फरियादियों की एक-एक पीड़ा सुनी: अधिकारियों को फटकारा; जनसुनवाई में पुलिस कमिश्नर संतोष सिंह सख्त
KHULASA FIRST
संवाददाता

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
पुलिस थानों पर दर्ज अपराधों में सुनवाई न होने और पीड़ितों को चक्कर लगवाने वाले पुलिसकार्मियों के खिलाफ पुलिस कमिश्नर संतोष सिंह ने सख्त रूप अपनाया है। जनता की समस्याओं को टालने वाली कार्यप्रणाली पर अब कोई ढिलाई नहीं चलेगी।
पुलिस कमिश्नर संतोष कुमार सिंह ने कल आयोजित जनसुनवाई में स्वयं प्रत्येक आवेदक की पीड़ा सुनी और संबंधित अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई कर मौके पर ही निराकरण करने के निर्देश दिए हैं।
जानकारी के मुताबिक हर मंगलवार को होने वाली जनसुनवाई में कल 70 शिकायतकर्ता शिकायत लेकर पहुंचे। जिसमें पारिवारिक विवाद, आपसी झगड़े, पैसों के लेन-देन, फाइनेंशियल फ्रॉड, सुनवाई न होने की शिकायतें, प्लॉट एवं जमीन से जुड़ी धोखाधड़ी, महिला अपराध तथा अन्य पुलिस संबंधी अपराध शामिल थे। इस दौरान पुलिस कमिश्नर संतोष कुमार सिंह ने हर फरियादी की बात को गंभीरता से लेते हुए व्यक्तिगत रूप से संवाद किया और निर्देश दिए कि किसी भी शिकायत को लंबित न रखा जाए।
लापरवाही या टालमटोल बर्दाश्त नहीं की जाएगी: उन्होंने अधिकारियों को चेताया कि लापरवाही या टालमटोल किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। नागरिकों द्वारा बताए गए आपसी और पारिवारिक विवादों तथा आर्थिक लेन-देन से जुड़े मामलों में पुलिस द्वारा मध्यस्थता केंद्रों के माध्यम से समाधान के हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं, ताकि विवादों का शांतिपूर्ण और त्वरित निपटारा हो सके। जनसुनवाई में पुलिस कमिश्नर का सख्त और संवेदनशील रवैया देखकर फरियादियों ने राहत की सांस ली और पुलिस प्रशासन पर भरोसा जताया।
सीधे कमिश्नर के दरबार में पहुंचे फरियादी
शहर के अलग-अलग थाना क्षेत्रों से जनसुनवाई में आए दर्जनों पीड़ितों ने थाना स्तर पर लापरवाही और अनसुनी का आरोप लगाया। फरियादियों ने पुलिस कमिश्नर संतोष कुमार सिंह को बताया कि मारपीट, वसूली, जमीन विवाद, पारिवारिक झगड़े और गंभीर शिकायतों को लेकर थानों के चक्कर काटने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। जनसुनवाई में कई पीड़ितों ने एक स्वर में कहा कि अगर थाना स्तर पर सुनवाई होती तो उन्हें कमिश्नर कार्यालय का दरवाजा नहीं खटखटाना पड़ता।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस कमिश्नर ने तुरंत सख्त रुख अपनाया और संबंधित जोन के एसीपी और थाना प्रभारियों को तत्काल एक्शन लेने, शिकायतों पर देरी किए बिना प्रभावी कार्रवाई करने के स्पष्ट निर्देश दिए, साथ ही चेताया कि शिकायतों को दबाने या लंबित रखने वालों पर जिम्मेदारी तय की जाएगी। लापरवाही करने वाले पुलिस वालों पर एक्शन होगा।
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