अब मां-पिता जाएंगे जेल: चाइना डोर से पतंगबाजी पर अब 5 साल की सजा
KHULASA FIRST
संवाददाता

मौत का मांझा : कोर्ट ने स्वतः लिया संज्ञान, कलेक्टर-पुलिस कमिश्नर भी हुए सख्त
चाइनीज मांझे से पतंग उड़ाते नाबालिग पाए गए तो पैरेंट्स भी होंगे जिम्मेदार- कोर्ट
उज्जैन, देवास, शाजापुर, धार, झाबुआ, रतलाम, नीमच, मंदसौर, खरगोन, बड़वानी जिले भी निशाने पर
मकर संक्रांति का त्योहार कल, पतंगबाज ध्यान रखें, अब बीएनएस की धाराओं में दर्ज होगा आपराधिक केस
मोटे मुनाफे व कालाबाजारी कर मौत की डोर का कारोबार करने वाले अब सीधे होंगे जिलाबदर, अब तक 54 गिरफ्तार
नितिन मोहन शर्मा 94250-56033 खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
हाई कोर्ट ने स्वतः संज्ञान लिया। सोमवार को चाइनीज नायलॉन मांझे के खिलाफ सख्त निर्देश जारी किए। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि यदि कोई नाबालिग चाइनीज मांझे से पतंगबाजी करता हुआ पाया गया तो उसके अभिभावकों को भी जिम्मेदार ठहराया जाएगा और उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जा सकती है।
कोर्ट ने कहा है कि मकर संक्रांति के दौरान कोई चाइनीज मांझा बेचते व इस्तेमाल करते हुए पाया गया तो उसके खिलाफ बीएनएस 2023 की धारा 106(1) के तहत आपराधिक प्रकरण दर्ज किया जाएगा। कोर्ट ने माना कि इस मांझे के कारण लगातार मौतें व गंभीर दुर्घटनाएं हो रही हैं। ऐसे में किसी भी तरह की ढिलाई स्वीकार नहीं की जाएगी।
कोर्ट ने इंदौर पुलिस आयुक्त, कलेक्टर व इंदौर से लगे उज्जैन, देवास, धार, झाबुआ, रतलाम, शाजापुर, आलीराजपुर, नीमच, मंदसौर, बड़वानी और राजगढ़ के कलेक्टर तथा पुलिस अधीक्षकों को निर्देश दिए हैं कि अपने-अपने जिले में चाइनीज मांझे पर प्रतिबंध का कड़ाई से पालन कराया जाए।
हाई कोर्ट ने विशेष रूप से निर्देश दिए कि बाजारों में निगरानी बढ़ाई जाए और किसी भी स्थिति में इस जानलेवा मांझे का उपयोग न होने दें। इसके साथ प्रशासन को प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक व सोशल मीडिया के जरिये बड़े स्तर पर जनजागरूकता अभियान चलाने के आदेश भी दिए।
पतंगबाज खबरदार! अब 5 साल जेल, 1 लाख जुर्माना
अब तक मांझा बेचने वालों के खिलाफ सामान्य धाराएं लगाई जा रही थीं। पहली बार पुलिस ने पतंग उड़ाने वालों पर एनजीटी की धाराएं लगाई हैं। इसमें 5 साल तक की सजा व एक लाख तक जुर्माना या दोनों शामिल हैं। ये धाराएं दिल्ली व उत्तर प्रदेश में लगाई जाती रही हैं।
रविवार को थाना जूनी इंदौर ने जबरन कॉलोनी में दबिश देकर मनीष पिता शिवप्रसाद साहू व सुरेश पिता नत्थूलाल साहू को पकड़ा और इनके खिलाफ बीएनएस की धारा 125, 223(ए) धारा 15 पर्यावरण संरक्षण अधिनियम के तहत केस दर्ज किया।
हलकी चोट भी लगे तो कराएं केस, आरोपी को होगी सजा
हत्यारे पतंगबाजों पर लगाम तब ही लगेगी, जब उनके खिलाफ लोग सामने आएंगे। उंगली कटने जैसी हलकी चोट को भी नजरअंदाज न करें। केस दर्ज कराएं, दोषी को सजा होगी।
धारा 223 में 6 महीने तक की साधारण कैद या 2500 रुपए जुर्माना या दोनों हैं। अगर इससे जान जाती है तो सजा 1 साल कैद व 5 हजार रुपए जुर्माना है।
