मौतों के आंकड़ों पर हाई कोर्ट में घिरी सरकार: भागीरथपुरा जल त्रासदी; 24वीं मौत
KHULASA FIRST
संवाददाता

जल विशेषज्ञों को लेकर आएंगे राहुल
पीड़ितों से रूबरू होने कल आएंगे राहुल गांधी
खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
स्वच्छता में सिरमौर इस शहर के भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित जल से मौतों का सिलसिला अभी थमा नहीं है। गुरुवार को क्षेत्र की 78 वर्षीय सुभद्राबाई पंवार की भी इलाज के दौरान मौत हो गई, जिसे मिलाकर इस त्रासदी में जान गंवाने वालों की संख्या बढ़कर अब 24 हो गई है।
मृतका के परिजन के अनुसार 27 दिसंबर से शुरू हुई उल्टी-दस्त की शिकायत के बाद उन्हें कई अस्पतालों के चक्कर काटने पड़े और अंततः एक निजी अस्पताल के आईसीयू में उनकी सांसें थम गईं। त्रासदी की इस गंभीर स्थिति के बीच हाई कोर्ट की दहलीज पर सरकार मौतों के आंकड़ों को लेकर पूरी तरह असहज नजर आई।
जस्टिस विजय कुमार शुक्ला और आलोक अवस्थी की डिवीजन बेंच के समक्ष सुनवाई में सरकारी तंत्र की लापरवाही का उस वक्त खुलासा हो गया, जब अतिरिक्त महाधिवक्ता ने मौतों की संख्या पर विरोधाभासी बयान दिए।
कोर्ट के सवाल पर पहले आंकड़ा 21 बताया गया, लेकिन कुछ ही पल बाद 15 कर दिया। सरकार की इस अनिश्चितता पर सवाल उठ रहे हैं कि आखिर वे 8 नाम सरकारी रिकॉर्ड से कहां गायब हो गए, जिनके घर मातम पसरा हुआ है।
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये पेश हुए मुख्य सचिव अनुराग जैन ने तर्क दिया कि सभी मौतें केवल दूषित पानी की वजह से नहीं हुई हैं, बल्कि कई लोग पहले से ही गंभीर बीमारियों से ग्रसित थे। हालांकि उन्होंने इसे मानवीय आधार बताते हुए 2-2 लाख रुपए की सहायता राशि और मुफ्त इलाज की बात दोहराई।
हाई कोर्ट में हुई इस तीखी बहस के दौरान याचिकाकर्ताओं ने सरकार पर अपारदर्शिता का आरोप लगाते हुए कहा पालन-प्रतिवेदन रिपोर्ट की प्रतियां जानबूझकर उपलब्ध नहीं कराई गईं। कोर्ट ने सख्त रुख अपनाते हुए रिपोर्ट की कॉपी साझा करने के निर्देश दिए हैं।
मामले की अगली सुनवाई मंगलवार को होगी। धरातल पर स्थिति यह है कि क्षेत्र में आज भी 17 मरीज अस्पतालों में जिंदगी की जंग लड़ रहे हैं, जिनमें से 6 की हालत नाजुक है। प्रशासन भले ही पाइप लाइन बदलने और लीकेज बंद करने के दावे कर रहा हो, लेकिन कागजी दावों और जमीनी हकीकत के बीच मौतों का बढ़ता आंकड़ा व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े कर रहा है।
सज्जन वर्मा बोले- राहुल के लिए प्रशासन ने दिया मात्र तीन घंटे का समय
कल इंदौर आ रहे लोकसभा के नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के लिए प्रशासन ने मात्र तीन घंटे का समय दिया है। पूर्व मंत्री सज्जनसिंह वर्मा ने बताया वे अपने साथ जल विशेषज्ञों को लेकर आएंगे और पीड़ितों से मिलेंगे।
राहुल गांधी भागीरथपुरा मामले में रिपोर्ट प्रस्तुत करेंगे, जो विधायक प्रताप ग्रेवाल और महेश परमार ने तैयार की है। वर्मा ने मंत्री कैलाश विजयवर्गीय द्वारा राहुल गांधी के उपवास पर किए गए तंज पर कहा सरकारी गोदामों में सड़ा हुआ अनाज है।
