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जिलाबदर बदमाश आशीष पाल पर रासुका की तैयारी: शहर में दो वारदातों के बाद गिरफ्तारी

KHULASA FIRST

संवाददाता

13 फ़रवरी 2026, 9:14 पूर्वाह्न
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जिलाबदर बदमाश आशीष पाल पर रासुका की तैयारी

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
परदेशीपुरा थाना क्षेत्र में सिलसिलेवार दो वारदातों को अंजाम देने वाले जिलाबदर आशीष पाल की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने केस में सख्ती बढ़ा दी है। एक दिन पहले हुई चाकूबाजी और मारपीट की घटनाओं के फॉलोअप में पुलिस ने खुलासा किया है आरोपी पर राज्य सुरक्षा अधिनियम के तहत भी कार्रवाई की जा रही है।

जोन-2 के डीसीपी कुमार प्रतीक के मुताबिक टीआई आरडी कानवा के नेतृत्व में गठित टीम ने मुखबिर की सूचना और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पांच घंटे के भीतर आशीष पाल (35) पिता दिलीप पाल निवासी फिरोज गांधी नगर को दबोच लिया। बचने के लिए अंधेरे में ही भागा इसलिए गिरने से हाथ-पैर में चोट आई। आरोपी से वारदात में प्रयुक्त चाकू भी बरामद कर लिया गया है।

पुलिस जांच में सामने आया कि आदर्श बिजासन नगर निवासी नितिन पंवार ने शिकायत की थी कि दोपहर करीब 3 बजे कमेटी हॉल के पास आशीष अपने साथियों के साथ बाइक से पहुंचा और शराब के लिए रुपए मांगने लगा। मना करने पर हाथ पर चाकू से वार कर दिया। कुछ घंटों बाद गुरुनानक कॉलोनी निवासी विकास दुबे के साथ चौकसे धर्मशाला के पास मारपीट कर उससे भी शराब के लिए रुपए मांगे गए।

दोनों मामलों में आशीष पाल, शुभम पंडित और अन्य साथियों के खिलाफ अलग-अलग प्रकरण दर्ज किए गए हैं। पुलिस के अनुसार एक फरियादी नितिन पंवार भी थाना क्षेत्र का लिस्टेड बदमाश है और प्रारंभिक जांच में रंजिश की बात सामने आई है।

गौरतलब है 2025 में पुलिस कमिश्नर ने आशीष पाल को एक वर्ष के लिए जिलाबदर किया था। इसके बावजूद शहर में अपराध करने पर राज्य सुरक्षा अधिनियम (रासुका) के तहत भी कार्रवाई शुरू की है। पुलिस का कहना है आरोपी का पूरा आपराधिक रिकॉर्ड खंगाल रहे हैं।

सीसीटीवी फुटेज से पकड़ाए बाड़े को आग लगाने वाले
निरंजनपुर क्षेत्र में रंजिश के चलते एक ग्वाले के बाड़े में देर रात आग लगाने का मामला सामने आया था। दो मवेशी बुरी तरह झुलस गए थे। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज के आधार पर दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। टीआई तारेश सोनी के मुताबिक बुधवार रात करीब 2 बजे दीमानसिंह चंदेल के बाड़े में आग लगी थी।

पड़ोसियों ने धुआं और लपटें देखीं तो तुरंत दीमान को जगाया। सभी ने मिलक बुझाने की कोशिश की। इस दौरान बाड़े के अंदर बंधे दो मवेशियों को निकाला गया, लेकिन तब तक वे गंभीर रूप से झुलस चुके थे।घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग खंगाली।

फुटेज में दो संदिग्ध युवक नजर आए, जिनकी पहचान आकाश उर्फ घोड़ी पुत्र सोमे कोरी निवासी सोमनाथ की चाल और सिद्धार्थ उर्फ सिदू पुत्र सुरेश वानखेडे के रूप में हुई। प्रारंभिक जांच में सामने आया दोनों ने रंजिश के चलते नशे में आग लगाई थी।

पुलिस ने गुरुवार को घेराबंदी कर दोनों आरोपियों को पकड़ लिया। पुलिस को देखकर भागे लेकिन गिर पड़े और पकड़े गए। टीआई के अनुसार सिद्धार्थ पर पहले से करीब पांच आपराधिक मामले दर्ज हैं। आगजनी और अन्य संबंधित धाराओं में केस दर्ज किया है। इधर, मवेशियों का पशु चिकित्सालय में इलाज जारी है।

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