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आस्था सोसायटी की संपत्ति हस्तांतरण पर एससी की रोक

KHULASA FIRST

संवाददाता

14 फ़रवरी 2026, 11:38 पूर्वाह्न
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आस्था सोसायटी की संपत्ति हस्तांतरण पर एससी की रोक

खुलासा फर्स्ट…इंदौर।
आस्था फाउंडेशन सोसायटी की किसी भी संपत्ति के हस्तांतरण पर सुप्रीम कोर्ट ने रोक लगा दी है। सोसायटी में 200 करोड़ से ज्यादा का घोटाला हुआ था, जिसमें एलएनसीटी कॉलेज के चौकसे परिवार का नाम आया था। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि सोसायटी की संपत्तियों की स्थिति यथावत रखी जाएगी। इस दौरान सुनवाई जारी रहेगी।

सोसायटी के 22 शैक्षणिक संस्थान है। इनमें एलएनसीटी मेडिकल कॉलेज भी शामिल है। सुप्रीम कोर्ट ने अनिल संघवी व अन्य बनाम रजिस्ट्रार, फर्म्स एंड सोसायटीज व अन्य मामले में आदेश दिया है। न्यायमूर्ति एमएम सुंदरश और न्यायमूर्ति नोंगमेइकापम कोटिश्वर सिंह की पीठ ने मामले की सुनवाई की। इस दौरान हस्तक्षेप/इम्पलीडमेंट से जुड़े आवेदन पर कहा कि विवाद के अंतिम निस्तारण से पहले संपत्ति के हस्तांतरण की अनुमति देना ठीक नहीं है। याचिकाकर्ता की ओर से एडवोकेट अभिनव मल्होत्रा ने पैरवी की।

बेंच ने आदेश में यह भी कहा कि सभी पक्ष निर्धारित समयावधि में अपनी-अपनी लिखित दलीलें पूरी करें। अदालत में अगली सुनवाई 19 मई को होगी। इस अंतरिम आदेश से सोसायटी की संपत्तियों पर किसी भी प्रकार के लेन-देन या हस्तांतरण पर स्पष्ट रोक लागू हो गई है।

उल्लेखनीय है कि ईडी ने पीएमएलए में किया है। आस्था फाउंडेशन में 200 करोड़ के घोटाले की जांच शुरू हुई। पूर्व प्रेसीडेंट अनिल संघवी की रिपोर्ट और सुप्रीम कोर्ट की कमेटी की फाइनेंशियल ऑडिट रिपोर्ट पर केस दर्ज हुआ। ईओडब्ल्यू ने गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया था।

इस रिपोर्ट के आधार पर अक्टूबर 2025 में ईडी ने प्रिवेंशन ऑफ मनी लांड्रिंग एक्ट (पीएमएलए) के तहत केस दर्ज किया था जिसमें एलएनसीटी के जयनारायण चौकसे, अनुपम चौकसे, धर्मेंद्र गुप्ता, श्वेता चौकसे, पूनम चौकसे, पूजा चौकसे, आशीष जायसवाल समेत अन्य के खिलाफ बीएनएस की धारा 61, 316, 318, 338 और 336(3) के तहत आर्थिक अपराध का केस दर्ज है।

सभी आरोपियों को ईडी ने अपनी ईसीआईआर के तहत जांच में लिया है। मामले में चौकसे परिवार ने जिस तरह से घोटाला किया है वह चौंकाने वाला है। आस्था फाउंडेशन और इसके खातों को निजी संपत्ति समझकर जमकर लूटा गया।

ऑडिट कमेटी ने इन खातों को देखा
फारेंसिक ऑडिट कमेटी ने एक अप्रैल 2021 से फरवरी 2025 तक आस्था फाउंडेशन फॉर एजुकेशन सोसायटी कनाडिया रोड इंदौर जो रजिस्टर्ड सोसायटी है। इसके खातों की पूरी जांच की। इस सोसायटी के तहत, एलएनसीटी मेडिकल कॉलेज, सेफ इंस्टीट्यूट ऑफ नर्सिंग कॉलेज, एलएनसीटी स्कूल ऑफ फार्मेसी, एलएन पेरामेडिकल कॉलेज, एलएनसीटी विद्यापीठ यूनिवर्सिटी, सेफ स्कूल ऑफ नर्सिंग, सेवाकुंज हॉस्पिटल और स्कूल ऑफ एग्रीकल्चर का संचालन होता है।

बस और होस्टल की फीस अपने निजी ट्रस्ट में डाल दी
रिपोर्ट में बताया गया है कि बस और होस्टल के लिए मिली करीब 8.22 करोड़ की राशि को सोसायटी ने चौकसे परिवार की कंपनी कल्चुरी कांट्रेक्टर्स लिमिटेड को दे दी। इसके लिए एक कागज पर समझौता दिखाय गया कि बस और होस्टल का मेंटनेंस कल्चुरी द्वारा किया जाएगा।

जबकि होस्टल की बिल्डिंग खुद सोसायटी की थी। लेकिन इसके बाद भी कल्चुरी से करार दिखाकर पूरी फीस का डायवर्सन कल्चुरी को कर दिया गया। इसमें जो बस का मैनेंजट बताया गया वह भी सेफ इंस्ट्टीयूट ऑफ नर्सिंग कॉलेज की ही है। रिपोर्ट में है कि सोसायटी के नाम पर बैंकों से करोड़ों का लोन उठाया गया।

एक बार तो 21 दिन के भीतर 21.90 करोड़ का लोन लिया गया। यह लोन राशि चौकसे परिवार के एचके कल्चुरी ट्रस्ट को टर्म लोन के रूप में शिफ्ट कर दी गई। इसमें चौकसे परिवार के लोग ही सदस्य है। एसबीआई से नवंबर 2023 में 20 करोड़ का लोन लिया इसमें से 12 करोड़ ट्रस्ट को 1 दिसंबर 2023 को शिफ्ट हुए। 23 अगस्त 2021 को आईसीआईसीआई कॉर्पोरेट से 21 करोड़ का लोन लिया गया।

इसमें से 5 करोड़ ट्रस्ट को दिए गए। इसके बाद एचडीएफसी से 5-5 करोड़ के दो लोन लिए गए। इनमें से एक बार 5 करोड़ और एक बार 2 करोड़ ट्रस्ट को शिफ्ट हो गए। सोसायटी के खातों की राशि ट्रस्ट में लगातार आना-जाना रिपोर्ट में है कि सोसायटी के खातों को करंट खाते जैसा यूज किया गया।

सोसायटी के खातों के हिसाब से कल्चुरी ट्रस्ट पर उनका 19.72 करोड़ का बैलेंस बकाया था। लेकिन ट्रस्ट के हिसाब से यह चोरी है। इस पूरे मामले में 5.52 करोड़ का हिसाब ही नहीं मिला। रिपोर्ट में बताया गया है कि सोसायटी के खातों में 20.17 करोड़ रुपए में से 19.66 करोड़ एलएनसीटी यूनिवर्सिटी के खातों में गए। इसके अलावा, कार्पस फंड से बदलानी ने भी 31.73 करोड़ रुपए लिए।

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