ऐतिहासिक पतंग उत्सव: 12 जिलों के पतंगबाजों ने लिया भाग; 3 किमी तक आसमान में दिखी रंग बिरंगी पतंगें
KHULASA FIRST
संवाददाता
खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
संस्था सृजन द्वारा पतंगोत्सव एवं बसंत पंचमी मिलन समारोह का आयोजन एयरपोर्ट रोड स्थित आईडीए ग्राउंड पर किया गया। तीन किलोमीटर तक आसमान में सामाजिक सरोकार का संदेश देने वाली तिरंगे रंग की हजारों पतंगें उड़ाई गईं।
12 जिलों के पतंगबाजों ने भाग लिया
इसमें इंदौर सहित 12 जिलों के पतंगबाजों ने भाग लिया। 50 हजार से अधिक लोगों ने भाग लेकर पतंगबाजी का आनंद लिया। यह उत्सव सुबह 11 बजे से शाम 6:30 बजे तक चला। शाम को रंगारंग आतिशबाजी भी की गई तथा झंडावंदन किया गया।
1.50 लाख से अधिक पतंगें उड़ाईं
यह संभवतः देश का सबसे बड़ा पतंग महोत्सव रहा, जिसमें 15,000 पतंगबाजों ने 1,50,000 से अधिक पतंगें उड़ाईं। इसमें 3 वर्ष के बच्चों से लेकर 84 वर्ष तक के पुरुष, महिलाएं, बच्चे और बुजुर्गों ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया। महामंडलेश्वर ध्यानयोगी महर्षि श्री उत्तम स्वामी महाराज ने झंडावंदन किया।
पतंगबाजी प्रतियोगिता भी आयोजित की गई
संस्था के अध्यक्ष कमलेश खंडेलवाल, संयोजक गोविंद गोयल एवं महेश दलोद्रा ने बताया कि पतंगोत्सव में पतंगबाजी प्रतियोगिता भी आयोजित की गई, जिसमें इंदौर, देवास, धार, उज्जैन, महू, राऊ सहित 12 जिलों के पतंगबाज शामिल हुए।
10 हजार पतंगें निःशुल्क वितरित की गईं
संस्था द्वारा 10 हजार पतंगें निःशुल्क वितरित की गईं। यह महोत्सव पिछले 21 वर्षों से आयोजित किया जा रहा है तथा इस वर्ष इसका 22वां आयोजन था। इस अवसर पर झंडावंदन किया गया और देशभक्ति के गीत भी गाए गए।
लोगों ने सपरिवार उत्सव में भाग लिया
क्षेत्र के लोगों ने सपरिवार उत्सव में भाग लेकर स्वल्पाहार का आनंद लिया। उत्सव की शुरुआत शहर के प्रमुख साधु-संतों, समाजसेवियों और राजनीतिक संगठनों के प्रमुखों की उपस्थिति में हुई।
400 सदस्यों की समिति बनाई गई थी
महिला संयोजक तनुजा खंडेलवाल ने बताया कि आयोजन के संचालन के लिए 400 सदस्यों की समिति बनाई गई थी, जिन्होंने पूरे आयोजन की व्यवस्था संभाली। पूरा आयोजन चाइनीज मांझा मुक्त रहा। 100 से अधिक कार्यकर्ताओं ने पूरे परिसर में घूम-घूमकर यह सुनिश्चित किया कि कोई भी पतंग चाइनीज मांझे से न उड़ाई जाए।
समाजजनों ने टिफिन पार्टी में भाग लिया
कमलेश खंडेलवाल ने बताया कि झंडावंदन एवं बसंत पंचमी मिलन समारोह के दौरान मां सरस्वती के चित्र पर पूजन-अर्चन कर माल्यार्पण किया गया। वहीं 150 समाजों के हजारों समाजजनों ने टिफिन पार्टी में भाग लिया।
सभी समाजजनों ने अपने-अपने घर से लाए टिफिन को मिलाकर समरसता पार्टी का आयोजन किया। कई परिवारों ने दाल-बाटी बनाकर उसका भी आनंद लिया।
आयोजन सामाजिक सरोकार की एक अनूठी मिसाल है
पतंग उत्सव में महामंडलेश्वर श्री उत्तम स्वामी महाराज ने पधारकर स्वयं भी पतंग उड़ाई। स्वामी जी ने कहा कि पतंगबाजी का यह उत्सव अभूतपूर्व है। इतनी बड़ी संख्या में पतंगें या तो अहमदाबाद में संक्रांति के अवसर पर उड़ती हैं या आज गणतंत्र दिवस के दिन यह आयोजन सामाजिक सरोकार की एक अनूठी मिसाल है।
इसके लिए कमलेश खंडेलवाल और संस्था सृजन की पूरी टीम बधाई की पात्र है। आयोजन में भाजपा जिला अध्यक्ष श्रवण सिंह चावड़ा, महंत पवन दास महाराज सहित अन्य गणमान्य लोग सम्मिलित हुए। मिलन समारोह में अनेक समाजों के हजारों समाजजन उपस्थित रहे।
अहमदाबाद एवं गुजरात से धागा और मांझा मंगवाया गया था
तनुजा खंडेलवाल और कमलेश खंडेलवाल ने बताया कि पतंगोत्सव के लिए विशेष रूप से अहमदाबाद एवं गुजरात से धागा और मांझा मंगवाया गया था। पतंग उत्सव का नजारा देखते ही बन रहा था। आसमान में चारों ओर पतंगें ही पतंगें नजर आ रही थीं।
पूरा आकाश रंग-बिरंगी पतंगों से सजा हुआ था। पटिया, डांडिया, मुंडिया और चांदबाज जैसी पतंगों से आकाश भरा हुआ था। जब पतंगबाज एक-दूसरे की पतंग काटते थे और चारों ओर “काटा हो, काटा हो” की आवाजें गूंजती थीं, तो महोत्सव में चार चांद लग जाते थे।
रंगारंग आतिशबाजी की गई
कमलेश खंडेलवाल ने बताया कि पतंग उत्सव के समापन अवसर पर रंगारंग आतिशबाजी की गई तथा पतंगबाजों को प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय पुरस्कारों के साथ बाहर से आए पतंगबाजों को भी विशेष पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। पतंगोत्सव का संचालन द्वारका चौरसिया एवं रूपेश प्रजापत ने किया।
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