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इस मुद्दे पर हाई कोर्ट में जनहित याचिका: 'खुलासा फर्स्ट' ने प्रमुखता से उठाया मामला; इस दिन करेगी डिवीजन बेंच सुनवाई

KHULASA FIRST

संवाददाता

14 अप्रैल 2026, 4:29 pm
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इस मुद्दे पर हाई कोर्ट में जनहित याचिका

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
विभिन्न बीमारियों से पीड़ित लोगों की मेडिकल जांच हेतु वसूले जाने वाले रेट एवं दवाइयों की कीमतों में भारी अंतर को लेकर हाई कोर्ट में एक जनहित याचिका दायर की गई है। कल जस्टिस विजय कुमार शुक्ला एवं जस्टिस आलोक अवस्थी की डिवीजन बेंच इस पर सुनवाई करेगी। उल्लेखनीय है कि 'खुलासा फर्स्ट' ने 13 अप्रैल 2026 के अंक में इस मुद्दे का विस्तार और विविध जानकारी के साथ खुलासा किया था।

यह जनहित याचिका वरिष्ठ पत्रकार रमण रावल द्वारा सीनियर एडवोकेट विजय आसुदानी के माध्यम से दायर की गई है। इसमें मुख्य रूप से मेडिकल सुविधा से जुड़े दो बिंदु शामिल किए गए हैं। इनमें पहला बिंदु मेडिसिन (दवाइयों) के रेट में भारी अंतर का लिया गया है।

इसमें कहा गया है एक ही तरह के ड्रग्स वाली मेडिसिन के अलग-अलग कंपनियों के रेट काफी अधिक है। उदाहरण के लिए बुखार की पैरासिटामॉल ड्रग्स की किसी कंपनी की टेबलेट का रेट 5 रुपए है तो इसी ड्रग वाली अन्य कंपनियों के रेट तीन से चार गुना है। याचिका में ऐसे कई महत्वपूर्ण ड्रग्स वाली मेडिसिंस की कीमतों में अंतर की लिस्ट भी लगाई गई है।

इसी तरह दूसरा बिंदु विभिन्न बीमारियों की जांच को लेकर अलग-अलग लैब अथवा निजी अस्पतालों द्वारा तय रेट में भारी असमानता का उठाया गया है। इसमें भी प्रमुख लैब एवं निजी अस्पतालों द्वारा मेडिकल जांचों के लिए वसूली जा रही राशि की जानकारी भी दी गई है।

याचिका में यह भी कहा गया है कि यदि कोई व्यक्ति यदि किसी सस्ती रेट वाली लैब से जांच करा लेता है, तो कई डॉक्टर उस जांच रिपोर्ट को मान्य ही नहीं करते हैं। याचिका में जनता के साथ हो रही इस लूट पर रोक लगाने और इनके रेट एक समान किए जाने की गुहार कोर्ट से की गई है।

याचिका में बताया गया है कि सरकार ने करीब दस साल पहले इसे लेकर कानून बना दिया था लेकिन इसका आज तक नोटिफिकेशन नहीं हुआ है। कोर्ट से यह नोटिफिकेशन जारी करवाए जाने की भी गुहार की गई है।

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