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20 मौतों के बाद भी नहीं जागा नगर निगम: कीड़े मिले पानी की सप्लाई जारी; वीडियो वायरल होने से मचा हड़कंप

KHULASA FIRST

संवाददाता

07 जनवरी 2026, 10:18 पूर्वाह्न
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खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
भागीरथपुरा जल त्रासदी के दौरान नर्मदा पाइपलाइन में ड्रेनेज का गंदा पानी मिलने से मौतों का आंकड़ा बढ़कर 20 तक पहुंच गया है। हालात की गंभीरता को देखते हुए केंद्र सरकार की गाइडलाइन के अनुसार क्षेत्र को क्षेत्रीय महामारी घोषित किया गया है।

टैंकरों से उपलब्ध कराया जा रहा पानी
लोगों के स्वास्थ्य और संक्रमण के खतरे को ध्यान में रखते हुए नर्मदा का पीने योग्य पानी पूरी तरह बंद कर दिया गया है। नर्मदा जल आपूर्ति बंद होने के बाद इंदौर नगर निगम द्वारा टैंकरों के माध्यम से पानी उपलब्ध कराया जा रहा है।

अस्वच्छ टैंकर कर रहे सप्लाई
लेकिन इन टैंकरों की स्वच्छता और गुणवत्ता पर लगातार सवाल खड़े हो रहे हैं। पहले भी आरोप लग चुके हैं कि अयोग्य और गंदे टैंकरों से पीने का पानी वितरित किया जा रहा है।

सवाल उठने पर नगर निगम ने केवल औपचारिक कार्रवाई करते हुए टैंकरों पर रंग-रोगन करा दिया, जबकि हकीकत में वही पुराने और अस्वच्छ टैंकर आज भी क्षेत्र में पानी की सप्लाई कर रहे हैं।

पानी में कीड़े तैरते हुए दिखाई दिए
इसी बीच भागीरथपुरा क्षेत्र की पुरानी चौकी वाली गली में रहने वाले महेंद्र पाठक ने एक गंभीर खुलासा किया है। उन्होंने बताया कि जिस टैंकर से पीने का पानी वितरित किया जा रहा था, उसमें कीड़े तैरते हुए दिखाई दिए।

वीडियो आया सामने
इसका वीडियो उन्होंने सोशल मीडिया पर साझा किया, जिसके बाद पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया है। पहले ही क्षेत्रीय महामारी घोषित हो चुके भागीरथपुरा में एक बार फिर दूषित और कीड़े युक्त पानी की आपूर्ति सामने आने से रहवासियों की जान पर खतरा मंडराने लगा है।

जनता की जान से खिलवाड़ किया जा रहा
इस घटना ने प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि क्षेत्रीय राजनेता केवल कमीशनखोरी में लिप्त हैं और भोली-भाली जनता की जान से खिलवाड़ किया जा रहा है।

एफआईआर की तैयारी
मामला उजागर होने के बाद अब राजनीतिक दलों से जुड़े जिम्मेदार लोगों पर भी एफआईआर दर्ज किए जाने की चर्चाएं तेज हो गई हैं। क्षेत्रवासी दोषियों पर सख्त कार्रवाई करने और शुद्ध पेयजल की तत्काल, स्थायी व्यवस्था की मांग कर रहे हैं।

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