रैंडॉक्स टेस्ट खोलेगा गोवा पार्टी का काला सच: ईशान के 8 दोस्तों के खून के नमूने जांच में; किस ड्रग्स का किया था नशा, होगा खुलासा
KHULASA FIRST
संवाददाता

15 अप्रैल को गोवा पुलिस ने बुलाया, नहीं पहुंचे तो होगा सख्त एक्शन
मुकेश मुवाल 98934-39951 खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
पिछले दिनों गोवा के अंजुना बीच स्थित विला में पार्टी के दौरान हुई इंदौर के ईशान बड़गुजर की संदिग्ध मौत में गोवा पुलिस ने जांच में तेजी ला दी है। मौत ड्रग्स के ओवरडोज से ही हुई, इसी थ्योरी पर काम कर रही गोवा पुलिस उसके 8 दोस्तों के ब्लड सैंपल जांच के लिए लेकर कल रात गोवा पहुंच गई।
रैंडॉक्स टेस्ट से पता लगाया जाएगा कि सभी ने घटना की रात कौन-सी ड्रग्स कितनी मात्रा में ली थी। जांच में बिलकुल भी सहयोग नहीं कर रहे ईशान के दोस्तों को गोवा पुलिस ने 15 अप्रैल को कथन के लिए बुलवाया है। यदि वे नहीं पहुंचे तो पहले कोर्ट से नोटिस, फिर जरूरत पड़ने पर वारंट जारी कराया जाएगा।
2 से 7 अप्रैल के लिए इंदौर से ईशान बड़गुजर अपने 8 दोस्तों रोशन अरोड़ा, सहज, तनिष्क लुल्ला, सुचित सिंह, हर्ष काकवानी, प्रथम, अभय पाल और अभय पिता भूपेंद्र के साथ गोवा गया था। 4 अप्रैल की रात सभी अंजुना बीच स्थित एक विला में पार्टी कर रहे थे।
इस दौरान अचानक ईशान की मौत हो गई थी। गोवा की अंजुना पुलिस ने शव का पीएम कराया। वहीं उसके आठों दोस्तों से पूछताछ कर सभी को रवाना कर दिया था। पीएम रिपोर्ट में मौत के कारणों का स्पष्ट खुलासा नहीं हुआ था।
चूंकि पुलिस ईशान की मौत ड्रग्स के ओवरडोज से होना मान रही है। इसके चलते जांच और पूछताछ के लिए ईशान के उक्त सभी दोस्तों को गोवा बुलाया है।
डीआईजी वर्षा शर्मा ने सभी को कॉन्फ्रेंस में लेकर बात की थी, लेकिन कोई भी गोवा नहीं पहुंचा। इसके चलते अंजुना थाना टीआई सूरज गावस ने डीआईजी वर्षा शर्मा के निर्देश पर एसआई विराज नाईक और कांस्टेबल गौरीश रेडकर को इंदौर भेजा।
शनिवार रात इंदौर आए एसआई विराज नाईक ने संयोगितागंज पुलिस की मदद से रविवार को ईशान के आठों दोस्तों को एमवाय अस्पताल बुलवाकर उनके ब्लड सैंपल लिए और फ्लाइट से गोवा के लिए रवाना हो गए।
सभी के ब्लड सैंपल की जांच रैंडॉक्स टेस्ट के जरिये की जाएगी, ताकि खुलासा हो सके कि घटना की रात उन्होंने कितनी मात्रा में कौन-कौन-सी ड्रग्स ली थी।
डॉक्टर नहीं कर रहे थे सहयोग, कलेक्टर को करना पड़ा हस्तक्षेप- खुलासा फर्स्ट ने एसआई विराज नाईक से बात की तो उन्होंने बताया वे पहली बार इंदौर आए थे और उनका अनुभव कड़वा रहा। संयोगितागंज पुलिस की मदद से ईशान के आठों दोस्तों को उनके ब्लड सैंपल लेने के लिए एमवाय अस्पताल बुलवाया।
सभी अपने-अपने परिजन के साथ पहुंचे थे। पूरी कार्रवाई में सुबह करीब 10 बजे से रात के 11 बज गए, जबकि काम महज चंद घंटों का था। सीएमओ और अन्य डॉक्टर ने बिलकुल भी सहयोग नहीं किया।
