साफ पानी देना सरकार की जिम्मेदारी, राहुल: बॉम्बे हॉस्पिटल व भागीरथपुरा में पीड़ितों से मिले नेता प्रतिपक्ष गांधी
KHULASA FIRST
संवाददाता

सज्जनसिंह वर्मा ने राहुल गांधी को दी त्रासदी की विस्तृत जानकारी
पर्यटकों का भी स्वागत करता है इंदौर
विजयवर्गीय के तंज पर भड़के सज्जन वर्मा
सिलावटजी आप इतने दिनों तक कहां थे?
खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
राहुल गांधी ने भागीरथपुरा पहुंचकर त्रासदी प्रभावित शोकाकुल परिवारों से मुलाकात की। प्रियजनों को खो चुके परिवारों से उनका दर्द सुना, दुःख में सहभागी बने और भरोसा दिलाया उनकी आवाज़ को दबाने नहीं दिया जाएगा तथा न्याय दिलाने के लिए कांग्रेस पूरी मजबूती से साथ खड़ी रहेगी।
मीडिया से कहा- समाधान अस्थायी
राहुल गांधी ने मीडिया से कहा जिस पानी की टंकी से क्षेत्र में जलापूर्ति हो रही है, उसमें आज भी साफ पानी नहीं है। बैंडेज जैसा अस्थायी इंतजाम कर दिया गया है, जो कुछ दिन चलेगा। अभी मीडिया और देश का ध्यान है इसलिए व्यवस्था दिख रही है।
जैसे ही ध्यान हटेगा, हालात फिर पहले जैसे हो जाएंगे। स्थानीय लोग किसी गलत मांग के साथ नहीं, बल्कि केवल तरीके से समाधान और स्थायी रूप से साफ पानी मांग रहे हैं। साफ पानी देना सरकार की जिम्मेदारी है। यहां के लोग यही कह रहे हैं और मैं उनके समर्थन में खड़ा होने आया हूं।
राजनीति नहीं, जिम्मेदारी निभाने आया हूं
राहुल ने स्पष्ट किया यह राजनीतिक मुद्दा नहीं है। विपक्ष का नेता हूं। यहां लोगों की मृत्यु हुई है और आज भी साफ पानी नहीं मिल रहा है। उनकी मदद करना, उनके साथ खड़ा होना मेरी जिम्मेदारी है। देश में कहीं भी स्वच्छ पेयजल न मिलना गंभीर विषय है और सरकार को इस पर संवेदनशीलता के साथ ठोस कदम उठाने चाहिए। मीडिया से अपील की पीड़ितों की आवाज़ को मजबूती से उठाए और उनकी मदद करे।
पीड़ितों को सहयोग, 20 परिवारों से मुलाकात
पीड़ित मनीष पवार ने बताया राहुल गांधी 20 पीड़ित परिवारों से मिले। इस दौरान पीड़ितों की मदद के लिए एक-एक लाख रुपए के चेक प्रदान किए। इस कांड में मेरी माता का निधन हुआ है। जल ही जीवन है, लेकिन यहां जल ही मृत्यु का कारण बन गया। अभी हमारा परिवार नल का पानी उपयोग नहीं कर रहा।
पैसा नहीं, शुद्ध पानी चाहिए
एक अन्य पीड़ित परिवार की महिला शानू प्रजापत ने बताया उनकी सास की उल्टी-दस्त के कारण मृत्यु हो गई। अस्पताल तक ले जाने का मौका नहीं मिला। एक लाख का चेक मिला है, सरकार से दो लाख की मदद मिली है लेकिन हमें पैसा नहीं शुद्ध पानी चाहिए। कब तक आरओ का पानी खरीदकर पिएंगे?
