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ग्रामीण डाक सेवक देश की ग्रामीण अर्थव्यवस्था की नींव उज्जैन में ग्रामीण डाक सेवक सम्मेलन में डाक नायकों का सम्मान

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संवाददाता

25 फ़रवरी 2026, 10:28 पूर्वाह्न
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ग्रामीण डाक सेवक देश की ग्रामीण अर्थव्यवस्था की नींव उज्जैन में ग्रामीण डाक सेवक सम्मेलन में डाक नायकों का सम्मान

खुलासा फर्स्ट, भोपाल।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि नागरिकों के हित में भारतीय डाक ने अपनी सार्थक भूमिका सिद्ध की है। ब्रिटिश काल से प्रारंभ हुई डाक व्यवस्था को समय के साथ नया स्वरूप मिलता गया है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में डाक व्यवस्था में निर्णायक परिवर्तन हुए हैं और विभाग की भूमिका को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए ठोस पहल की गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि एक समय केवल चिट्ठियां पहुंचाने वाला डाक विभाग आज बाबा महाकाल के प्रसाद के वितरण हेतु विशेष पोस्टल सेवा शुरू करने तक अपनी यात्रा तय कर चुका है। डाकघरों के माध्यम से नागरिकों को बीमा एवं बचत योजनाओं का लाभ मिल रहा है। खाते खोलने से लेकर स्पीड पोस्ट और अन्य आधुनिक सेवाओं के जरिए ग्राहकों को तेज और विश्वसनीय सुविधाएं प्रदान की जा रही हैं।

डॉ. यादव मंगलवार को उज्जैन में शिप्रा नदी के किनारे स्थित कार्तिक मेला ग्राउंड में आयोजित ग्रामीण डाक सेवक सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम की अध्यक्षता केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने की। मुख्यमंत्री ने डाक सेवकों का अभिनंदन करते हुए कहा कि अपने अथक परिश्रम से गांव-गांव तक डाक एवं अन्य जनउपयोगी सेवाएं पहुंचाने वाले ग्रामीण डाक सेवकों की देश निर्माण में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका है।

ग्रामीण डाक सेवक भारत की ग्रामीण अर्थव्यवस्था की मजबूत नींव हैं। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने मध्यप्रदेश के उत्कृष्ट कार्य करने वाले ग्रामीण डाक नायकों को सम्मानित किया।

डाक विभाग को विश्व की सबसे बड़ी लॉजिस्टिक शक्ति बनाएंगे: सिंधिया
केंद्रीय संचार मंत्री सिंधिया ने कहा कि सभी ग्रामीण डाक सेवक उनके परिवार के सदस्य हैं। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में डाक विभाग देश के विकास में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। विभाग को तकनीकी रूप से सुदृढ़ बनाने के लिए अनेक कदम उठाए गए हैं।

हमारा संकल्प है कि देश के डाक विभाग को विश्व की सबसे बड़ी लॉजिस्टिक शक्ति के रूप में स्थापित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि ग्रामीण डाक सेवक एक सैनिक की भांति कार्य कर रहे हैं। रेगिस्तान हो, पहाड़ों की चोटियां हों या मैदानी क्षेत्र—हर स्थान पर ग्रामीण डाक सेवक निर्भीक होकर पहुंचते हैं और आमजन की सेवा करते हैं।

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