प्रदेश को रोशन करने वाले अंधेरे में कलेक्टोरेट में डटे बिजली पेंशनर
KHULASA FIRST
संवाददाता

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
जिन्होंने दशकों तक पसीने से घर-घर को रोशन किया, आज ‘पेंशन’ की सुरक्षा के लिए प्रशासन की चौखट पर डटे हैं। बुधवार को कलेक्टोरेट के सामने यही मंजर देखने को मिला, जब मप्र विद्युत मंडल पेंशनर्स संयुक्त मोर्चा के बैनर तले सैकड़ों बुजुर्ग महिला-पुरुष सांकेतिक धरने पर बैठ गए।
चेहरे पर उम्र की लकीरें और आंखों में अपने ही विभाग की बेरुखी का दर्द लिए शासन से पूछने आए थे हक का पैसा आखिर जा कहां रहा है?
आरती सोमानी अध्यक्ष पेंशनर एसोसिएशन, किरण शर्मा, सुमन मिश्रा, सुनीता पोरवाल, संध्या बंगाले, सुदर्शन जटाले, मनीष राणा और लक्ष्मणसिंह चौहान सहित सैकड़ों पेंशनर्स मौजूद रहे।
आक्रोश इस पर है बिजली कंपनियां बिलों में उनके नाम पर राशि तो वसूल रही हैं, लेकिन भुगतान की बारी आती है तो फंड की कमी का हवाला दिया जाता है।
पड़ोसी राज्यों की तर्ज पर पेंशन की वैधानिक गारंटी चाहिए। मुख्यमंत्री को सौंपे गए ज्ञापन में स्पष्ट किया गया ऊर्जा नायकों की अनदेखी बंद नहीं हुई तो विरोध आने वाले समय में बड़े आंदोलन की शक्ल ले लेगा।
कहां जा रहा पैसा.. ?
विद्युत नियामक आयोग ने कर्मचारियों के लिए डीए और पेंशनर्स के लिए डीआर का प्रावधान किया है। इस मद की राशि विद्युत कंपनी उपभोक्ताओं से वसूलती है।
इसके बावजूद पेंशनरों को उनका हक नहीं दिया जा रहा और न ही उपभोक्ताओं को वह पैसा वापस किया जा रहा है। आखिर जा कहां रहा है?
अरूण अग्रवाल, पेंशनर एवं पूर्व संयुक्त सचिव, मप्र विद्युत मंडल, पश्चिमी इंदौर
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