अब निगम मुख्यालय में दो राजस्व अधिकारियों की तैनाती: अंतत, अपर आयुक्त फेरबदल करने में सफल
KHULASA FIRST
संवाददाता

दूसरे विभागों के कर्मचारियों को सौंपी राजस्व विभाग में जिम्मेदारी
खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
निगम राजस्व विभाग में अपना प्रभाव जमाने और अपनी मंशा के अनुरूप कर्मचारियों की पदस्थापना के लिए लंबे से समय से प्रयासरत अपर आयुक्त के मंसूबे अंतत: पूरे हो गए। अब निगम मुख्यालय में एक की बजाय दो राजस्व अधिकारी मौजूद रहेंगे, दोनों ही अधिकारियों को 11-11 जोन की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसके अलावा कई दूसरे विभागों के कर्मचारियों को राजस्व विभाग में जिम्मेदारी सौंपी गई।
नगर निगम में अफसरों की अफसरशाही हावी है। इसके चलते ही अफसरों ने मनमानी करते हुए अपनी कमाई के रास्ते बना लिए हैं। इससे निगम का खजाना भले ही खाली हो, लेकिन अफसरों की जेब भर रही है। हाल ही में निगम राजस्व विभाग में अफसर और कर्मचारियों के बीच शुरू हुई नूराकुश्ती में अपर आयुक्त ने मातहत कर्मचारियों पर अपनी कामयाबी का परचम फहरा दिया है।
11-11 जोन की जिम्मेदारी सौंपी- निगम अपर आयुक्त ने निगमायुक्त पर अपना प्रभाव जमाकर निगम में नई व्यवस्था शुरू करा दी है। इसके तहत अब निगम मुख्यालय में दो राजस्व अधिकारी पदस्थ रहेंगे। इस तरह शहर के 22 जोनल कार्यालय को दो अधिकारियों के बीच बांटकर 11-11 जोन की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
ज्ञात रहे कि मौजूदा में अजीम खान मुख्यालय के राजस्व अधिकारी का जिम्मा संभाल रहे थे, लेकिन निगमायुक्त क्षितिज सिंघल ने आदेश जारी कर एक और राजस्व अधिकारी मयूर पाटिल को भी मुख्यालय में पदस्थापना के आदेश जारी किए हैं। इससे अब राजस्व विभाग के दो अफसर जोन के कामकाज की निगरानी करेंगे।
नई जिम्मेदारी - अपर आयुक्त राजस्व विभाग ने राजस्व विभाग के कर्मचारियों पर अपना प्रभाव जमाने के लिए निगमायुक्त क्षितिज सिंघल को गुमराह कर दूसरे विभागों में कार्यरत राजस्व विभाग के कर्मचारियों को नए सिरे से राजस्व विभाग में नई जिम्मेदारी सौंप दी है। इसके चलते परिषद कार्यालय में पदस्थ एआरओ कपिल दुबे, रिमूवल में तैनात एआरओ प्रणव तिवारी, रिमूवल में पदस्थ एआरओ ललित भावसार और शाला प्रकोष्ठ में कार्यरत दरोगा गौतम मालवीय को राजस्व विभाग की मुख्यधारा में शामिल कर दिया है।
प्रभाव का खेल
निगम राजस्व विभाग में फेरबदल किए जाने के बाद यह चर्चा शुरू हो गई है कि निगम राजस्व विभाग का अफसर निगमायुक्त को अपने प्रभाव में लेने में सफल रहा है। इसके चलते वह मुख्यालय में नई व्यवस्था लागू करने और दूसरे विभागों में कामकाज कर रहे राजस्व कर्मचारियों को वापस मूल विभाग में लाने में सफल रहा है।
हालांकि ऐसा पहला मौका नहीं है जब निगमायुक्त ने अपर आयुक्त के सुर में सुर मिलाया है। पहले भी राजस्व विभाग के लिए जारी आदेश में अपर आयुक्त की मंशा के अनुरूप ही पदस्थापनाएं की गई थीं।
विरोधियों पर निशाना
निगम राजस्व विभाग के अपर आयुक्त ने राजस्व विभाग में चल रही नूराकुश्ती में मातहत अफसरों को दिखा दिया है कि वह अपने मंसूबे किसी भी तरह पूरे कर सकता है। इसके लिए वह कुछ भी कर सकता है। उसके हर मंसूबे को पूरा करने में निगमायुक्त का साथ भी उसे मिला हुआ है।
इससे यह चर्चा शुरू हो गई है कि आने वाले दिनो में अपर आयुक्त अपने चहेते दागी अफसरो को कुर्सी पर बिठाने के लिए सहायक राजस्व अधिकारियो में फेरबदल की योजना बना सकता है। इस तरह एक अफसर की अफसरशाही को फायदा पहुंचाने में किसी न किसी रूप में निगमायुक्त की सहमति को लेकर भी चर्चा जोरो पर है।
संबंधित समाचार

छात्रा ने की आत्महत्या:घर में फांसी लगाकर दी जान; माता-पिता की थी इकलौती संतान

एमडी ड्रग्स फैक्ट्री का खुलासा:नशा बनाने की थी तैयारी; 1886 किलो केमिकल किया जब्त

NEET पीजी काउंसलिंग में इस कोटे पर छात्रों को राहत:हाईकोर्ट की किस खंडपीठ ने क्या कहा; अब किससे मांगा जवाब

पर्दे की आड़ में युवती के साथ क्या किया:किस बहाने ले गया था युवक; पुलिस ने किसे किया गिरफ्तार
टिप्पणियाँ
अभी कोई टिप्पणी नहीं है। पहली टिप्पणी करें!