अच्छा है कि न खाएंगे तो सेहत ठीक रहेगी। उन्होंने कहा कांग्रेस जब भी विरोध करती है, तो भाजपा को कष्ट होता है। वर्मा ने बताया राहुल के दौरे के दौरान मनरेगा में बदलाव के विरोध में उपवास सत्याग्रह किया जाएगा। भागीरथपुरा घटना को लेकर वह काफी दु:खी हैं और उन्होंने ट्वीट भी किया था।
पूरे प्रदेश से विधायक-पार्षद आ रहे हैं। राहुल के साथ आने वाले जल विशेषज्ञ पार्षदों को जल जागरूकता की जानकारी देंगे।
पीड़ितों के साथ मीडिया से भी मिलेंगे
वर्मा ने बताया राहुल गांधी भागीरथपुरा के पीड़ितों से मिलकर उनका दु:ख बांटने के साथ ही मीडिया से भी रूबरू होंगे। सभी जिलाध्यक्षों से अपने-अपने जिले में ही सत्याग्रह करने को कहा गया है। हमने भागीरथपुरा को लेकर विधायक प्रताप ग्रेवाल, महेश परमार के साथ रिपोर्ट बनाई है, वह भी सौंपी जाएगी।
क्षेत्र को अति-संवेदनशील की श्रेणी में रख सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट
पीड़ितों से मिलकर प्रशासन को जगाने धरना भी देंगे राहुल
देश के सबसे स्वच्छ शहर इंदौर का एक हिस्सा भागीरथपुरा सिसकियों और मातम के बीच इन दिनों लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की सुरक्षा व्यवस्था के कड़े घेरे में सिमटा हुआ है। राहुल शनिवार सुबह 11.30 बजे इंदौर आएंगे।
उनका यह दौरा उस दूषित जल त्रासदी के खिलाफ न्याय की हुंकार के लिए होगा, जिसने बस्ती के 24 परिवारों के चिराग बुझा दिए। इस बेहद संवेदनशील और हाई-प्रोफाइल दौरे को लेकर दिल्ली से इंदौर तक की सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट मोड पर हैं।
गुरुवार देर रात सीआरपीएफ की 17 सदस्यीय विशेष टीम ने शहर में आमद दी, जो शुक्रवार को स्थानीय पुलिस और जिला प्रशासन के साथ मिलकर ‘मौत के मुहाने’ पर खड़े उस संवेदनशील क्षेत्र के चप्पे-चप्पे का मुआयना करेगी, जहां राहुल गांधी को पीड़ितों के बीच बैठना है।
भागीरथपुरा की तंग गलियों और वहां व्याप्त भारी जनाक्रोश को भांपते हुए सुरक्षा एजेंसियों ने इस इलाके को ‘अति-संवेदनशील क्षेत्र’ की श्रेणी में रखा है। सीआरपीएफ और स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीमें आज न केवल संभावित रूट की रिहर्सल करेंगी, बल्कि ड्रोन कैमरों और सीसीटीवी नेटवर्क के जरिये पूरे क्षेत्र को एक अभेद्य किले में तब्दील करने की रणनीति पर काम करेंगी।
पीड़ितों के साथ होगा राहुल का धरना
कांग्रेस के गलियारों से आ रही खबरों के मुताबिक राहुल गांधी यहां पीड़ितों के कंधे से कंधा मिलाकर धरने पर बैठकर सरकार और नगर निगम प्रशासन की जवाबदेही तय करने का मन बना चुके हैं। नगर अध्यक्ष चिंटू चौकसे और जिलाध्यक्ष विपिन वानखेड़े के अनुसार एयरपोर्ट पर स्वागत का तामझाम पूरी तरह सीमित रहेगा, क्योंकि नेता प्रतिपक्ष का पूरा ध्यान उन आंसुओं पर केंद्रित है, जो स्थानीय प्रशासनिक लापरवाही के चलते दूषित जल की भेंट चढ़ गए।
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