हाईकोर्ट का रुख साफ: एलिवेटेड कॉरिडोर पर अभी रोक नहीं; याचिका को अन्य ट्रैफिक मामलों के साथ जोड़ा
KHULASA FIRST
संवाददाता

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
BRTS एलिवेटेड कॉरिडोर को लेकर दायर जनहित याचिका पर गुरुवार को हाईकोर्ट की इंदौर बेंच में सुनवाई हुई। कोर्ट ने एलआईजी से नवलखा चौराहे तक प्रस्तावित एलिवेटेड कॉरिडोर पर रोक लगाने से इनकार कर दिया है। अब यह मामला 25 फरवरी को ट्रैफिक से जुड़े अन्य मामलों के साथ सुना जाएगा।
जनहित याचिका को अन्य ट्रैफिक मामलों से जोड़ा
यह जनहित याचिका इंजीनियर अतुल सेठ द्वारा दायर की गई थी। सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने कहा कि यह मामला भी BRTS और शहर के ट्रैफिक प्रबंधन से जुड़ा है, इसलिए इसे पहले से लंबित अन्य याचिकाओं के साथ लिंक किया जाएगा।
हाईकोर्ट में क्या दलील दी गई
याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता अभिनव धनोतकर ने कोर्ट को बताया कि एलिवेटेड कॉरिडोर को लेकर किए गए दो सर्वे में इसकी उपयोगिता स्पष्ट नहीं होती। इसके बावजूद काम शुरू करने की तैयारी है और NIT जारी होने की संभावना जताई गई।
पहले यह प्रस्तावित नहीं था
इस पर हाईकोर्ट ने टिप्पणी करते हुए कहा कि पहले यह कॉरिडोर प्रस्तावित नहीं था, लेकिन अब सरकार का नीतिगत निर्णय है कि इसे बनाया जाए। कोर्ट नीतिगत फैसलों में हस्तक्षेप नहीं कर सकता।
हालांकि, याचिकाकर्ता पक्ष ने यह भी कहा कि सही और पारदर्शी सर्वे के बिना परियोजना शुरू करना उचित नहीं है। इसके बाद कोर्ट ने मामले को 25 फरवरी के लिए सूचीबद्ध कर दिया।
एक साल से अटका है काम
गौरतलब है कि फरवरी 2025 में इंदौर में BRTS हटाने का फैसला लिया गया था, जिसे हाईकोर्ट की मंजूरी भी मिल चुकी है। बावजूद इसके, 11.20 किलोमीटर BRTS कॉरिडोर से अब तक पूरी तरह रेलिंग नहीं हटाई गई है।
पिछली सुनवाई में अधिकारियों ने कोर्ट को बताया था कि 6 किलोमीटर हिस्से में एलिवेटेड कॉरिडोर का काम 15 फरवरी से शुरू होना है, इसलिए इस हिस्से को छोड़कर शेष करीब 3 किलोमीटर में रेलिंग हटाने का कार्य किया जाएगा।
एलिवेटेड कॉरिडोर को लेकर सरकार और मंत्रियों की बैठकें
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 14 दिसंबर को इंदौर में हुई विकास समीक्षा बैठक में एलिवेटेड कॉरिडोर परियोजना को मंजूरी दी थी। वहीं, मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने हाल ही में जनप्रतिनिधियों और ट्रैफिक विशेषज्ञों के साथ इस प्रोजेक्ट को लेकर बैठक की।
बैठक में कुछ विशेषज्ञों ने सुझाव दिया थे। कॉरिडोर टू-लेन की बजाय थ्री-लेन होना चाहिए। इसे नवलखा से आगे राऊ तक बढ़ाया जाना चाहिए। इन सुझावों पर 7 फरवरी को दोबारा चर्चा प्रस्तावित है। हालांकि, इससे पहले ही PWD द्वारा मिट्टी परीक्षण शुरू कर दिया गया है।
25 फरवरी को अहम सुनवाई
अब इस पूरे मामले पर 25 फरवरी को हाईकोर्ट में अहम सुनवाई होगी, जिसमें इंदौर के ट्रैफिक, BRTS हटाने और एलिवेटेड कॉरिडोर से जुड़े सभी मुद्दों पर एक साथ विचार किया जाएगा।
संबंधित समाचार

NEET पीजी काउंसलिंग में इस कोटे पर छात्रों को राहत:हाईकोर्ट की किस खंडपीठ ने क्या कहा; अब किससे मांगा जवाब

पर्दे की आड़ में युवती के साथ क्या किया:किस बहाने ले गया था युवक; पुलिस ने किसे किया गिरफ्तार

युवती ने युवक को ऐसे कैसे पीटा:साथी युवक ने क्या पकड़ रखा था; वायरल वीडियो में क्या दिखाई दे रहा

राज्य पात्रता परीक्षा (सेट) इस दिन होगी:100 परीक्षा केन्द्रों पर इतने हजार परीक्षार्थी होंगे शामिल; इन दिशा-निर्देशों का पालन अनिवार्य
टिप्पणियाँ
अभी कोई टिप्पणी नहीं है। पहली टिप्पणी करें!