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हरकतों से बाज नहीं आ रहा भूमाफिया अनीस कुरैशी: कर्नलों से धोखाधड़ी पर एफआईआर

KHULASA FIRST

संवाददाता

27 जनवरी 2026, 12:51 अपराह्न
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हरकतों से बाज नहीं आ रहा भूमाफिया अनीस कुरैशी

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
कुख्यात भूमाफिया और जमीनों का जादूगर राया बिल्डर्स एवं डेवलपर्स महू का अनीस पिता उस्मान कुरैशी अपनी ओछी हरकतों से बाज नहीं आ रहा है। हर खरीदार को प्लॉट के नाम पर लूटने वाले अनीस ने सेना के दो कर्नलों को भी नहीं छोड़ा जिन्होंने उसके खिलाफ एफआईआर कराई है। इससे पूर्व भी अपर कलेक्टर समेत कई लोगों को चूना लगा चुका है।

उल्लेखनीय है प्रतिबद्ध पत्रकारिता के प्रति समर्पित खुलासा फर्स्ट ने राया डेवलपर्स के अनीस की महू में करतूतों और लूटमारी का खुलासा बेधडक़ और बेखौफ होकर किया है। उसने हर खरीददार को प्लॉट के नाम पर लूटा और धोखाधड़ी की। ताजा मामला दो कर्नलों का है जिन्होंने उसके विरुद्ध प्लॉट के नाम पर की गई धोखाधड़ी की एफआईआर दर्ज कराई है। अनीस पर पैसा लेकर प्लॉट न देने का आरोप लगाया है।

नागपुर निवासी कर्नल अरुण वैद्य ने किशनगंज थाने में दर्ज रिपोर्ट में कहा है अनीस ने 24 लाख रुपए लिए लेकिन प्लॉट नहीं दिया। दूसरा मामला लेफ्टिनेंट कर्नल हिमांशुसिंह निवासी लेह कुंभताल का है। उनसे अनीस ने 21 लाख रुपए लिए और प्लॉट नहीं दिया।

दोनों पुलिस की शरण में पहुंचे और एफआईआर दर्ज कराई। उनका कहना है कि प्लॉट देते वक्त अनीस ने कई वादे किए और सब्जबाग दिखाए, जो झूठ निकले। इससे पूर्व भी अनीस एक अपर कलेक्टर समेत सैकड़ों लोगों को प्लॉट के नाम पर ठग चुका है।

अनीस ने केवल महू में ही ठगी का जाल नहीं फैला रखा है, बल्कि वो धामनोद, महेश्वर जैसे स्थानों पर भी जाकर सरकारी जमीन पर अवैध कालोनियां काट चुका है। उसके पीडि़तों की संख्या बहुत ज्यादा है लेकिन कार्रवाई नहीं हो रही है। उसने महू में राया के नाम से ही कई अवैध कालोनियां काट रखी हैं। अपने ऑफिस में लड़कियों को रखता है और कई गुंडे भी पाल रखे हैं जो प्लॉट मांगने आने वालों के साथ मारपीट करते हैं।

अपर कलेक्टर समेत कई को ठग चुका ठगोरा अनीस
महू क्षेत्र का कुख्यात अवैध कॉलोनाइजर अनीस कुरैशी ग्राम गवली पलासिया में सरकारी जमीन पर फॉर्म हाउस काट चुका है। इस जमीनी जादूगरी में उसने इंदौर के एक पूर्व अपर कलेक्टर को ठग लिया। उन्होंने यहां फार्म हाउस खरीदा था।

उसने अन्य कई लोगों को फार्म हाउस बेचे और उनकी रजिस्ट्री महू के बजाय इंदौर में करवाई, क्योंकि महू में उसके खिलाफ अवैध कॉलोनी काटने का केस दर्ज है। इस मामले में एक शिकायत मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव तक पहुंची है।

