चाइनीज मांझे से उड़ा रहे पतंग: तीन मौतों के बाद भी लापरवाही; इवेंट कंपनी डाल रही युवाओं की जान जोखिम में
KHULASA FIRST
संवाददाता
खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
जानलेवा चाइनीज मांझे के कारण तीन लोगों की अकाल मौत के बाद भी लापरवाही का आलम है। शहर में मकर संक्रांति के पहले ही एक इवेंट कंपनी पतंगबाजी के कार्यक्रम के जरिए लोगों की जान जोखिम में डाल रही है। खुलेआम छत पर चाइनीज मांझे के माध्यम से बड़ी संख्या में युवा इस कार्यक्रम में पतंग उड़ाते नजर आ रहे हैं।
युवक-युवतियों ने काले कपड़े पहने
एक जागरूक पाठक ने खुलासा फर्स्ट को इस कार्यक्रम का वीडियो भी भेजा है। इसमें बड़ी संख्या में युवक-युवती काले कपड़े पहने और पतंगबाजी करते नजर आ रहे हैं। यह वीडियो सी 21 मॉल के सामने बंधन बैंक की छत का बताया जा रहा है।
हाइकोर्ट का सख्त रवैया
उल्लेखनीय है कि चाइनीज मांझे से हो रही मौतों को लेकर हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। सोमवार को हुई सुनवाई में कोर्ट ने कहा कि प्रतिबंध के बावजूद लगातार जानलेवा घटनाएं दुर्भाग्यपूर्ण है और इसे रोकने के लिए कड़ी कार्रवाई जरूरी है।
कोर्ट ने यह भी निर्देश दिए हैं कि चाइनीज मांझे से अब यदि किसी की मौत होती है, तो संबंधित व्यक्ति के खिलाफ बीएनएस की धारा 106(1) के तहत गैर-इरादतन हत्या का मामला दर्ज किया जाएगा।
बिक्री और उपयोग पर सीधे आपराधिक कार्रवाई
हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि यदि कोई व्यक्ति चाइनीज मांझा बेचते या उसका उपयोग करते पाया जाता है, तो उसके खिलाफ सीधे आपराधिक कार्रवाई होगी। साथ ही यदि नाबालिग चाइनीज मांझे का उपयोग करते पकड़े जाते हैं, तो उनके अभिभावकों को जिम्मेदार मानते हुए उनके खिलाफ भी प्रकरण दर्ज किया जाएगा।
चाइनीज मांझे से तीन लोगों की मौत
इंदौर में बीते कुछ महीनों में चाइनीज मांझे से तीन लोगों की मौत हो चुकी है। इसके अलावा कई लोग घायल हुए हैं और बड़ी संख्या में पक्षी भी इसकी चपेट में आकर मारे गए हैं। कोर्ट ने यह भी कहा है कि 14 जनवरी को मकर संक्रांति है और इस दौरान पतंगबाजी बढ़ जाती है, जिससे प्रतिबंधित मांझे के उपयोग से बड़े हादसों की आशंका बनी रहती है।
कलेक्टर ने अपनाया सख्त रुख
कलेक्टर शिवम वर्मा ने चायना धागे से होने वाली लगातार जनहानि और पक्षियों की मौत को गंभीरता से लेते हुए सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि पतंगबाजी में चायना धागे का उपयोग पहले ही भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 के तहत प्रतिबंधित किया जा चुका है, इसके बावजूद चोरी-छिपे इसका इस्तेमाल जारी है।
पांच वर्ष तक की सजा और जुर्माने का प्रावधान
कलेक्टर वर्मा ने कहा कि ऐसे मामलों में अब किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यदि चायना धागे के कारण किसी व्यक्ति की मृत्यु या गंभीर चोट होती है, तो दोषियों पर भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 106 (1) के तहत गैर इरादतन हत्या जैसी सख्त कार्रवाई होगी, जिसमें पांच वर्ष तक की सजा और जुर्माने का प्रावधान है।
प्रशासन की हर स्तर पर निगरानी
कलेक्टर ने कहा कि इसके साथ ही आदेश उल्लंघन करने वालों पर धारा 223 के तहत भी केस दर्ज किया जाएगा। कलेक्टर ने साफ शब्दों में चेतावनी दी कि सामने न आने की सोच रखने वाले लोग भ्रम में न रहें, प्रशासन हर स्तर पर निगरानी कर रहा है। संदेश स्पष्ट है कि त्योहार की खुशी किसी की जान की कीमत पर नहीं हो सकती।
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