प्रशासनिक लापरवाही पर सवाल
भागीरथपुरा दूषित जल कांड ने एक बार फिर प्रशासनिक लापरवाही और मूलभूत सुविधाओं की कमी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। राहुल गांधी का दौरा संकेत है यह मुद्दा राष्ट्रीय चिंता का विषय बन चुका है।मप्र प्रभारी हरीश चौधरी, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी, विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार, प्रदेश सह-प्रभारी संजय दत्त, उषा नायडू, पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह, कांग्रेस कार्यसमिति सदस्य कमलेश्वर पटेल, केंद्रीय चुनाव समिति सदस्य ओमकार मरकाम, राज्यसभा सांसद अशोक सिंह, पूर्व सांसद मीनाक्षी नटराजन, पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष कांतिलाल भूरिया, राष्ट्रीय सचिव सत्यनारायण पटेल, युवा कांग्रेस अध्यक्ष उदयभानु चिब, प्रदेश उपाध्यक्ष सुखदेव पांसे, पूर्व महिला कांग्रेस अध्यक्ष शोभा ओझा, पूर्व मंत्री सज्जनसिंह वर्मा, जयवर्धन सिंह, विधायक महेश परमार, सेवादल के प्रदेश अध्यक्ष अवनीश भार्गव, पूर्व महिला कांग्रेस अध्यक्ष अर्चना जायसवाल, शहर कांग्रेस अध्यक्ष चिंटू चौकसे एवं ग्रामीण अध्यक्ष विपिन वानखेड़े सहित वरिष्ठ नेता एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
भागीरथपुरा दूषित जल कांड ने प्रशासनिक लापरवाही और मूलभूत सुविधाओं की कमी पर एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं। राहुल गांधी का दौरा इस बात का संकेत है कि यह मुद्दा केवल स्थानीय नहीं, बल्कि राष्ट्रीय चिंता का विषय बन चुका है।
भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित पेयजल के कारण 24 मौतें राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में हैं। इस गंभीर घटना को लेकर लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी शनिवार को आए। पहले बॉम्बे हॉस्पिटल जाकर दूषित जल से प्रभावित और इलाजरत मरीजों से मुलाकात की। इसके बाद भागीरथपुरा पहुंचकर मृतकों के परिजनों और पीड़ित परिवारों से संवाद किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि साफ पानी देना सरकारी की जिम्मेदारी है।
कांग्रेस की जांच रिपोर्ट भी सौंपी
शनिवार को विमानतल पर पूर्व मंत्री सज्जनसिंह वर्मा ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी से मुलाकात की। भागीरथपुरा में दूषित पेयजल से हुई जनहानि और सैकड़ों लोगों के बीमार होने सहित समूचे घटनाक्रम से अवगत कराया। वर्मा ने राहुल गांधी को बताया कैसे प्रशासनिक लापरवाही, तकनीकि विफलता और भाजपा सरकार की राजनीतिक असंवेदनशीलता के कारण निर्दोष नागरिकों की जान गई।
उन्हें सौंपी रिपोर्ट में स्पष्ट किया गया है वर्षों से गंदे पानी की शिकायतें होती रहीं, पर प्रशासन व भाजपा शासित निगम परिषद ने अनदेखी की। दोषी अधिकारी व भाजपा जनप्रतिनिधि आज भी जवाबदेही से बच रहे हैं। राहुल गांधी ने त्रासदी पर गहरी चिंता व्यक्त कर पीड़ित परिवारों को न्याय दिलाने के लिए हर संभव कदम उठाने का भरोसा दिलाया।
प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी,नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार, राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह, कांतिलाल भूरिया, ओमकार सिंह मरकाम, कमलेश्वर पटेल, सचिन यादव,राज्यसभा सांसद अशोक सिंह, तराना विधायक महेश परमार, विधायक प्रताप ग्रेवाल, सहित कांग्रेस जन उपस्थित थे।
राहुल गांधी के दौरे पर विजयवर्गीय का तंज
मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के इंदौर आगमन पर प्रतिक्रिया व्यक्त की है। कहा शहर की परंपरा है आने वाले हर व्यक्ति का स्वागत किया जाता है, फिर चाहे वह पर्यटक के रूप में आए या किसी अन्य भूमिका में। राहुल गांधी के दौरे का जिक्र कर विजयवर्गीय ने स्पष्ट किया वर्तमान में स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में हैं, लेकिन इसके बावजूद वे एक अतिथि के रूप में राहुल गांधी का स्वागत करते हैं।
विजयवर्गीय ने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए उन्हें आपदा पर्यटक करार दिया। कहा राहुल गांधी हमेशा एक पर्यटक की भांति आते हैं और इस बार भी वे केवल फोटो खिंचवाने के उद्देश्य से आए। उन्होंने जोर देकर कहा कि इस प्रकार के दौरों से जमीनी हकीकत नहीं बदलती और अंततः इंदौर के विकास की जिम्मेदारी प्रदेश सरकार को ही निभाना है।
तुम लाशें बिछाओ ...और हम सांत्वना भी न दें
