राहुल फिर कर गए फाउल: किताब पर घमासान; संसद में संग्राम
KHULASA FIRST
संवाददाता

सदन में ऐसे बने हालात, प्रधानमंत्री बोल तक नहीं पाए, महिला सांसदों ने घेरी पीएम की कुर्सी
‘यूजीसी' पर घिरी मोदी सरकार के समक्ष नेता प्रतिपक्ष ने एक बार फिर स्थिति कर दी ‘ईजी'
घेरना था सरकार को ‘स्वर्ण' पर, ‘रागा' फिर ले आए चीन का राग, हाथ कुछ नहीं आया, हंगामे में सिमट गया सदन
‘स्वर्ण' मसले पर मोदी सरकार को घेरने का था ‘स्वर्णिम अवसर', देश को ‘यूजीसी' पर विपक्ष के साथ की थी आस
स्व. बेअंतसिंह के पोते, केंद्रीय मंत्री रवनीत बिट्टू को ‘गद्दार दोस्त' बोल एक नया विरोध का मोर्चा खोल बैठे राहुल गांधी
राष्ट्रपति के अभिभाषण पर चर्चा का लोकसभा में जवाब नहीं दे पाए प्रधानमंत्री, आज राज्यसभा में देंगे जवाब
नितिन मोहन शर्मा 94250-56033 खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
क्या देश के नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने फिर एक गलत मुद्दे को उठाकर हाथ आया ‘स्वर्ण' मसले जैसा ‘स्वर्णिम' मौका खो दिया? एक किताब को हाथ में लेकर राहुल फिर ‘फाउल' खेल गए? ये सवाल देश की सबसे बड़ी पंचायत यानी लोकसभा में बीते तीन दिन से मचे शोर से उपजा है और अब जनचर्चा का विषय बन गया है।
बजट सत्र में देश की संसद में जबरदस्त हंगामा व कोहराम मचा हुआ है। ये हालात आम आदमी से जुड़ी किसी समस्या को लेकर नहीं हैं। विपक्ष के नेता की बांहें किसी ताजा विषय पर नहीं तनी हुई हैं। वे एक ‘काल-कवलित' मुद्दे पर हमेशा की तरह संसद के गेट पर खड़े हैं।
नेता प्रतिपक्ष एक बार फिर मुद्दे के बजाय व्यक्ति को निशाने पर रखे हुए हैं। नेता को घेरने में वे देश को घेरते नजर आ रहे हैं। वह भी एक ऐसे मुद्दे पर, जो देशविरोधी ताकतों के प्रोपेगेंडा को जाने-अनजाने ताकत देता है। बजाय संसद में ताजा व ज्वलंत मसलों पर सरकार को घेरने के, राहुल गांधी एक बार फिर ‘चीनी सामान' जैसा चीन का मुद्दा लेकर एनडीए सरकार से भिड़ लिए।
पूर्व सैन्य प्रमुख की एक अप्रकाशित पुस्तक के जरिये वे प्रधानमंत्री को ‘डरपोक' व रक्षामंत्री को ‘नाकारा' साबित करने में जुटे हैं। ये सब वे ऐसे समय कर रहे हैं, जब ये देश नेता प्रतिपक्ष से यूजीसी की नई नीति को लेकर सरकार से लड़ने-भिड़ने की उम्मीदें रख रहा था।
अब बजट सत्र, राष्ट्रपति के अभिभाषण पर चर्चा जैसे अहम समय में संसद ठप पड़ी है तो वह भी उस ‘डोकोलाम' पर, जो अब देश के जनमानस के लिए इतना अहम नहीं, जितना विश्वविद्यालयों में हमारे-आपके बच्चों के भविष्य से जुड़ा यूजीसी का मसला।
संसद में इन दिनों ‘किताब बनाम किताब' की राजनीति के तहत जोरदार संग्राम चल रहा है। विपक्ष ने पूर्व सेना प्रमुख एमएम नरवणे की प्रकाशन से दूर एक किताब का हवाला देकर सरकार को चीन और डोकलाम के मुद्दे पर घेरा। इसके जवाब में बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने कांग्रेस और नेहरू-गांधी परिवार को निशाना बनाते हुए पुरानी और प्रतिबंधित पुस्तकों की एक "लाइब्रेरी’ सदन में लाकर गंभीर आरोप लगाए।
