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अधूरे दस्तावेजों से दे दी एमपी पब्लिक स्कूल को मान्यता: आरटीआई में जानकारी मांगने पर हुआ खुलासा; जेडी कार्यालय में मचा हड़कंप

KHULASA FIRST

संवाददाता

12 फ़रवरी 2026, 8:54 पूर्वाह्न
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अधूरे दस्तावेजों से दे दी एमपी पब्लिक स्कूल को मान्यता

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
संभागीय संयुक्त संचालक और लिपिक ने एक निजी स्कूल को मान्यता देने के लिए जरूरी दस्तावेज लिए बिना ही मान्यता जारी कर दी। इसका खुलासा आरटीआई में मांगी गई जानकारी के बाद हुआ। इस खुलासे के बाद जेडी कार्यालय में हड़कंप मच गया है। खास यह है कि स्कूल से कमीपूर्ति कराए बिना मान्यता देने वाले अधिकारी और कर्मचारी दोनों की मृत्यु हो गई। इससे मामले में बड़ा पेंच फंस गया है।

स्कूल शिक्षा विभाग में स्कूलों की मान्यता को लेकर बड़ा खेल होता है। जिम्मेदार चाहे तो बिना दस्तावेज के ही मान्यता जारी कर देते हैं और उनकी मंशा नहीं है तो दस्तावेज होने के बाद भी मान्यता निरस्त कर अपील के लिए भेज दिया जाता है। इससे कुर्सी पर जमे अफसर और कर्मचारियों की जेब गर्म होती रहती है। स्कूल शिक्षा विभाग के ऐसे ही एक कारनामे का खुलासा जनहित में खुलासा फर्स्ट कर रहा है।

स्कूल से दस्तावेज मांगकर सौंप दिए

इस मामले में आरटीआई लगाकर जेडी कार्यालय से जानकारी चाही गई कि संभागीय संयुक्त संचालक द्वारा वर्ष 2023 में एमपी पब्लिक हायर सेकंडरी स्कूल को मान्यता किन दस्तावेजों के आधार पर दी गई। इसके चलते जो दस्तावेज दिए गए उनमें कई दस्तावेज कम पाए गए।

आवेदक ने कमी पूर्ति संबंधी दस्तावेजों की मांग की तो जेडी कार्यालय के अफसरों ने स्कूल से दस्तावेज मांगकर आवेदक को सौंप दिए, लेकिन कार्यालय में रखी फाइल में निजी स्कूल की मान्यता सबंधी कमीपूर्ति के दस्तावेज न होने से पूरे कार्यालय में सनसनी फैल गई। अफसरों ने भी मामले में अपने हाथ खड़े कर दिए हैं।

यह है मामला
बताया जाता है कि अशोक नगर स्थित एमपी पब्लिक हायर सेकंडरी स्कूल की मान्यता बिना कमीपूर्ति के ही जारी कर दी गई है। इसका खुलासा आरटीआई में हुआ तो विभाग में स्कूल की मान्यता फाईल खंगाली गई, लेकिन उसमें दस्तावेज नहीं मिले।

इससे यह दावा किया गया कि बिना दस्तावेजों के ही स्कूल को मान्यता जारी की गई है। वहीं विभाग ने लोक सूचना आयोग को स्पष्टीकरण देते हुए बताया है कि तत्कालीन संभागीय संयुक्त संचालक अनिल वर्मा और लिपिक दीपक भिंडोरिया की मृत्यु हो गई है।

मृत्यु के बाद पंचनामा बनाकर जब अलमारी खोली गई तो स्कूल की मान्यता फाइल में वह दस्तावेज नहीं मिले। इसके बाद दस्तावेजों की तलाश भी की गई, लेकिन जब दस्तावेज नहीं मिले तो संबंधित स्कूल संचालक से दस्तावेज लेकर आरटीआई आवेदक को सौंपे गए।

मनमानी का अंदेशा
संभागीय संयुक्त संचालक कार्यालय में हाई स्कूल व हायर सेकंडरी स्कूल की मान्यता संबंधी दस्तावेज न मिलने के बाद यह चर्चा शुरू हो गई है कि स्कूल शिक्षा विभाग में मान्यता का खेल बड़े पैमाने पर हो रहा है। अफसर की मेहरबानी से निजी स्कूल वाले बिना दस्तावेज प्रस्तुत किए मान्यता हासिल कर लेते हैं, जबकि पूरे दस्तावेज लगाने के बाद भी कई स्कूल संचालकों को अपील कर भोपाल के चक्कर लगाने पड़ते हैं। इस तरह जेडी कार्यालय में मान्यता के लिए अफसरों की मनमानी जारी है।

दस्तावेज उपलब्ध करा दिए हैं
जो दस्तावेज चाहे गए थे वह आरटीआई लगाने वाले को उपलब्ध करा दिए हैं। -किरनबाला चौहान, सहायक संचालक

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