धारा 125 में 3 महीने कैद या 2500 रुपए जुर्माना। चोट लगने पर 6 महीने कैद या 5 हजार जुर्माना। गंभीर चोट पर 3 साल की सजा या 10 हजार रुपए जुर्माना।
एनजीटी के तहत धारा 15 पर्यावरण संरक्षण अधिनियम का उल्लंघन करने पर 5 साल की कैद या 1 लाख रुपए का जुर्माना या दोनों हो सकते हैं। अगर उल्लंघन जारी रहता है तो हर दिन 5 हजार का जुर्माना। एक साल से ज्यादा उल्लंघन जारी रहने पर 7 साल की जेल का प्रावधान है।
आखिरकार खुलासा फर्स्ट की 3 बरस से मौत की डोर के खिलाफ चल रही जनहित, पर्यावरण व पक्षियों की सुरक्षा की लड़ाई में पुलिस-जिला प्रशासन, दीगर हमपेशा साथियों के बाद अब माननीय न्यायालय का भी साथ मिल ही गया। सुकून की बात है कि इंदौर हाई कोर्ट ने इस मामले में स्वतः संज्ञान लिया और जिम्मेदारों के लिए कड़े दिशानिर्देश जारी किए।
मौत की डोर से पतंगबाजी का शौक पूरा करने वालों को सख्त ताकीद देते हुए कोर्ट ने पुलिस प्रशासन को इस मामले में नई कानूनी ताकत भी दी। अब उन मां-बाप व परिजन को भी कानून के दायरे में लिया गया है, जो अपने प्रियजन को जानलेवा मांझे से पतंग उड़ाने से रोक नहीं रहे।
अब पैरेंट्स भी दोषी होंगे और हवालात जाएंगे। उधर, अब भारतीय न्याय संहिता के साथ साथ नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल की धाराओं के तहत भी चाइनीज मांझे का इस्तेमाल करने वालों के खिलाफ कार्रवाई होगी। कलेक्टर ने इस आशय के आदेश भी जारी कर दिए।
कल मकर संक्रांति है और वे सब मौत की डोर वाले पतंगबाज सावधान हो जाएं, जो ये सोचते हैं कि पुलिस क्या कर लेगी? अब पुलिस पकड़ेगी तो अकड़ भी तोड़ेगी, अखबारों में फोटो भी छपेगा और 5 साल तक की जेल व 1 लाख का जुर्माना भी होगा।
अगर नाबालिग ये कृत्य करते पकड़ाया तो उसके माता-पिता जेल जाने को तैयार रहें। कोई ‘जेक-जरिया' काम न आएगा, क्योंकि चाइना मांझे से पतंगबाजी हत्या के समान है और हत्यारों को कोई नहीं बचाता।
कलेक्टर बोले- अब लापरवाही बर्दाश्त नहीं, गैर इरादतन हत्या का होगा केस
इंदौर कलेक्टर शिवम वर्मा ने चाइनीज मांझे से होने वाली लगातार जनहानि और पक्षियों की मौत को गंभीरता से लेते हुए सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि पतंगबाजी में चाइनीज मांझे का उपयोग पहले ही भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 163 के तहत प्रतिबंधित किया जा चुका है।
इसके बावजूद चोरी-छिपे इसका इस्तेमाल जारी है। कलेक्टर वर्मा ने कहा ऐसे मामलों में अब किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यदि प्रतिबंधित मांझे के कारण किसी व्यक्ति की मृत्यु होती है या गंभीर चोट आती है, तो दोषियों पर भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 106(1) के तहत गैर इरादतन हत्या जैसी सख्त कार्रवाई होगी, जिसमें पांच वर्ष तक की सजा और जुर्माने का प्रावधान है।
साथ ही आदेश उल्लंघन करने वालों पर धारा 223 के तहत भी केस दर्ज किया जाएगा। कलेक्टर ने साफ शब्दों में चेतावनी दी कि सामने न आने की सोच रखने वाले लोग भ्रम में न रहें, प्रशासन हर स्तर पर निगरानी कर रहा है। संदेश स्पष्ट है कि त्योहार की खुशी किसी की जान की कीमत पर नहीं हो सकती।
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