संघ और हिंदू संगठनों के लोग फोन कर बोल रहे- वंदे मातरम्: पार्षद रूबीना इकबाल ने बंद किया मोबाइल; लगाया आरोप
KHULASA FIRST
संवाददाता

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
‘वंदे मातरम्’ को लेकर विवाद और गहरा रहा है। कांग्रेस पार्षद रूबीना इकबाल ने लगातार आ रहे फोन से परेशान होकर मोबाइल फोन बंद कर दिया है। उनका आरोप है कि आरएसएस और अन्य हिंदू संगठनों के लोग उन्हें बार-बार कॉल कर ‘वंदे मातरम्’ बोलने के लिए कह रहे हैं।
रूबीना इकबाल के बेटे शाहबाज के अनुसार उनका मोबाइल नंबर विभिन्न ग्रुप्स में शेयर कर दिया गया है, जिसके बाद हर मिनट में कॉल आ रहे थे। कॉल करने वाले लोग उनसे ‘वंदे मातरम्’ बोलने को कह रहे थे। इससे परेशान होकर उन्हें फोन स्विच ऑफ करना पड़ा। फिलहाल वह अपने बेटे के मोबाइल के जरिए ही संपर्क में हैं।
हिंदू संगठनों का विरोध तेज- इस मामले को लेकर हिंदू संगठनों ने कड़ा विरोध जताया है। इससे पहले हिंदू जागरण मंच के जिला संयोजक सुमित हार्डिया ने सोशल मीडिया पर विवादित पोस्ट करते हुए फौजिया शेख अलीम के खिलाफ इनाम की घोषणा भी की थी। विवाद की शुरुआत तब हुई जब निगम के सत्र में फौजिया शेख देरी से पहुंचीं।
इस पर भाजपा पार्षद सुरेश कुरवाड़े ने टिप्पणी की, जिसके जवाब में फौजिया ने ‘वंदे मातरम्’ गाने से इनकार कर दिया। इसके बाद उन्हें सदन से बाहर कर दिया गया।
कांग्रेस और भाजपा आमने-सामने- मामले के तूल पकड़ने के बाद भाजपा ने दोनों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की व शिकायत दर्ज कराई। वहीं कांग्रेस संगठन ने भी सख्ती दिखाते हुए रुबीना इकबाल को पार्टी से निष्कासित करने के लिए भोपाल में पत्र भेज दिया है। साथ ही पार्टी कार्यक्रमों में ‘वंदे मातरम्’ को अनिवार्य करने का निर्णय लिया गया है।
बयान के बाद शुरू हुआ विवाद
पूरा मामला 8 अप्रैल को नगर निगम के बजट सत्र से शुरू हुआ। इसी दौरान कांग्रेस पार्षद फौजिया शेख अलीम के बयान पर विवाद खड़ा हुआ था। उन्होंने ‘वंदे मातरम्’ गाने से इनकार करते हुए कहा था कि यह अनिवार्य नहीं है।
इसके बाद रूबीना इकबाल खान भी विवाद में कूद पड़ीं और उन्होंने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि कोई उन्हें जबरदस्ती ‘वंदे मातरम्’ बोलने के लिए मजबूर नहीं कर सकता। उनके इस बयान के बाद विवाद और बढ़ गया।
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