आखिरकार डीआईजी वर्षा शर्मा को इसकी सूचना दी गई, जिसके बाद उन्होंने ऊपरी स्तर पर अधिकारियों से बात की, तब कहीं जाकर इंदौर कलेक्टर शिवम वर्मा के हस्तक्षेप के बाद कार्रवाई शुरू हुई।
क्या होगा 15 अप्रैल को गोवा में- जानकारी के अनुसार गोवा की अंजुना पुलिस ने ईशान बड़गुजर की संदिग्ध मौत के मामले में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) 2023 की धारा 105 (पुरानी धारा 304) यानी गैर-इरादतन हत्या का केस दर्ज किया है।
यह उस हत्या को दंडित करती है, जहां जान लेने का सीधा इरादा नहीं था, लेकिन कृत्य लापरवाही या शारीरिक चोट के कारण हुआ। एसआई विराज नाईक के अनुसार ईशान के दोस्तों रोशन अरोड़ा, सहज, तनिष्क लुल्ला, सुचित सिंह, हर्ष काकवानी, प्रथम, अभय पाल और अभय पिता भूपेंद्र को 15 अप्रैल को गोवा आने को कहा है।
कुछ बिदुओं पर पूछताछ कर उनके कथन लिए जाएंगे। पता लगाया जाएगा कि 2 अप्रैल को उनके गोवा आने के बाद से वे कहां-कहां गए। किस-किस से मिले। कहां-कहां पार्टियां की। उनके पैसों के ट्रांजेक्शन की भी जांच की जाएगी।
इसके अलावा डीआईजी वर्षा शर्मा द्वारा तय किए अन्य बिंदुओं पर भी पूछताछ और कथन लिए जाएंगे। यदि ये लोग बताई तारीख को गोवा के अंजुना थाने नहीं पहुंचते हैं, तो नोटिस जारी किया जाएगा, फिर भी जांच में सहयोग नहीं किया तो कोर्ट से वारंट जारी कराया जाएगा।
यह है रैंडॉक्स टेस्ट
रैंडॉक्स टेस्टिंग रोगियों की सुविधा और तेजी से सैंपल एकत्र करने के लिए गोपनीय और बिना किसी दर्द या हस्तक्षेप वाले ड्रग्स टेस्टिंग तरीकों का उपयोग करता है। यहां मूत्र, बाल, लार ड्रग्स टेस्ट या इनका संयोजन उपलब्ध है।
ये सभी परीक्षण तरीके अल्पकालिक (शॉर्ट-टर्म) और दीर्घकालिक (लांग-टर्म) नशे के उपयोग की पहचान करने में सक्षम हैं। चूंकि गोवा पुलिस ईशान के दोस्तों के ब्लड सैंपल लेकर गई है, इसलिए हम बस इसी की चर्चा करते हैं।
रक्त परीक्षण उच्च सटीकता प्रदान करता है और इसका उपयोग परीक्षण के समय रक्तप्रवाह में ड्रग्स या अल्कोहल की उपस्थिति को मापने के लिए किया जाता है। नैदानिक नमूने एकत्र करने की प्रक्रिया आक्रामक होने के कारण इसे आमतौर पर किसी घटना के बाद की स्थितियों या कानूनी मामलों के लिए ही उपयोग किया जाता है।
संबंधित समाचार

कांग्रेस पर सीएम का हमला:कहा- नेता वंदे मातरम् का अपमान करते हैं; प्रदेश अध्यक्ष पर भी साधा निशाना

पावर प्लांट में विस्फोट:बॉयलर फटने से 4 मजदूरों की मौत; 30 से ज्यादा घायल, रेस्क्यू जारी

मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक:19810 करोड़ के जनहित व विकास कार्यों को मंजूरी

इस बार नए नियमों के साथ होगी मप्र लोक सेवा आयोग की परीक्षा:जानिये किस दिन है परीक्षा; अभ्यर्थियों को कितना पहले केंद्र पर पहुंचना होगा
टिप्पणियाँ
अभी कोई टिप्पणी नहीं है। पहली टिप्पणी करें!