भागीरथपुरा हादसे ने तीखे राजनीतिक युद्ध का रूप ले लिया है। जुबानी जंग तब और तेज हो गई जब मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने राहुल गांधी के इंदौर दौरे को आपदा पर्यटन का नाम दे दिया। विजयवर्गीय के इस प्रहार पर कांग्रेस के कद्दावर नेता सज्जन सिंह वर्मा ने बेहद आक्रामक रुख अपनाते हुए उन्हें आईना दिखाने की कोशिश की।
दो टूक लहजे में कहा, थोड़े दिन चुप हो जाओ यार कैलाश! यह तुम्हारा दुर्भाग्य है कि तुम उस जननायक को पर्यटक कह रहे हो जो पीड़ितों के आंसू पोंछने आया है।
वर्मा ने भाजपा की घेराबंदी करते हुए उन जख्मों को कुरेदा जिन्हें प्रशासन और सरकार की लापरवाही बताया जा रहा है। कहा एक ओर 24 लाशें बिछ गईं, वहीं दूसरी ओर भाजपा का शीर्ष नेतृत्व संवेदनहीन बना रहा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मुंह से इस त्रासदी पर दो शब्द तक नहीं निकले।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और सांसद शंकर लालवानी को भी कटघरे में खड़ा किया। वर्मा का आरोप है मुख्यमंत्री इंदौर के दो फेरे लगाकर चले गए और सांसद शहर में होने के बावजूद भागीरथपुरा की गलियों तक नहीं पहुंचे, जहां मातम पसरा था।
कांग्रेस नेता ने भाजपा नेताओं की सक्रियता पर तंज कसते हुए कहा असल में पर्यटन तो सत्ताधारी दल के नेता कर रहे हैं, जिन्हें अपनों को खोने वालों का दर्द दिखाई नहीं दे रहा। उन्होंने गर्व से कहा हमारा नेता राहुल गांधी पर्यटन करने नहीं, बल्कि उन परिवारों को यह अहसास कराने आया था कि इस दु:ख की घड़ी में कोई उनके साथ खड़ा है।
स्पष्ट किया कांग्रेस ने केवल राजनीति नहीं की, बल्कि अपनी सामर्थ्य के अनुसार पीड़ित परिवारों की करीब डेढ़ –डेढ़ लाख रुपए की आर्थिक मदद भी की है। इंदौर की राजनीति में अब यह बहस ‹सेवा बनाम पर्यटन› के इर्द-गिर्द सिमट गई है, जिसने आने वाले दिनों में सियासी पारा और चढ़ने के संकेत दे दिए हैं।
भागीरथपुरा की त्रासदी पर सांवेर में लड़ाई
भागीरथपुरा में दूषित पानी से हुई मौतों पर दु:ख जताने आए राहुल गांधी के जाने के बाद सांवेर में राजनीतिक लड़ाई शुरू हो गई। मंत्री तुलसी सिलावट ने कहा कि 20 दिन बाद राहुल क्यों आए? तो जवाब में उनके खिलाफ चुनाव लड़ी प्रदेश महिला कांग्रेस अध्यक्ष रीना बौरासी ने कहा कि आप इतने दिनों से कहां थे? आप क्यों यहां नहीं पहुंचे?
भागीरथपुरा में जो हालात है, वैसे ही इस बस्ती के बाहर राजनीति में भी हैं। भाजपा सरकार अपनी त्वरित कार्रवाई को संवेदनशील उदाहरण बता रही है तो दूसरी ओर कांग्रेस इसे राजनीतिक प्रचार बताते हुए सरकार पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है।
दोनों पक्ष आमने-सामने हैं और आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव खुद प्रभावित क्षेत्र में पहुंचे, पीड़ित परिवारों से मुलाकात की और स्वास्थ्य, स्वच्छ पेयजल, नि:शुल्क इलाज और सेनिटेशन व्यवस्था को तत्काल मजबूत करने के निर्देश दिए। सरकार का दावा है कि समय पर हस्तक्षेप के चलते हालात पर नियंत्रण पाया गया है।
जब हालात सबसे गंभीर थे, तब कहां थे आप
कल जल संसाधन मंत्री तुलसी सिलावट ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के 20 दिन बाद इंदौर दौरे पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब हालात सबसे गंभीर थे, तब न वे, न कांग्रेस कहीं नजर नहीं आई। अब हालात सामान्य होने के बाद दौरा किया जा रहा है।
सिलावट ने दावा किया कि जब लोग संकट में थे, तब सरकार जमीन पर थी। 20 दिन बाद का यह दौरा संवेदना नहीं, राजनीति का संदेश देता है। इस पर उनके खिलाफ सांवेर से चुनाव लड़ चुकी प्रदेश महिला कांग्रेस अध्यक्ष रीना बौरासी ने कहा कि राहुल गांधी के दौरे पर सवाल उठाने से पहले भाजपा यह बताए कि भागीरथपुरा त्रासदी के बाद 20 दिनों तक आप खुद, कई मंत्री और जनप्रतिनिधि कहां थे।
आप खुद क्या कर रहे थे?
बौरासी ने कहा कि संकट के समय केवल एक दिन का दौरा और फोटो खिंचवाना संवेदना नहीं होता। उन्होंने आरोप लगाया कि कई दिनों तक पीड़ित परिवार मदद के लिए भटकते रहे, जबकि सरकार अब अपनी पीठ थपथपा रही है। आज आप पूछ रहे हैं राहुल गांधी 20 दिन बाद क्यों आए तो पहले यह बताइए कि इन 20 दिनों में आप खुद क्या कर रहे थे?
भागीरथपुरा क्षेत्र में राहुल गांधी के दौरे के दौरान कांग्रेसियों में भारी उत्साह दिखाई दिया। राहुल गांधी के साथ प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी, विधानसभा में प्रतिपक्ष नेता उमंग सिंघार, ग्रामीण कांग्रेस जिला अध्यक्ष विपिन वानखेड़े व शहर अध्यक्ष चिंटू चौकसे मौजूद रहे। वहीं क्षेत्र में भारी सुरक्षा बल चप्पे-चप्पे पर नजर रख रहा था।
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