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गंदा और कीड़े का पानी पीने को मजबूर रहवासी: शिकायत के बाद भी नहीं हुआ सुधार; 40 साल पुरानी पाइपलाइन से हो रही सप्लाई

KHULASA FIRST

संवाददाता

21 जनवरी 2026, 10:40 पूर्वाह्न
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गंदा और कीड़े का पानी पीने को मजबूर रहवासी

खुलासा फर्स्ट, उज्जैन।
शहर के भागीरथपुरा में दूषित पानी पीने से अब तक 25 लोगों की मौत हो चुकी है। यह मामला सामने आने के बाद से ही प्रदेश के कई शहरों से गंदे पानी की शिकायत सामने आ रही है।

गंदा पानी और कीड़े निकलने की मिली शिकायत
अब उज्जैन में भी नल के पानी को लेकर हड़कंप मच गया है। शहर के कई इलाकों में नलों से गंदा पानी और कीड़े निकलने की शिकायतें सामने आई हैं। बुधवार को सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ, जिसमें नल से निकलते पानी में बड़ी संख्या में कीड़े साफ दिखाई दे रहे हैं।

वार्ड 21 में लंबित समस्या
मामला उज्जैन के वार्ड क्रमांक 21 का बताया जा रहा है, जहां लंबे समय से दूषित जल की समस्या बनी हुई है। स्थानीय दुकानदार, रहवासी और शहर में आने वाले श्रद्धालु लगातार नल के दूषित पानी से प्रभावित हो रहे हैं। वीडियो में साफ दिख रहा है कि पाइपलाइन सीवरेज लाइन के पास से गुजर रही है, जिससे पानी दूषित हो रहा है।

पार्षद और रहवासियों की चिंता
वार्ड पार्षद अर्पित दुबे ने बताया कि कार्तिक चौक, सिंहपुरी और खटीकवाड़ा क्षेत्र में पिछले कई महीनों से गंदा पानी सप्लाई हो रहा है। कई बार शिकायत करने के बावजूद कोई स्थायी समाधान नहीं निकला। पान की दुकान संचालित करने वाले राजेश जोशी ने सरकारी नल से पानी भरा, जिसमें बड़ी संख्या में कीड़े निकलते दिखे।

40 साल पुरानी है पाइपलाइन
स्थानीय निवासी हेदर अली ने बताया कि इलाके में पीने के पानी की पाइपलाइन लगभग 40 साल पुरानी है और अब तक बदल नहीं पाई। कई स्थानों पर पाइपलाइन खुली पड़ी है। कुछ जगहों पर सीवरेज का पानी सीधे पेयजल लाइन में मिल रहा है।

इसके कारण हर दूसरे दिन नलों से गंदा और बदबूदार पानी आ रहा है, जिससे लोगों को गंभीर परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

नगर निगम का ठोस कदम अभी तक नहीं
पार्षद अर्पित दुबे के अनुसार, शिकायतों के बावजूद अधिकारी केवल मौके पर आकर लौट जाते हैं। फरवरी 2025 में महापौर को भी बुलाकर समस्या बताई गई थी, लेकिन अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकला।

रहवासियों का कहना है कि बार-बार शिकायत करने के बावजूद समस्या जस की तस बनी हुई है, और बच्चों व बुजुर्गों की सेहत खतरे में है।

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