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लव जिहाद फंडिंग का मामला: पूर्व कांग्रेस पार्षद को हाईकोर्ट से मिली जमानत; 26 आपराधिक मामलों में भी दर्ज है नाम

KHULASA FIRST

संवाददाता

04 फ़रवरी 2026, 8:08 पूर्वाह्न
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लव जिहाद फंडिंग का मामला

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
लव जिहाद के लिए फंडिंग के आरोपी और 26 आपराधिक मामलों में नामजद पूर्व कांग्रेस पार्षद अनवर कादरी को इंदौर हाईकोर्ट से जमानत मिल गई है। जिला न्यायालय से जमानत याचिका खारिज होने के बाद अनवर डकैत ने हाईकोर्ट में अपील की थी, जिसे बुधवार 4 फरवरी को मंजूरी दे दी गई।

औपचारिक आदेश जारी होना बाकी
हालांकि, जमानत से संबंधित औपचारिक आदेश अभी जारी होना बाकी है। हाईकोर्ट में यह मामला जस्टिस सुबोध अभ्यंकर की एकल पीठ के समक्ष सुनवाई के लिए प्रस्तुत हुआ था। सुनवाई के बाद अदालत ने डकैत की जमानत याचिका स्वीकार कर ली।

फंडिंग का आरोप
यह मामला जून 2025 का है, जब बाणगंगा थाना क्षेत्र की एक युवती ने साहिल शेख और अन्य के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। युवती ने आरोप लगाया था कि साहिल ने प्रेमजाल में फंसाकर उसका शारीरिक शोषण किया और उस पर धर्म परिवर्तन का दबाव बनाया। शिकायत में बुर्का पहनने के लिए मजबूर करने के भी आरोप लगाए गए थे।

कादरी को बनाया गया था मुख्य आरोपी
बाद में पुलिस जांच के दौरान साहिल शेख ने बयान दिया कि इस तरह की गतिविधियों के लिए अनवर डकैत के माध्यम से दो लाख रुपये की फंडिंग की जाती थी। इसी बयान के आधार पर कादरी को मामले में मुख्य आरोपी बनाया गया और उसके खिलाफ विभिन्न धाराओं में प्रकरण दर्ज किया गया।

गिरफ्तारी से पहले फरारी, फिर सरेंडर
मामला दर्ज होने के बाद अनवर कादरी लंबे समय तक फरार रहा। बाद में उसने न्यायालय में आत्मसमर्पण किया, जिसके बाद से वह न्यायिक हिरासत में था। अब हाईकोर्ट से जमानत मिलने के बाद उसके जेल से बाहर आने का रास्ता साफ हो गया है।

26 आपराधिक मामलों में दर्ज है नाम
अनवर कादरी उर्फ डकैत का आपराधिक रिकॉर्ड भी चर्चा में रहा है। उसके खिलाफ डकैती सहित कुल 26 आपराधिक प्रकरण दर्ज हैं। इन्हीं मामलों के चलते उसे स्थानीय स्तर पर “अनवर डकैत” के नाम से भी जाना जाता रहा है।

पार्षदी जा चुकी है पहले ही
इस केस के सामने आने के बाद इंदौर के महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने संभागायुक्त को पत्र लिखकर कादरी की पार्षदी समाप्त करने की मांग की थी। इसके बाद नगर निगम परिषद में प्रस्ताव पारित कर उसकी पार्षदी खत्म कर दी गई।

संभागायुक्त डॉ. सुदाम पी. खाड़े ने भी उसे पार्षद पद से हटाते हुए भविष्य के चुनावों के लिए अयोग्य घोषित कर दिया था।

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