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सहमति से बने संबंधों में FIR उचित नहीं: हाईकोर्ट का अहम फैसला; रेप केस में दी व्यापारी को राहत

KHULASA FIRST

संवाददाता

20 मार्च 2026, 2:58 pm
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सहमति से बने संबंधों में FIR उचित नहीं

खुलासा फर्स्ट, जबलपुर।
मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने एक अहम फैसले में कहा है कि यदि दो वयस्क लिन में रहते हैं और संबंध बनाते हैं, तो बाद में विवाद होने पर दुष्कर्म की एफआईआर दर्ज करना उचित नहीं है। इसी आधार पर कोर्ट ने कटनी के एक कपड़ा व्यापारी के खिलाफ दर्ज रेप केस को रद्द करते हुए उन्हें बरी कर दिया।

मामला कटनी निवासी 35 वर्षीय व्यापारी मुकेश ठाकुरानी से जुड़ा है। उनके खिलाफ एक महिला ने आरोप लगाया था कि आरोपी ने शादी का झांसा देकर संबंध बनाए, अश्लील वीडियो बनाकर वायरल करने की धमकी दी और जबरन दुष्कर्म किया।

सुनवाई के दौरान सामने आया कि दोनों पहले से विवाहित थे और अपने-अपने वैवाहिक विवादों के चलते करीब आए थे। वर्ष 2019 में कोर्ट के काम के दौरान उनकी मुलाकात हुई, जिसके बाद दोनों के बीच दोस्ती और फिर संबंध बने। बाद में महिला अपनी मां और बच्ची के साथ व्यापारी के घर रहने लगी।

कुछ समय बाद दोनों के बीच विवाद बढ़ गया और महिला ने जुलाई 2020 में दुष्कर्म सहित अन्य धाराओं में मामला दर्ज करा दिया। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेजा, हालांकि बाद में उन्हें जमानत मिल गई।

याचिकाकर्ता की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता ने दलील दी कि संबंध पूरी तरह सहमति से थे और ब्लैकमेल या जबरदस्ती के कोई ठोस सबूत नहीं मिले। पुलिस जांच में भी अश्लील वीडियो या हथियार मिलने की पुष्टि नहीं हुई।

कोर्ट ने सभी तथ्यों पर विचार करते हुए पाया कि दोनों वयस्कों के बीच संबंध सहमति से बने थे और बाद में विवाद होने पर लगाए गए आरोप टिकाऊ नहीं हैं। इसी आधार पर न्यायालय ने एफआईआर को निरस्त कर आरोपी को बरी कर दिया।

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