आईटी की बड़ी कार्रवाई: छापे से सरकारी विभाग और अधिकारी बैचेन; ग्रुप के पास है हजारों करोड़ के ठेके
KHULASA FIRST
संवाददाता

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
शहर में सड़क निर्माण से जुड़ी कंपनी बीआर गोयल इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड के ठिकानों पर आयकर विभाग ने कार्रवाई की है। सपना-संगीता रोड स्थित कंपनी कार्यालय और कंपनी के डायरेक्टर के आवास पर शुक्रवार तड़के इनकम टैक्स की टीमें पहुंचीं और सर्वे की कार्रवाई शुरू की।
जानकारी के मुताबिक, कार्रवाई के दौरान कंपनी से जुड़े दस्तावेजों और डिजिटल डेटा की गहन जांच की जा रही है। फिलहाल आयकर विभाग की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
1986 में हुई थी ग्रुप की स्थापना
बता दें कि, बीआरजी इंफ्रास्ट्रक्चर ग्रुप की बात की जाए तो इसकी स्थापना वर्ष 1986 में हुई थी। इसके बाद वर्ष 2018 में यह प्राइवेट कंपनी से पब्लिक लिमिटेड कंपनी बन गई। बीआरजी इंफ्रास्ट्रक्चर ग्रुप के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर ब्रिज किशोर गोयल हैं।
कंपनी में राजेंद्र गोयल और गोपाल गोयल होल-टाइम डायरेक्टर हैं, जबकि उप्पल गोयल और यश गोयल एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर हैं। इसके अलावा मोहित भंडारी, खुशबू पाटौदी, ब्रिज मोहन माहेश्वरी और रविंद्र करोडा नॉन-एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर हैं।
1423 करोड़ रुपए के प्रोजेक्ट्स का दावा
ग्रुप की वेबसाइट के मुताबिक जून 2025 तक कंपनी के पास करीब 1423 करोड़ रुपए के प्रोजेक्ट्स के ऑर्डर हैं, जिन पर काम चल रहा है। वित्तीय वर्ष 2024-25 में ग्रुप ने 515 करोड़ रुपए का राजस्व अर्जित करने का दावा किया है।
यहां से मिले बड़े ठेके
बीआरजी ग्रुप को एमपीआरडीसी भोपाल से कन्नौद रोड का 118 करोड़ रुपए का प्रोजेक्ट मिला है। रीवा पीडब्ल्यूडी से 107 करोड़ रुपए का कार्य, आईडीए इंदौर से स्कीम-136 में सड़क निर्माण और पीडब्ल्यूडी जबलपुर से बायपास निर्माण का काम भी कंपनी को मिला है।
इसके अलावा इंदौर नगर निगम से जेएनएनयूआरएम के तहत नैनोद प्रोजेक्ट, आईआईटी इंदौर और पीडब्ल्यूडी उज्जैन से जिला कोर्ट निर्माण का कार्य भी ग्रुप के पास है।
हवाला नेटवर्क से जुड़े इनपुट की चर्चा
सूत्रों का कहना है कि बीआरजी ग्रुप पर हाल ही में हुई कार्रवाई के पीछे हवाला नेटवर्क से मिली अहम जानकारियां वजह मानी जा रही हैं। आयकर विभाग ने बीते दो वर्षों में हवाला नेटवर्क पर कई दबिश दी थीं, जिनमें डायरियों के जरिए बड़े लेन-देन सामने आए थे।
इसी कड़ी में बीआरजी ग्रुप का नाम सामने आने की चर्चा है। बताया जा रहा है कि इस कार्रवाई की आंच ठेके देने वाले सरकारी विभागों के कुछ अधिकारियों तक भी पहुंच सकती है।
पहले भी हो चुकी है कार्रवाई
बीआरजी ग्रुप पर यह पहली आयकर कार्रवाई नहीं है। वर्ष 2014 में आयकर विभाग ने इंदौर के बड़े ठेकेदारों पर एक साथ छापे मारे थे। उस दौरान बीआरजी ग्रुप, पाथ ग्रुप सहित अन्य कंपनियों ने 135 करोड़ रुपए से अधिक की अघोषित आय स्वीकार की थी, जिसमें एक बड़ी राशि बीआरजी ग्रुप द्वारा सरेंडर की गई थी।
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