महापौर-कलेक्टर संघ कार्यालय तलब, तालमेल की दी हिदायत: डैमेज कंट्रोल करने में उतरा संघ
KHULASA FIRST
संवाददाता

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
प्रदेश भाजपा संगठन महामंत्री हितानंद शर्मा द्वारा भाजपा कार्यालय में महापौर पुष्यमित्र भार्गव, भागीरथपुरा के पार्षद कमल वाघेला समेत अन्य लोगों को लगाई गई फटकार का कोई असर नहीं हुआ तो कल रात्रि कलेक्टर शिवम वर्मा व महापौर समेत अन्य अधिकारी-नेताओं को आरएसएस कार्यालय में तलब किया गया। इस दौरान सबको मिल-जुलकर कार्य करने की हिदायत दी गई।
खास बात ये थी कि बैठक में अधिकारी के तौर पर केवल कलेक्टर शिवम वर्मा ही बुलाए गए थे, निगमायुक्त क्षितिज सिंघल को नहीं। पिछले दिनों मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भागीरथपुरा में तमाम व्यवस्थाओं और सुविधाओं के लिए कलेक्टर शिवम वर्मा को निर्देश दिए थे।
दूसरी बात ये है कि मुख्यंमंत्री के साथ मेडिकल कॉलेज सभागृह में आयोजित मैराथन मीटिंग में महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने खुलकर कह दिया था कि अधिकारी उनकी नहीं सुनते। उनके पास फाइलें नहीं आतीं और मनमर्जी से फैसले लेते हैं।
जो कहा जाता है, वैसा तो करते ही नहीं। इसके बाद मुख्यमंत्री ने इंदौर के नगर निगम आयुक्त समेत दो अपर आयुक्तों को बदल दिया था नर्मदा कंट्रोल प्रोजेक्ट प्रभारी संजीव श्रीवास्तव को सस्पैंड कर दिया था।
इसी दौरान प्रदेश भाजपा संगठन महामंत्री हितानंद शर्मा ने भी भाजपा कार्यालय में बंद कमरा बैठक की थी और महापौर समेत पार्षदों और अन्य नेताओं को फटकार लगाई थी। साथ ही, तालमेल से काम करने को कहा था।
लेकिन इसका कोई असर नहीं हुआ जिसके बाद कल रात्रि आरएसएस मुख्यालय में कलेक्टर, महापौर समेत अन्य अधिकारी तलब किए गए। इसमें भागीरथपुरा में दूषित पानी से मौतों और प्रशासनिक तालमेल पर चर्चा हुई।
मालवा प्रांत प्रचारक राजमोहन ने दोनों से डेढ़ घंटे तक वन-टू-वन चर्चा की। इस दौरान मामला संभाल नहीं पाने पर महापौर को कड़ी फटकार भी लगाई गई। महापौर संघ कार्यालय सुदर्शन पर सरकारी गाड़ी से गए थे जो उन्हें छोडक़र चला गया। बाद में वे निजी वाहन से लौटे। बाहर आने पर महापौर ने ये कहकर मामला टालने की कोशिश की कि मैं संघ कार्यालय आता रहता हूं। आज भी सहज ही आया था।
भविष्य में इस तरह की घटना न हो
मालवा प्रांत प्रचारक राजमोहन ने दोनों से साफ शब्दों में कहा कि भविष्य में इस तरह की घटना न हो और प्रशासनिक तालमेल की कमी नजर न आए। अधिकारी निर्वाचित जनप्रतिनिधियों की बातों को सुनें और उनके साथ तालमेल बैठाकर काम करें। उन्होंने कहा कि इंदौर की छवि को स्वच्छ करना प्राथमिकता होना चाहिए। भागीरथपुरा में हालात ठीक करें और हर जरूरतमंद तक पहुंचकर उसे राहत दें। किसी तरह की कोताही न हो।
कांग्रेस ने ली आपत्ति...
कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता अमित चौरसिया ने संघ कार्यालय में कलेक्टर को बुलाने पर कहा कि इससे प्रशासनिक निष्पक्षता संदेह के घेरे में आ गई है। नलों से जहर बह रहा है, जनता मर रही है। प्रशासन लाचार दिख रहा है और अधिकारी संघ कार्यालय में उपस्थित होकर निष्ठा का प्रदर्शन कर रहे हैं।
यह प्रशासनिक मर्यादा का घोर उल्लंघन है। कलेक्टर का संघ कार्यालय जाना न केवल चौंकाने वाला है बल्कि प्रशासन की निष्पक्षता पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़ा करता है। यह साबित करता है कि भाजपा शासन में संवैधानिक पद अब स्वतंत्र नहीं, बल्कि राजनीतिक एजेंडे के उपकरण बन चुके हैं।
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