आपदा के समय राजनीति करना स्वीकार नहीं करेगा इंदौर: इंदौर की पहचान उसकी संघर्षशील जनता और विकासशील सोच से है
KHULASA FIRST
संवाददाता

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने नर्मदा चतुर्थ चरण परियोजना का भूमिपूजन कर दी 800 करोड़ से अधिक की सौगात
खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
इंदौर देश का सबसे तेजी से विकसित होने वाला शहर बन गया है। विकास, स्वच्छता, उद्योग, व्यापार और सुशासन के क्षेत्र में इंदौर ने अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है। इंदौर की पहचान उसकी संघर्षशील जनता, अदम्य हौसलों और विकासशील सोच से है। कठिन समय में सरकार, नगर निगम और प्रशासन ने पूरी संवेदनशीलता और प्रतिबद्धता के साथ नागरिकों के साथ खड़े रहकर हरसंभव प्रयास किए।
यह बात मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अमृत 2.0 जलप्रदाय योजना के तहत 800 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से प्रस्तावित बहुप्रतीक्षित जलप्रदाय परियोजना का भूमिपूजन करते हुए कही। उन्होंने मकर संक्रांति पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि भागीरथपुरा क्षेत्र में घटित जल जनित घटना ने सभी को पीड़ा पहुंचाई है।
उन्होंने इस घटना में दिवंगत हुए नागरिकों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए बाबा महाकाल से प्रार्थना की कि वे दिवंगत आत्माओं को अपने श्रीचरणों में स्थान दें।
प्रदेश का हर जिला इंदौर जैसा बनना चाहता है
मुख्यमंत्री ने कहा कि मकर संक्रांति केवल पर्व नहीं, बल्कि तिल-तिल करके आगे बढ़ने का संकल्प है। जैसे इस दिन से सूर्य उत्तरायण होता है और प्रकाश बढ़ता है, वैसे ही इंदौर निरंतर प्रगति, विकास और नवाचार की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
उन्होंने गर्व के साथ कहा कि आज इंदौर देश का सबसे तेजी से विकसित होने वाला शहर बन चुका है। विकास, स्वच्छता, उद्योग, व्यापार और सुशासन के क्षेत्र में इंदौर ने अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है, जिस पर पूरे मध्यप्रदेश को गर्व है। प्रदेश का हर जिला इंदौर जैसा बनना चाहता है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से चर्चा करते मंत्री कैलाश विजयवर्गीय।
पीड़ा पर राजनीति करना सर्वथा अनुचित
उन्होंने कहा कि कठिन समय में सरकार, नगर निगम और प्रशासन ने पूरी संवेदनशीलता और प्रतिबद्धता के साथ नागरिकों के साथ खड़े रहकर हरसंभव प्रयास किए। उन्होंने कहा कि आपदा के समय राजनीति करना इंदौर स्वीकार नहीं करेगा।
सकारात्मक और रचनात्मक विपक्ष लोकतंत्र की शक्ति है, लेकिन पीड़ा पर राजनीति करना सर्वथा अनुचित है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन और राज्य सरकार के पूर्ण सहयोग से इंदौर आत्मनिर्भर बनकर आगे बढ़ रहा है।
उन्होंने कहा कि इंदौर आगे बढ़ेगा, सरकार पूरी मजबूती से इंदौर के साथ खड़ी है। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम के पूर्व जीवनदायिनी मां नर्मदा की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर पूजन किया। उन्होंने लता मंगेशकर सभागृह परिसर में संविधान निर्माता बाबा साहब आंबेडकर और स्वर कोकिला लता मंगेशकर की प्रतिमा पर श्रद्धा-सुमन भी अर्पित किए।
इंदौर को आंच नहीं
नगरीय प्रशासन एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने संबोधित करते हुए कहा कि इंदौर की स्वच्छता में जनसहयोग शहर की पहचान बन गई है। इसके चलते ही इंदौर नंबर वन था, इंदौर नंबर वन है और इंदौर नंबर वन रहेगा। विजयवर्गीय ने कहा कि नर्मदा, स्वच्छता और जनता के स्वाभिमान से बनी इंदौर की आन-बान-शान को कोई आंच नहीं आने दी जाएगी।
वर्तमान एवं भविष्य की पेयजल आवश्यकताओं की प्रभावी पूर्ति होगी
महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने मुख्यमंत्री के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हुए कहा कि उन्होंने इंदौर के भविष्य की जल आवश्यकताओं को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए 1100 करोड़ रुपए की योजना को 2400 करोड़ रुपए तक विस्तार दिया।
भूमिपूजित परियोजना केवल निर्माण तक सीमित नहीं है, इसके अंतर्गत 10 वर्षों का संचालन एवं संधारण भी शामिल है। इससे शहर को लंबे समय तक सुचारू, सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित होगी। परियोजना पूर्ण होने पर इंदौर की वर्तमान एवं भविष्य की पेयजल आवश्यकताओं की प्रभावी पूर्ति संभव होगी। यह परियोजना इंदौर को स्वच्छ, पर्याप्त और भरोसेमंद पेयजल उपलब्ध कराने की दिशा में मील का पत्थर सिद्ध होगी।
महापौर ने कहा कि इंदौर ने संघर्ष, अनुशासन और जनभागीदारी से अपनी पहचान बनाई है। शहर नंबर वन था, है और रहेगा। उन्होंने विश्वास जताया कि इंदौर जनता के सहयोग से शहर निरंतर उत्कृष्टता की ओर अग्रसर रहेगा।
ये हुए शामिल
कार्यक्रम को जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट, विधायक मधु वर्मा ने भी संबोधित किया। सांसद शंकर लालवानी, मध्यप्रदेश राज्य सफाई कर्मचारी आयोग अध्यक्ष प्रताप करोसिया, पूर्व महापौर कृष्णमुरारी मोघे, विधायक रमेश मेंदोला, गोलू शुक्ला, मालिनी लक्ष्मण सिंह गौड़, मधु वर्मा, महेंद्र हार्डिया, मनोज पटेल, भाजपा नगर अध्यक्ष सुमित मिश्रा, श्रवण चावड़ा सहित कई अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।
कार्यक्रम के अंत में जल कार्य प्रभारी अभिषेक शर्मा बबलू द्वारा अतिथियों का आभार माना गया।
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