गणतंत्र दिवस की परेड से मंत्री कैलाश विजयवर्गीय दूर: 10 दिन के अवकाश पर मंत्री; पहली बार सूची से नाम नदारद
KHULASA FIRST
संवाददाता

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
गणतंत्र दिवस के उल्लास और तिरंगे की आन-बान-शान के बीच इस बार मध्यप्रदेश की सियासी फिजांओं में एक बड़ी अनुपस्थिति चर्चा का केंद्र बन गई है। प्रदेश के दिग्गज नेता और नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय इस बार 26 जनवरी को ध्वजारोहण नहीं करेंगे।
सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी आधिकारिक सूची ने मंगलवार शाम सबको चौंका दिया, जब मंत्रियों के नामों की फेहरिस्त से प्रदेश के इस कद्दावर चेहरे का नाम गायब मिला। उनके प्रभार वाले जिलों धार और सतना में अब शासन के प्रोटोकॉल के तहत कलेक्टर तिरंगा फहराकर सलामी लेंगे।
सत्ता के गलियारों में इस गैर-मौजूदगी को लेकर कयासों का बाजार गर्म था, लेकिन स्वयं मंत्री विजयवर्गीय ने स्पष्ट किया कि वे 10 दिनों के अवकाश पर हैं। हालांकि उन्होंने सार्वजनिक रूप से अवकाश के कारणों का खुलासा नहीं किया, परंतु उनके कार्यालय से जारी एक मर्मस्पर्शी पत्र ने स्थिति साफ कर दी है।
पत्र के अनुसार, विजयवर्गीय परिवार में हुए निधन के कारण मंत्री ने अपने सभी सार्वजनिक और राजनीतिक कार्यक्रमों को स्थगित कर दिया है। यह शोक की घड़ी ही वह वजह है जिसके चलते वे इस बार गणतंत्र के सबसे बड़े उत्सव का हिस्सा नहीं बन पा रहे हैं।
आमतौर पर हर राष्ट्रीय पर्व पर अपनी सक्रियता और ऊर्जा के लिए पहचाने जाने वाले कैलाश विजयवर्गीय का इस तरह अचानक परिदृश्य से ओझल होना प्रशासनिक और राजनीतिक हलकों में एक रिक्तता पैदा कर गया है। जहां एक ओर राजधानी और जिलों में परेड की रिहर्सल अंतिम दौर में है, वहीं विजयवर्गीय का नाम सूची में न होना इस बार के आयोजन की सबसे बड़ी खबर बन गया है।
निजी शोक और पारिवारिक दायित्वों को प्राथमिकता देते हुए मंत्री ने इस बार खुद को सरकारी चकाचौंध से दूर रखने का निर्णय लिया है, जो उनके व्यक्तित्व के एक संवेदनशील पहलू को भी दर्शाता है।
संबंधित समाचार

NEET पीजी काउंसलिंग में इस कोटे पर छात्रों को राहत:हाईकोर्ट की किस खंडपीठ ने क्या कहा; अब किससे मांगा जवाब

पर्दे की आड़ में युवती के साथ क्या किया:किस बहाने ले गया था युवक; पुलिस ने किसे किया गिरफ्तार

युवती ने युवक को ऐसे कैसे पीटा:साथी युवक ने क्या पकड़ रखा था; वायरल वीडियो में क्या दिखाई दे रहा

राज्य पात्रता परीक्षा (सेट) इस दिन होगी:100 परीक्षा केन्द्रों पर इतने हजार परीक्षार्थी होंगे शामिल; इन दिशा-निर्देशों का पालन अनिवार्य
टिप्पणियाँ
अभी कोई टिप्पणी नहीं है। पहली टिप्पणी करें!