा पर कार्रवाई कब: पूरे जिले में अवैध शराब का बिछा रखा है जाल

KHULASA FIRST

संवाददाता

16 फ़रवरी 2026, 11:24 पूर्वाह्न
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सोम डिस्टलरीज पर गिरी गाज लिकर किंग अरोरा पर कार्रवाई कब

खुलासा फर्स्ट, नीमच।
प्रदेश में सोम डिस्टलरी पर कार्रवाई होने के बाद अब नीमच के लिकर किंग के नाम से बदनाम अशोक अरोरा पर भी कार्रवाई की संभावना व्यक्त की जा रही है। शहर में पूछा जा रहा है कि शासन क्या अब अरोरा की भी नकेल कसेगा? अरोरा ने पूरे जिले में अवैध शराब का जाल बिछा रखा है और उसने स्कूल-मंदिरों को भी नहीं छोड़ा है।

उल्लेखनीय है कि मध्यप्रदेश के शराब कारोबारियों में आबकारी विभाग द्वारा सोम डिस्टलरीज पर की गई कार्रवाई के बाद से हड़कंप मचा हुआ है। सोम डिस्टलरीज प्राइवेट लिमिटेड और सोम डिस्टलरीज एंड ब्रेवरीज लिमिटेड के सभी लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिए गए हैं।

यह कार्रवाई शराब तस्करी के लिए फर्जी परमिट बुक, नकली सरकारी मुहर और अवैध तरीके से शराब परिवहन के गंभीर अपराधों के चलते की गई है। इस मामले में सोम के मालिकों को सजा भी सुनाई गई है। हालांकि, मालिकों की अधिक उम्र का हवाला देकर सजा कम करने की कोशिशों पर अब न्यायिक और प्रशासनिक स्तर पर समीक्षा की जा रही है।

लेकिन इस कार्रवाई ने नीमच के लिकर किंग अशोक अरोरा पर भी कार्रवाई की संभावनाओं को जन्म दे दिया है। ये भी कहा जा रहा है कि अब जांच की आंच नीमच के चर्चित शराब कारोबारी अशोक अरोरा तक भी पहुंचेगी। एक साल की मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो अशोक अरोरा और उनके काकस का सोम डिस्टलरीज के साथ गहरा व्यावसायिक संबंध रहा है।

जांच में अशोक अरोरा से संबंध होने के सबूत मिलना तय है। लोगों का कहना है कि यदि उच्च स्तरीय जांच निष्पक्षता से हो तो यह साफ हो जाएगा कि अशोक अरोरा इस कंपनी से अवैध शराब खरीदने वाले सबसे बड़े खरीदारों में से एक है। उसका अवैध शराब का कारोबार काफी हद तक सोम डिस्टलरी पर ही टिका है।

इस अवधि में नीमच और आसपास के क्षेत्रों में अवैध शराब की बिक्री और तस्करी के मामले में कई बार अशोक अरोरा और उसके सिंडिकेट का नाम सामने आया है। ये भी आरोप लग रहे हैं कि सोम डिस्टलरीज के फर्जी कागजातों और सील का उपयोग कर नीमच के अरोरा के सिंडिकेट ने शासन को करोड़ों रुपये के राजस्व का चूना लगाया है।

कार्रवाई से चेहरे बेनकाब होंगे
पूरे शहर में चर्चा है कि सोम डिस्टलरीज के रिकॉर्ड की बारीकी से जांच की जाए ताकि नीमच के इस लिकर किंग और उसके सहयोगियों के चेहरे बेनकाब होकर जनता के सामने आएं। सोम डिस्टलरीज द्वारा किए गए फर्जीवाड़े की जांच का दायरा बढ़ाया जाए और इसमें अरोरा के व्यावसायिक लेन-देने को भी शामिल किया जाए ताकि दूध का दूध और पानी का पानी हो सके।

ये तो तय है कि सोम डिस्टलरीज के दस्तावेजो ंकी जांच में अशोक अरोरा के काले कारनामों का कच्चा चिट्ठा भी निकलेगा और इसके बाद इस नराधम पर भी शिकंजा कसा जाएगा। नीमच में अशोक अरोरा ने न केवल अवैध शराब का कारोबार फैला रखा है बल्कि इसमें बच्चों, युवाओं को भी शामिल कर लिया है।

खबर तो ये भी है कि अरोरा ने शराब के साथ समानांतर नशीले पदार्थों का व्यवसाय भी अवैध रूप से चला रखा है। उसने अपनी पैसों की हवस पूरी करने के लिए कई लोगों के प्लॉटों पर कब्जा कर लिया है और उस पर अवैध शराब की गुमटी रख दी है।

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