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किस हाईकोर्ट में दायर हुई जनहित याचिका: जूनियर वकीलों के लिए क्या नीति लागू करने की मांग; किसे बनाया पक्षकार

KHULASA FIRST

संवाददाता

25 फ़रवरी 2026, 10:49 पूर्वाह्न
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किस हाईकोर्ट में दायर हुई जनहित याचिका

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर खंडपीठ में जूनियर वकीलों के लिए स्टायपेंड नीति लागू करने और लंबित वेलफेयर राशि जारी करने की मांग को लेकर जनहित याचिका (PIL) दायर की गई है। याचिका में कहा गया है कि वर्ष 2019 से वकीलों को मुख्यमंत्री वेलफेयर स्कीम के तहत मिलने वाली आर्थिक सहायता नहीं दी गई है।

निमेष पाठक ने दायर की याचिका
याचिका इंदौर के अधिवक्ता निमेष पाठक द्वारा दायर की गई है। इसमें मध्य प्रदेश शासन, विधि विभाग, बार काउंसिल ऑफ इंडिया और बार काउंसिल ऑफ मध्य प्रदेश को पक्षकार बनाया गया है।

स्टायपेंड नीति लागू करने की मांग
याचिका में प्रदेश के जूनियर वकीलों के लिए न्यूनतम स्टायपेंड तय करने की मांग की गई है। प्रस्तावित व्यवस्था के तहत शहरी क्षेत्रों में कम से कम 20 हजार रुपए और ग्रामीण क्षेत्रों में 15 हजार रुपए मासिक स्टायपेंड निर्धारित करने का सुझाव दिया गया है।

याचिका में यह उल्लेख
याचिका में उल्लेख किया गया है कि जूनियर वकील वरिष्ठ अधिवक्ताओं और लॉ फर्म्स के साथ ड्राफ्टिंग, पैरवी, शोध कार्य और कार्यालयीन सहयोग सहित कई जिम्मेदारियां निभाते हैं, लेकिन उनके लिए न्यूनतम मानदेय तय नहीं है। केरल और तमिलनाडु जैसे राज्यों में इस प्रकार की नीति लागू होने का हवाला देते हुए प्रदेश में भी स्पष्ट फ्रेमवर्क तैयार करने की मांग की गई है।

छह साल से रुकी वेलफेयर राशि
याचिका में यह भी कहा गया है कि मुख्यमंत्री एडवोकेट वेलफेयर स्कीम 2012 के तहत पहली बार पंजीकृत होने वाले जूनियर वकीलों को टेबल-कुर्सी और कार्यालयीन खर्च के लिए 12 हजार रुपए की सहायता राशि देने का प्रावधान है। यह राशि वर्ष 2019 से लंबित है। कोविड काल के बाद से भुगतान बंद होने का उल्लेख करते हुए याचिकाकर्ता ने अदालत से लंबित राशि जारी करने के निर्देश देने की मांग की है।

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