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ललेंडीपुरा बूचड़खाने के विरोध में हनुमान चालीसा का पाठ,: 10 दिन का अल्टीमेटम; कलेक्टोरेट में लगा संतों का जमावड़ा

KHULASA FIRST

संवाददाता

07 जनवरी 2026, 1:13 अपराह्न
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ललेंडीपुरा बूचड़खाने के विरोध में हनुमान चालीसा का पाठ,

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
जपं देपालपुर की ग्राम पंचायत ललेंडीपुरा में निर्माणाधीन प्रदेश के सबसे बड़े बूचड़खाने के विरोध में बुधवार को इंदौर कलेक्टर कार्यालय में भारी जनआक्रोश देखने को मिला। संत महात्माओं के सान्निध्य में विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने कार्यालय परिसर में ही हनुमान चालीसा का पाठ कर विरोध दर्ज कराया।

इस मौके पर संतों और ग्रामीणों ने प्रशासन को स्पष्ट चेतावनी देते हुए बूचड़खाने के आदेश को तत्काल निरस्त करने की मांग की और 10 दिन का अल्टीमेटम दिया है।

प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे पंचकुइयां धाम के महंत श्री रामगोपाल दासजी महाराज ने कहा कि यदि 10 दिनों में प्रशासन ने बूचड़खाने का आदेश निरस्त नहीं किया तो समस्त समाजजन उग्र आंदोलन के लिए विवश होंगे।

संतों ने अपर कलेक्टर रोशन राय को ज्ञापन सौंपते हुए बताया कि वर्ष 2017 में इंदौर नगर निगम द्वारा स्वीकृत यह बूचड़खाना पूरी तरह नियमों के विरुद्ध और जन स्वास्थ्य के लिए बड़ा खतरा है।

ग्रामीणों का तर्क है कि जिस स्थान पर निर्माण कार्य चल रहा है वह आबादी क्षेत्र के अत्यंत निकट है, जिससे क्षेत्र में महामारी फैलने और सांप्रदायिक सौहार्द बिगड़ने की आशंका है।

निर्माण कार्य जारी रहना प्रशासन की कार्यप्रणाली पर खड़े कर रहा सवाल
ज्ञापन में पर्यावरण और पेयजल संकट का गंभीर मुद्दा उठाते हुए बताया गया कि बूचड़खाने से निकलने वाला दूषित पानी नालों के माध्यम से गंभीर नदी और नर्मदा लिंक परियोजना में जाकर मिलेगा। यही जल आगे चलकर यशवंत सागर जलाशय में एकत्रित होता है, जिससे इंदौर की लगभग 35 प्रतिशत जनता को पीने के पानी की आपूर्ति की जाती है।

यदि यह प्रोजेक्ट शुरू होता है तो इंदौर के एक बड़े हिस्से की पेयजल व्यवस्था दूषित हो जाएगी। उल्लेखनीय है कि ग्राम पंचायत ललेंडीपुरा ने विशेष ग्राम सभा बुलाकर पहले ही इस परमिशन को निरस्त कर दिया है, फिर भी निर्माण कार्य जारी रहना प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करता है। इस दौरान महंत चंद्रशेखर दुबे, जीअर स्वामी संकर्षण दासजी, मनोज तिवारी, गोपाल अग्रवाल और पं. प्रकाशचंद शर्मा सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे।

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