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पुलिस आधा दर्जन से ज्यादा गाड़ियां और करेगी जब्त: गाड़ियां गिरवी रख ठगी के पैसों से अय्याशी करता था कालरा

KHULASA FIRST

संवाददाता

28 जनवरी 2026, 8:50 पूर्वाह्न
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पुलिस आधा दर्जन से ज्यादा गाड़ियां और करेगी जब्त

ठग संजय कालरा का कल होगा रिमांड खत्म

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
दो दर्जन से ज्यादा की गाड़ियों की हेराफेरी करने वाले शातिर ठग संजय कालरा को अन्नपूर्णा पुलिस रिमांड पर लेकर पूछताछ कर रही है, जिसने रिमांड के दौरान कई राज उगलते हुए और आधा दर्जन से ज्यादा गाड़ियों की हेराफेरी करना कबूला है।

उसकी निशानदेही पर पुलिस उक्त गाड़ियों को जब्त करने की कोशिश कर रही है। खास बात यह है कि ठग संजय कालरा के रिमांड के दौरान भी उसके खिलाफ कई आवेदक सामने आ चुके है। जिसके चलते पुलिस उससे सख्ती से पूछताछ कर रही हैं। पूछताछ में कालरा ने ठगी के पैसों से इसकी टोपी उसके सर करना और अय्याशी पर उड़ाना बताया है।

जानकारी के मुताबिक सुदामा नगर निवासी संजय करिरा उर्फ कालरा को पिछले दिनों अन्नपूर्णा पुलिस ने कारों की हेराफेरी करने के मामले में गिरफ्तार किया था। आरोपी के खिलाफ उस समय 9 से ज्यादा लोगों ने शिकायत की थी।

जो कि बढ़ते बढ़ते दो दर्जन से ज्यादा हो गई थी। संजय की गिरफ्तार के बाद पुलिस ने उससे एक-एक कर 30 गाड़िया जब्त की थी। उसके वावजूद शिकायतकर्ता लगातार सामने आ रहे थे। जिनसे खुलासा हुआ कि ठगौरे संजय कालरा ने 30 ही नही बल्कि और गाड़ियों की ठगी की है।

पुलिस ने उससे सख्ती से पूछताछ की तो उसने 8 से 9 और गाड़ियों की हेराफेरी करना कबूला हैं। जिसकी निशानदेही पर पुलिस उक्त गाड़ियों की बरामद में लग गई है। सूत्रों के मुताबिक रिमांड पर संजय कालरा ने यह भी उगला है कि वह ठगी की राशि से महंगे शोक पूरे करता था।

अधिकतर पैसे उसने अपनी ऐशो-आराम की अय्याशी में उड़ाए हैं तो कुछ राशि प्रॉपर्टी में लगा दिए है। जिसके चलते पुलिस उसकी संपत्ति के बारे में भी जानकारी जुटा रही हैं।

इसकी टोपी उसके सर
पुलिस पूछताछ में ठग संजय कालरा ने खुलासा किया है कि वह भोलेभाले लोगों से गाड़िया अच्छा रेंट देने का कहकर ले लेता था जिसके लिए वह बकायदा एग्रीमेंट करवाता था। राशि 30 से 50 हजार रुपए महीने तक फिक्स होती थी। जिसके बाद वह उक्त गाड़ियों खुद की बताकर दूसरे लोगों के पास गिरवी रख देता था।

इस दौरान वह गिरवी रखकर आई राशि से कार मालिकों को दो तीन माह तक रेंट दे देता था तो बाकी राशि अन्य माथे आने वाले लोगों को दे देता था। कोई ज्यादा माथे आता तो उन्हें अधिकारियों का नाम लेकर डराता था।

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