बजरंग नगर के पशुपतिनाथ मंदिर में सात दिनी रामकथा के समापन पर भागवताचार्य संजय कृष्ण त्रिवेदी ने कहा: रामकथा का श्रवण करने से पापों का होता है नाश
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संवाददाता

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
रामकथा पुण्य फलदायी कथा है। इसका श्रवण करने मात्र से मनुष्य के पापों का नाश होता है। भगवान राम ने मर्यादा का पालन करते हुए 14 वर्ष के वनवास को पूर्ण किया। इसके बाद अयोध्या लौटने पर उनके स्वागत में दीप जलाए गए खुशिया मनाई गईं, तभी रामराज्य का शुभारंभ हुआ। प्रभु राम के साथ हनुमानजी की भक्ति, लक्ष्मण, भरत और शत्रुघ्न भातृ प्रेम दुनिया के लिए आदर्श बन गया।
यह बात कांटाफोड़ शिव मंदिर के भागवताचार्य संजय कृष्ण त्रिवेदी ने बजरंग नगर स्थित पशुपतिनाथ मंदिर में सात दिवसीय रामकथा के समापन अवसर पर कही। भागवताचार्य ने कहा कि रामकथा बहुत ही पवित्र होती है।
इसका श्रवण करने वाला भी पापों से मुक्त होकर भगवान की कृपा का पात्र बन जाता है। भगवान राम की भक्ति करने वाले को हनुमानजी की कृपा भी मिलती है।
ऐसी रामकथा का श्रवण सभी पापो का नाश करता है। भगवान श्रीराम के राज्याभिषेक, आदर्श रामराज्य की महिमा और कलियुग में भक्ति के महत्व का वर्णन किया। उन्होंने भगवान श्रीराम के आदर्श चरित्र, सत्य, मर्यादा और जनकल्याणकारी शासन व्यवस्था का भी वर्णन किया।
कथा स्थल पर जय श्रीराम के जयकारों से वातावरण भक्तिमय हो गया। भागवताचार्य त्रिवेदी ने रामकथा में राम के राजतिलक का प्रसंग का वर्णन करते हुए कहा कि रामायण के उत्तरकांड का एक अत्यंत महत्वपूर्ण हिस्सा है। यह प्रसंग वनवास के बाद लंका विजय को संपन्न कर भगवान राम के अयोध्या लौटने और राजा बनने की घटना को दर्शाता है।
उनके राज्याभिषेक से न केवल अयोध्या में, बल्कि तीनों लोकों में सुख-शांति का प्रसार हुआ, सभी प्रकार के शोक दूर हुए और राम राज की स्थापना हुई। यह एक ऐसे आदर्श राज्य का प्रतीक है जहाँ कोई वैर-विरोध नहीं होता और प्रजा सुख-समृद्धि से रहती है।
विजयवर्गीय ने किया पूजन- आयोजन समिति के राजेश गावडे व प्रफुल्ल गावड़े ने बताया कि बजरंगनगर के पशुपतिनाथ मंदिर में सात दिवसीय रामकथा के समापन अवसर पर पूर्व विधायक आकाश विजयवर्गीय पहुंचे।
विजयवर्गीय ने व्यासपीठ का पूजन कर भागवताचार्य संजय कृष्ण त्रिवेदी का आशीर्वाद प्राप्त किया। बजरंग नगर पशुपतिनाथ मंदिर आयोजन समिति के राजेश गावड़े और प्रफुल्ल गावड़े ने बताया कि कथा स्थल पर कथा श्रवण के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु उमड़े।
पूरा पंडाल प्रभु श्रीराम के जयकारों से गूंजता रहा। रामकथा के समापन पर श्रद्धालुओ ने आरती उतारी और प्रसाद वितरण किया गया।
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