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पीएम आवास योजना के कावेरी परिसर में सैकड़ों रहवासी मूलभूत सुविधाओं से वंचित: सीवरेज, जनरेटर और सुरक्षा को लेकर गंभीर अनियमितताओं के आरोप

KHULASA FIRST

संवाददाता

16 जनवरी 2026, 12:44 अपराह्न
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पीएम आवास योजना के कावेरी परिसर में सैकड़ों रहवासी मूलभूत सुविधाओं से वंचित

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
प्रधानमंत्री आवास योजना (पीएमएवाई) के अंतर्गत आरटीओ रोड, नायता मुंडला स्थित कावेरी परिसर में रह रहे सैकड़ों लोग मूलभूत सुविधाओं के अभाव और निर्माण में गंभीर खामियों से जूझ रहे हैं। फ्लैट साइज में कटौती, सीवरेज व्यवस्था की विफलता, जनरेटर का अभाव, लीकेज, सीलन और सुरक्षा से जुड़ी समस्याओं को लेकर रहवासियों ने कलेक्टर शिवम वर्मा को 15 जनवरी को ज्ञापन सौंपकर तत्काल कार्रवाई करने की मांग की है।

मामला नगर निगम की जनसुनवाई के आवक क्रमांक 379 (दिनांक 03/06/2025) एवं आवक क्रमांक 1308-1309 (दिनांक 18/11/2025) से भी जुड़ा हुआ है। रहवासियों ने अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने का आरोप लगाया है।

कावेरी परिसर तीन ब्लॉक में निर्मित है, जिसमें 200 से अधिक फ्लैट हैं। वर्तमान में लगभग 100 परिवार यहां निवास कर रहे हैं। रहवासियों के अनुसार 6 से 8 महीने पूर्व ही निगम से पजेशन लिया था, तब से लगातार समस्याओं से जूझ रहे हैं। नई बनी इमारत में छत से पानी टपकना, दीवारों में सीलन और घटिया निर्माण देख भवन वर्षों पुराना प्रतीत होता है।

टीएनसीपी नक्शे में दर्शाई सुविधाएं आज तक उपलब्ध नहीं कराई गईं। गार्डन हेतु चिह्नित भूमि भी विकसित नहीं की गई, बल्कि ठेकेदार द्वारा भवन के पास एक दीवार

खड़ी कर उस क्षेत्र को अलग कर दिया गया है। नगर निगम के अधिकारी निरीक्षण तो करते हैं, लेकिन महीनों तक कोई सुधार कार्य नहीं होता।

जनरेटर की व्यवस्था नहीं, आपात स्थिति में लिफ्ट बनी खतरा
परिसर में अब तक जनरेटर की कोई व्यवस्था नहीं की गई है। बिजली गुल होने पर लिफ्ट बंद हो जाती है, जिससे बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। रहवासियों का आरोप है कि बार-बार शिकायत के बावजूद ठेकेदार केवल आश्वासन देकर टाल देता है।

टीएनसीपी नियमों का उल्लंघन
ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि टीएनसीपी स्वीकृति प्रस्ताव दिनांक 30/10/2018 के अनुसार खसरा क्रमांक 395/2 में पार्क तथा खसरा क्रमांक 393 एवं 395/4 में व्यावसायिक क्षेत्र तथा पार्क विकसित किया जाना था। परियोजना का रेरा पंजीयन क्रमांक P-IND19-2277 समाप्त होने के बाद भी नगर निगम से एक्सटेंशन लिया गया, लेकिन 7 वर्ष बीत जाने के बावजूद स्वीकृत नक्शे के अनुरूप विकास नहीं किया गया।

फ्लैट के कारपेट एरिया में कटौती
बुकिंग के समय जारी ब्रोशर में फ्लैट का कारपेट एरिया 663 वर्गफीट और सुपर बिल्ट-अप एरिया 943 वर्गफीट दर्शाया गया था, जबकि रजिस्ट्री के समय केवल 601 वर्गफीट कारपेट एरिया दिया गया। रहवासियों का कहना है कि यह सीधा धोखा है, जिससे न्यूनतम बाजार दर के अनुसार प्रति फ्लैट लगभग 2 लाख रुपए का आर्थिक नुकसान हुआ है।

निजी कंपनी से जोड़ी सीवरेज लाइन, बार-बार जाम
कावेरी परिसर की सीवरेज लाइन को निजी फर्म लक्ष्मी प्राइवेट लिमिटेड की लाइन से जोड़ा गया है, जिसके चलते आए दिन लाइन चोक की समस्या होती है। अब कंपनी ने सहयोग से इनकार कर दिया। रहवासियों ने सीवरेज लाइन को नगर निगम की मुख्य लाइन से जोड़ने की मांग की है।

टाइल्स, प्लम्बिंग और लीकेज की परेशानी
फ्लैट अधिग्रहण के मात्र 8 माह के भीतर ही टाइल्स टूटना, प्लम्बिंग लीकेज, बॉथरूम से दुर्गंध, दीवारों में सीलन और टूटी जल निकासी पाइप लाइन जैसी गंभीर समस्याएं आ रही हैं। वहीं मेंटेनेंस टीम लापरवाही बरत रही है। परिसर के मध्य खुले हिस्से में केवल लोहे का शेड लगाया गया है, लेकिन पारदर्शी शीट नहीं होने से बारिश का पानी और कबूतरों की गंदगी सीधे सीढ़ियों व दीवारों पर गिरती है। इससे भवन में सीलन बढ़ रही है। रहवासियों ने शीघ्र डोम लगाने की मांग की है।

पानी की बर्बादी, टंकी में स्टॉपर नहीं
छत पर बनी पानी की टंकी में स्टॉपर (फुटबॉल) नहीं लगाए जाने से हजारों लीटर पानी व्यर्थ बह चुका है। 8 महीने बाद भी मेंटेनेंस टीम ने कोई सुधार नहीं किया। परिसर के मुख्य द्वार पर अंधा मोड़ होने के कारण अब तक कई दुर्घटनाएं हो चुकी हैं। रहवासियों ने यहां स्पीड ब्रेकर बनाने की मांग की है।

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