राहुल गांधी ने पूर्व सेना प्रमुख जनरल एमएम नरवणे की एक किताब का संदर्भ दिया, जिसमें लद्दाख गतिरोध (2020) के दौरान की परिस्थितियों का जिक्र है। विपक्षी दलों ने इस किताब के माध्यम से चीनी घुसपैठ का मुद्दा उठाकर सरकार पर सवाल उठाए।
सत्ता पक्ष ने भी पलटवार किया और इसकी कमान तेजतर्रार बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने संभाली। उन्होंने पलटवार करते हुए एमओ मथाई की किताब ‘द रेड सारी' और ‘द एक्सीडेंटल प्राइम मिनिस्टर' जैसी कई अन्य पुस्तकों का हवाला दिया। इन पुस्तकों का उपयोग करके कांग्रेस की पुरानी नीतियों और गांधी परिवार पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए गए।
इसमें नेहरू से लेकर इंदिरा व राजीव तक के जीवन से जुड़े विवादित विषय शामिल हैं। हालांकि विपक्ष ने इस पर कड़ी आपत्ति जताई। उधर, सरकार ने नियम 349 का हवाला देकर कहा कि सदन में किसी भी ऐसी पुस्तक या दस्तावेज़ का उपयोग नहीं किया जा सकता, जो प्रकाशित न हो या जिस पर बहस चल रही हो।
इस ‘किताब युद्ध' के कारण संसद में इतना हंगामा हुआ कि कार्यवाही बार-बार स्थगित करनी पड़ी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राष्ट्रपति के अभिभाषण पर चर्चा का जवाब तक नहीं दे पाए। विपक्ष की महिला सांसदों ने तो प्रधानमंत्री की कुर्सी की ही घेराबंदी कर ली।
इस मुद्दे पर रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने भी आपत्ति जताई। सियासी आरोप-प्रत्यारोप के कारण बजट सत्र हंगामे की भेंट चढ़ गया। यहां दोनों पक्ष एक-दूसरे पर निशाना साधने के लिए अलग-अलग किताबों का इस्तेमाल कर रहे हैं। इस प्रकार एक पुस्तक-आधारित राजनीतिक लड़ाई में जनता के मूलभूत मुद्दे नदारद हो गए।
सिख मंत्री को ‘गद्दार दोस्त' बोलकर फंस गए राहुल गांधी?
संसद में राहुल गांधी द्वारा केंद्रीय मंत्री रवनीत बिट्टू को "गद्दार दोस्त’ कहने के मुद्दे पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच एक नया घमासान छिड़ गया है। संसद में ताजा ‘संग्राम' राहुल गांधी और रवनीत बिट्टू के बीच हुई तीखी बहस से जुड़ा है।
एक वीडियो सोशल मीडिया पर बुधवार को जमकर वायरल हुआ, जिसमें दोनों ने एक-दूसरे पर गंभीर आरोप लगाए हैं। वीडियो में संसद के मकर द्वार पर प्रदर्शन कर रहे राहुल गांधी ने केंद्रीय मंत्री को ‘गद्दार’ शब्द बोला। जवाब में उन्हें मंत्री ने देश का दुश्मन कह दिया।
केंद्रीय मंत्री रवनीत बिट्टू पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री स्व. बेअंतसिंह के पोते हैं और अब भाजपा ने इसे सिखों के अपमान से जोड़कर देशव्यापी प्रदर्शन शुरू कर दिया। ‘गद्दार दोस्त' को भी राहुल का एक और ‘फाउल' करार दिया जा रहा है। लिहाजा बीजेपी ने राहुल गांधी के बयान की आलोचना की और संसद में उनके व्यवहार पर सवाल उठाए हैं।
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