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बदलते मौसम में वास्तु संतुलन पर जोर: घर की ऊर्जा सुधारने के लिए ये है विशेषज्ञों की सलाह

KHULASA FIRST

संवाददाता

15 फ़रवरी 2026, 6:53 पूर्वाह्न
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बदलते मौसम में वास्तु संतुलन पर जोर

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
मौसम परिवर्तन और व्यस्त जीवनशैली के बीच घर में सकारात्मक ऊर्जा बनाए रखने के लिए वास्तु विशेषज्ञों ने कुछ महत्वपूर्ण सुझाव जारी किए हैं। उनका कहना है कि छोटे-छोटे बदलावों से घर का वातावरण संतुलित और ऊर्जावान बनाया जा सकता है।

स्वच्छता और प्रकाश व्यवस्था महत्वपूर्ण
वास्तु सलाहकारों के अनुसार मुख्य द्वार की स्वच्छता और प्रकाश व्यवस्था अत्यंत महत्वपूर्ण है। प्रवेश द्वार पर पर्याप्त रोशनी और साफ-सफाई सकारात्मक ऊर्जा के प्रवाह को बढ़ाती है। टूटी नेमप्लेट, जूते-चप्पलों का अव्यवस्थित ढेर या अंधेरा कोना नकारात्मक प्रभाव डाल सकता है।

गैस चूल्हा दक्षिण-पूर्व दिशा में होना शुभ
रसोईघर को अग्नि तत्व का स्थान माना गया है। विशेषज्ञों का कहना है कि गैस चूल्हा दक्षिण-पूर्व दिशा में होना शुभ माना जाता है। वहीं पानी और अग्नि तत्व (सिंक और चूल्हा) को पास-पास रखने से बचने की सलाह दी गई है।

अनावश्यक इलेक्ट्रॉनिक सामान कम रखें
शयनकक्ष में बिस्तर का सिरहाना दक्षिण या पूर्व दिशा की ओर रखना स्वास्थ्य के लिए अनुकूल बताया गया है। साथ ही कमरे में अनावश्यक इलेक्ट्रॉनिक सामान कम रखने की सलाह दी गई है, जिससे मानसिक शांति बनी रहे।

बंद घड़ी और सूखे पौधे न रखें
विशेषज्ञों ने यह भी कहा कि घर में टूटे-फूटे सामान, बंद घड़ी या सूखे पौधे न रखें। ये ठहरी हुई ऊर्जा का संकेत माने जाते हैं। घर के उत्तर-पूर्व कोने को साफ और हल्का रखने से मानसिक स्पष्टता और आध्यात्मिक शांति में वृद्धि होती है।

हवा का उचित प्रवाह जरूरी
वास्तु विशेषज्ञों का मानना है कि नियमित रूप से धूप-दीप करना, प्राकृतिक रोशनी का प्रवेश सुनिश्चित करना और हवा के उचित प्रवाह की व्यवस्था करना घर के वातावरण को संतुलित रखने में सहायक होता है।विशेषज्ञों का कहना है कि वास्तु सुधार के लिए बड़े निर्माण परिवर्तन जरूरी नहीं, बल्कि जागरूकता और संतुलन ही सबसे बड़ा उपाय है।

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