नकली ‘विमल’ के काले कारोबार का खुलासा: रहवासी क्षेत्र में चल रही थी जहर उगलती फैक्ट्री, तीन सलाखों के पीछे
KHULASA FIRST
संवाददाता
जहरीले मैग्नीशियम कार्बोनेट से तैयार हो रहा था मौत का पान-मसाला, महाराष्ट्र तक थी सप्लाई
खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
शहर में मिलावटखोरी के खिलाफ चल रहे अभियान में कनाड़िया पुलिस ने नकली पान-मसाला माफिया फैक्ट्री का खुलासा किया है। इसमें ब्रांडेड ‘विमल पान-मसाला’ की हूबहू नकल कर लोगों की सेहत से खिलवाड़ किया जा रहा था।
टीआई सहर्ष यादव के मुताबिक मुखबिर से सूचना मिली थी कि रहवासी इलाके सहारा सिटी होम्स, बिचौली मर्दाना बायपास स्थित मकान नंबर एस-19 में नकली पान-मसाला की फैक्ट्री चल रही है। इस पर एसआई सचिन आर्य, एएसआई दिलीप बगड़ावत, हेड कांस्टेबल किशोर सांवलिया, पंकज जाधव और आरक्षक जगदीश दांगी की टीम ने दबिश दी तो अंदर का नजारा चौंकाने वाला था।
बाहर से शांत दिखने वाले मकान में अंदर जहर की मंडी थी। टीम ने तीन मिलावटखोरों अक्षत शर्मा निवासी स्नेह नगर (जूनी इंदौर), जावेद कुरैशी निवासी सनावद (खरगोन) और अरुण सिंह निवासी रोशन पार्क, पालघर (मुंबई-महाराष्ट्र) को गिरफ्तार किया है।
सेहत का दुश्मन केमिकल, लाखों का माल जब्त
मकान में नकली पान-मसाला बनाने के उपकरण, विमल पान-मसाला जैसा हूबहू सैंपल (नकली पान-मसाला) बड़ी मात्रा में तैयार पड़ा था। पूछताछ में खुलासा हुआ कि नकली पान-मसाला खास तौर पर महाराष्ट्र में सप्लाई किया जा रहा था।
पुलिस ने पाउच पैकिंग मशीन, पाउच सीलिंग मशीन, सुपारी ओवन ड्रायर, सुपारी कटर मशीन, विमल रोल, मैग्नीशियम कार्बोनेट, कत्था, चूना, टोबैको लिक्विड और थैली विमल पान-मसाला सहित पांच लाख का माल जब्त करते हुए आरोपियों पर 318 (4), 349 (ए), 3(5) बीएनएस 51, 63 कॉपीराइट एक्ट के तहत कार्रवाई की है। तीनों आरोपियों को सलाखों के पीछे भेज दिया गया।
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