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स्कूल की कुर्सी से क्लब की अंधेरी दुनिया तक अबान-बाबा की नंबर-वन जोड़ी: पब, बार और क्लब संचालकों की सक्रिय भूमिका के भी मिले सुराग; नेटवर्क का होगा खुलासा

KHULASA FIRST

संवाददाता

17 जनवरी 2026, 9:38 पूर्वाह्न
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खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
इज्जतदार चेहरा, लग्जरी गाड़ियां, बड़ी पार्टियां और पीछे चल रहा था नशे का काला कारोबार। इंदौर पुलिस ने जिस गिरोह को पकड़ा है, वह सिर्फ एमडी ड्रग्स की तस्करी नहीं कर रहा था, बल्कि हाई-प्रोफाइल लोगों को नशे का आदी बनाकर कम समय में ज्यादा पैसा कमाने का मॉडल चला रहा था।

इस पूरे नेटवर्क की धुरी थे अबान शकील और वैभव उर्फ बाबा, जिन्हें पुलिस खुद ‘नंबर-वन जोड़ी’ मान रही है। दोनों के बारे में उनकी काली करतूतों खुलासा फर्स्ट अपनी बेबाक कलम से खुलासा करता आ रहा है।

भोपाल का अबान शकील, जो खुद को स्कूल प्रिंसिपल बताता था, लग्जरी लाइफ-स्टाइल का शौकीन था। महंगी थार गाड़ी, क्लबों में उठना-बैठना और रईसों से सीधा कनेक्शन यही उसकी असली पूंजी थी।

पुलिस ने उसे एमडी ड्रग्स के साथ पकड़ा तो उसकी चमकदार जिंदगी के पीछे छुपा ज़हर बाहर आ गया। पूछताछ में साफ हुआ कि अबान सिर्फ खुद तक सीमित नहीं था, बल्कि उसने बाबा जैसे तस्करों के साथ मिलकर सप्लाई-चेन खड़ी कर रखी थी।

बाबा-क्लब पार्टियों का ड्रग्स मैनेजर
इंदौर का वैभव उर्फ अरुण उर्फ बाबा शर्मा इस नेटवर्क का दूसरा मजबूत स्तंभ निकला। बाबा का तरीका अलग था। इवेंट्स कंपनी के नाम पर बड़ी-बड़ी पार्टियां, क्लब और बार, जैसे विजयनगर स्थित रिवोल्यूशन, लसूड़िया स्थित स्ट्राइकर, सभी पबों में एमडी ड्रग्स की सप्लाई।

यहां पहुंचते थे शहर और बाहर के हाई-प्रोफाइल युवा, जिन्हें पहले नशे का स्वाद चखाया जाता और फिर आदत बना दी जाती। पुलिस चेकिंग से बचने के लिए बाबा ने अपने गिरोह में युवतियों को शामिल किया, ताकि शक न हो और सप्लाई आसानी से हो जाए।

जब कनाड़िया पुलिस ने बिना नंबर की ईको-स्पोर्ट कार को घेरा, तो बाबा भागने लगा, लेकिन दबोच लिया गया। कार में बैठी थीं दो युवतियां नेहा उर्फ रिशु झा (मुंबई) और अलीशा उर्फ जैनी मसीह (रतलाम)।

तलाशी में इनके पास से भी एमडी ड्रग्स निकली। पूछताछ में युवतियों ने कबूल किया कि वे बाबा के साथ क्लब-बार पार्टियों में जाकर महंगे दामों पर एमडी ड्रग्स की पुड़ियां सप्लाई करती थीं।

फार्म हाउस और फैमिली पार्टियों तक फैला नशा
पुलिस को शुरुआती पूछताछ में पता चला कि बाबा और अबान का नेटवर्क सिर्फ पब तक सीमित नहीं था। इंदौर के आसपास के फार्म हाउस और निजी पार्टी लोकेशन्स में भी नशे की सप्लाई होती थी। युवा और हाई-प्रोफाइल लोग यहां एमडी ड्रग्स का सेवन कर रहे थे, और यह गिरोह कम समय में ज्यादा पैसा कमाने के लिए फार्म हाउस के जरिए भी सप्लाई करता था।

32 लाख रुपए की जब्ती लेकिन सवाल उससे बड़े
इस कार्रवाई में पुलिस ने कुल 15.95 ग्राम एमडी ड्रग्स, थार और ईको-स्पोर्ट कार जब्त की है, जिनकी कुल कीमत लगभग 32 लाख रुपए है। चारों आरोपियों अबान शकील, वैभव उर्फ बाबा शर्मा, नेहा उर्फ रिशु झा और अलीशा उर्फ जैनी मसीह के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट में केस दर्ज कर उन्हें पुलिस रिमांड पर लिया गया।

यह पहला मौका नहीं है जब इंदौर में क्लब-कल्चर और ड्रग्स का नाम साथ आया हो। पहले भी छोटे-छोटे मामलों में संकेत मिले थे, लेकिन अबान बाबा की गिरफ्तारी ने साफ कर दिया है कि नशे का कारोबार अब हाई-प्रोफाइल बिजनेस बन चुका है, जहां पहचान, पैसा और पार्टियां सब हथियार हैं।

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