इसमें कहा गया है कि मो. अनीस पिता उस्मान कुरैशी ने ग्राम गवली पलासिया की पटवारी हलका नं. 20 में स्थित कृषि भूमि सर्वे क्र. 376/4 (एस), 376/4+376/6 कुल रकबा 1.1010 हेक्टेयर पर राया डेवलपर्स डिफेंस एन्क्लेव के नाम से फार्म हाउस बनाए हैं। इनमें नियमों की खुलेआम धज्जियां उड़ाई हैं। फार्म हाउस का घटिया निर्माण किया और निर्माण में कई गड़बड़ियांं भी।

अपर कलेक्टर ने नहीं की रिपोर्ट
आश्चर्य है इंदौर के पूर्व अपर कलेक्टर ने चार रजिस्ट्रियां करवाईं और इनके फर्जी होने का पता चलने के बावजूद उन्होंने अनीस के खिलाफ न रिपोर्ट दर्ज करवाई और न जांच की मांग की। और तो और उन्होंने खुद के अलावा कुछ और लोगों को भी फार्म हाउस खरीदवा दिए और रजिस्ट्रियां करवा दीं।

हद तो ये है तत्कालीन तहसीलदार राधावल्लभ धाकड़ ने नामांतरण भी कर दिए। राजस्व निरीक्षक शंकर डाबर ने भी नामांतरण को लेकर कोई आपत्ति नहीं ली। मुख्यमंत्री को शिकायत की गई है सभी फार्म हाउस और अवैध कॉलोनियों की जमीनों पर, जिन पर पुलिस केस दर्ज हैं, पर बोर्ड लगाए जाएं ताकि लोग उनमें प्लॉट खरीदने से बच सकें।

जो रजिस्ट्रियां कर दी गई हैं, शून्य घोषित की जाएं और जमा राशि वापस दिलवाई जाए। पत्र में कहा गया है राया डेवलपर्स के मालिक भूमाफिया अनीस कुरैशी पर इन फार्म हाउसों की जमीन पर कोई केस दर्ज नहीं हुआ है, जो तुरंत दर्ज होना चाहिए।

इंदौर में करवा चुका 16 रजिस्ट्रियां
शातिर ठग अनीस कुरैशी महू के बजाय इंदौर रजिस्ट्रार कार्यालय में रजिस्ट्रियां करवाता है और अब तक 16 रजिस्ट्रियां करवा चुका है। इनमें इंदौर के एक पूर्व अपर कलेक्टर, जो इंदौर संभाग के एक जिले में कलेक्टर भी रह चुके हैं, शामिल हैं।

उक्त अधिकारी ने चार रजिस्ट्रियां करवाई हैं और चारों ही फर्जी निकली। उनके अलावा सचिन पिता गोविंदलाल जोशी की रजि. क्र. एमपी 179092025, 1147014, जो 4 मार्च 25 को की गई।

इसी तरह सुनील पिता धर्मशील शर्मा की रजि. क्र. एमपी 179092024, 11275239 24 अक्टूबर 2024 को, रानी पति मनीष भटनागर की क्र. एमपी 179092024,11225012, 10 अक्टूबर 2024 को की।

इंदौर में करवाता है रजिस्ट्री: अनीस ने उक्त कृषि भूमि को दो भागों में विभक्त कर फार्म हाउस डेवलप किए हैं। एक पर पुलिस केस होने से क्रय-विक्रय पर प्रतिबंध है। इसके बावजूद विक्रय कर रहा है।

झूठे विज्ञापन देता है और लोगों को सपने दिखाता है। अनीस कुरैशी इतना शातिर है कि वो रजिस्ट्री महू में न करवाकर इंदौर रजिस्ट्रार कार्यालय में करवाता है, जिसकी राशि क्रेता से प्राप्त कर लेता है।

जब क्रेता जमीन का नामांतरण करवाने जाता है तो उसे पता चलता है उक्त जमीन पर अनीस कुरैशी की कारगुजारियों के कारण बडग़ोंदा थाने में धारा 61-घ में मप्र पंचायत राज एवं ग्राम स्वराज अधिनियम 1993 के तहत केस दर्ज है।

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