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13 किलो से बढ़ा तो स्थिति हो जाएगी गंभीर: अनिका पर मंडराया खतरा, वजन बढ़कर 10.400 किलो हुआ

KHULASA FIRST

संवाददाता

08 जनवरी 2026, 11:28 पूर्वाह्न
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13 किलो से बढ़ा तो स्थिति हो जाएगी गंभीर

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
स्पाइनल मस्कुलर एट्राफी टाइप-2 नामक अतिगंभीर बीमारी से जूझ रही तीन साल की मासूम अनिका शर्मा के जीवन पर खतरा मंडराने लगा है। तमाम कोशिशों के बावजूद उसका वजन बढ़ गया है।

कल जब उसका वजन किया गया तो वो 10.400 किलो हो गया। यदि उसे अमेरिकी इंजेक्शन नहीं लग पाया और वजन बढ़कर 13 किलो से अधिक पहुंच गया तो स्थिति गंभीर हो जाएगी।

बेबी अनिका अभियान से जुड़े दिकेश यादव ने बताया कि बेबी का वजन बढ़ने से सर्वत्र चिंता की लहर दौड़ गई है। उसे जो दुर्लभ और अतिगंभीर बीमारी हुई है उसका इलाज अमेरिकी इंजेक्शन है, जो 9 करोड़ रुपए कीमत का है।

ये इंजेक्शन भी तभी लग सकता है जबकि वो 13 किलो की न हो जाए, लेकिन जिस तरह से उसका वजन बढ़ रहा है उससे सबके माथे पर चिंता की लकीरें छा गई हैं।

मां सरिता शर्मा उसे डाइट फूड दे रही हैं, लेकिन मासूम बेटी को बचाने की उनकी मेहनत भी रंग नहीं ला पा रही है, जिससे सभी दुखी हैं।

उधर, उसके लिए मदद की राशि एकत्र करने के प्रयास जारी हैं। कल खजराना में कैंप लगा और लोगों ने आगे आकर मदद भी की। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने बेबी अनिका की कहानी सुनकर अपनी सहानुभूति जताई और मदद दी।

चंद्रगुप्त मौर्य चौराहे पर जनसहयोग शिविर लगा, जिसमें आलोक चौधरी, महेंद्र चौहान, भोले मनोज, बग्गा भैया, दीपक सोनी, अभिषेक लोदवाल, कपिल, सतीश करोले आदि ने मदद की राशि एकत्र की और बेबी के परिजन को सौंपी।

तोमर समाज के सम्मेलन में भी समाजजन ने सहायता का हाथ बढ़ाया। अभियान से जुड़े लोगों का कहना है कि अभी जो मदद मिल रही है वो नाकाफी है।

कोरोना में चर्चित रहे रिक्शा चालक ने भी दी मदद...
वहीं बेबी अनिका शर्मा के लिए कल उस ड्राइवर ने भी अपने हाथ खोले जिसने कोरोना काल में अपनी ऑटो रिक्शा को एंबुलेंस बना दिया था।

मदद छोटी है लेकिन उनकी भावना ने उन्हें उन धनाढ्यों से भी बड़ा बना दिया जो अब तक बेबी अनिका की मदद के लिए आगे नहीं आए हैं।

ये हैं मां हरसिद्धि और बाबा महाकाल के परमभक्त सर्वहारा नगर निवासी लोकेश वर्मा। कल उनके पुत्र यशस्य का 10 वां जन्मदिवस था जो उन्होंने बेबी अनिका के साथ मनाया।

इस मौके पर उन्होंने अपनी ओर से 5 हजार रुपए की मदद की। यहीं नहीं, उन्होंने अपने पड़ौसियों से भी पहल की और एक हजार रुपए एकत्र करवाकर प्रदान किए।

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