नर्मदा जयंती पर हुए हत्याकांड में नया मोड़: पीएम से पुष्टि के बाद दोस्तों की तलाश में पुलिस
KHULASA FIRST
संवाददाता

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
नर्मदा जयंती के दिन ओंकारेश्वर गए तिलक नगर क्षेत्र के युवक मनीष भट्ट की मौत की जांच जैसे-जैसे बढ़ रही है, कई चौंकाने वाले पहलू सामने आ रहे हैं। शुक्रवार को आई पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में साफ हो गया है मनीष की मौत डूबने नहीं हुई। साजिशन हत्या कर शव को नर्मदा में फेंका गया था। पोस्टमॉर्टम में हाथ-पैर बांधने के स्पष्ट निशान मिले हैं, जिससे पुलिस का शक और गहरा गया है।
पुलिस ने अज्ञात आरोपियों पर हत्या का केस दर्ज किया है। मनीष जिन दोस्तों के साथ ओंकारेश्वर गया था, उनकी पहचान और गतिविधियां अब पुलिस की जांच में हैं। परिजनों द्वारा पूछताछ करने पर दोस्तों का कोई ठोस जवाब न देना और बाद में संपर्क से बाहर हो जाना, कई सवाल खड़े कर रहा है। पुलिस उनकी कॉल डिटेल और लोकेशन खंगाल रही है।
मुखबिरी एंगल से जांच तेज
जांच में खुलासा हुआ है मनीष भट्ट का संपर्क इंदौर के कुछ पुलिसकर्मियों से था। वह मुखबिरी करता था। इसी एंगल पर पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि कहीं मुखबिर होने के शक में तो हत्या नहीं की गई।
इस दिशा में पुराने विवाद, आपराधिक नेटवर्क और हालिया गतिविधियों की जानकारी जुटाई जा रही है। परिजनों ने आशंका जताई है मनीष को कहीं और मारकर शव नर्मदा में फेंका गया।
उन्होंने निष्पक्ष और गहराई से जांच की मांग की है।मंधाता पुलिस का कहना है कि हर पहलू पर जांच की जा रही है। तकनीकी साक्ष्य, सीसीटीवी फुटेज और मोबाइल डाटा के आधार पर जल्द ही संदिग्धों को चिह्नित किया जाएगा।
संबंधित समाचार

कॉपी-किताब मोनोपोली पर सख्त कार्रवाई:स्कूल के संचालक-प्राचार्य पर एफआईआर; अभिभावक की शिकायत पर हुआ खुलासा

जोन 10 के उपयंत्री का 15 दिन का वेतन काटने और एल एंड टी कंपनी पर एक लाख की पैनल्टी लगाने के दिए निर्देश

फायर सेफ्टी को लेकर बड़ी कार्रवाई:कई व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को किया सील; कलेक्टर ने कही ये बात

वंदे मातरम् विवाद:महापौर पुष्यमित्र भार्गव और शेख अलीम की डील का नतीजा
टिप्पणियाँ
अभी कोई टिप्पणी नहीं है। पहली टिप्पणी करें!