ईडी की बड़ी कार्रवाई: नगर निगम के पूर्व अधिकारी की संपत्ति की अटैच
KHULASA FIRST
संवाददाता

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
नगर निगम के पूर्व सहायक उद्यान अधिकारी चेतन पाटिल के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई की है। ईडी ने आय से अधिक संपत्ति मामले में पाटिल की 39.91 लाख रुपए की संपत्ति को अटैच किया है।
इन संपत्तियों को किया गया जब्त
बता दें कि, यह कार्रवाई ईडी के इंदौर कार्यालय द्वारा की गई। अटैच की गई संपत्तियों में चेतन पाटिल और उनकी पत्नी ज्योति पाटिल के नाम दर्ज प्लॉट और आवासीय भवन शामिल हैं।
जब्त की गई संपत्ति की कीमत 80 लाख
ईडी के अनुसार, वर्ष 1998 से 2023 के बीच पाटिल ने 1.38 करोड़ रुपए की संपत्ति अर्जित की, जबकि उनकी वैध आय के आधार पर यह राशि करीब 55 लाख रुपए ही होनी चाहिए थी। जब्त की गई संपत्ति का वर्तमान बाजार मूल्य लगभग 80 लाख रुपए आंका गया है।
फर्जी फर्म के जरिए मनी लॉन्ड्रिंग
जांच में सामने आया है कि कथित अवैध कमाई को छिपाने के लिए पाटिल ने कई बैंक खातों के माध्यम से धनराशि को अपनी पत्नी के नाम से पंजीकृत फर्म मेसर्स नागरोध आर्किटेक्ट में ट्रांसफर किया।
इसी धनराशि से अचल संपत्तियां खरीदी गईं
यह फर्म किसी भी प्रकार का वास्तविक व्यावसायिक कार्य नहीं करती थी और इसका उपयोग केवल नकद जमा और निकासी के लिए किया गया। ईडी के मुताबिक, इसी धनराशि से अचल संपत्तियां खरीदी गईं, होम लोन की किश्तें चुकाई गईं और एलआईसी प्रीमियम का भुगतान किया गया।
ईओडब्ल्यू जांच से खुला था मामला
इस पूरे प्रकरण की शुरुआत आर्थिक अपराध शाखा (EOW) की जांच से हुई थी। ईओडब्ल्यू ने चेतन पाटिल के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति का प्रकरण दर्ज किया था। जांच में यह तथ्य सामने आया कि पाटिल की मासिक आय मात्र 30 हजार रुपए थी।
जबकि उनके पास लगभग 1.95 करोड़ रुपए की संपत्ति पाई गई। ईओडब्ल्यू की रिपोर्ट के बाद तत्कालीन नगर निगम आयुक्त शिवम वर्मा ने चेतन पाटिल को सेवा से बर्खास्त कर दिया था।
पौधे खरीदी में करोड़ों का घोटाला
जांच एजेंसियों के अनुसार, पाटिल के कार्यकाल के दौरान उद्यान विभाग में पेड़ों, पौधों और गमलों की खरीदी में गंभीर अनियमितताएं हुईं। खासकर एनआरआई सम्मेलन के दौरान की गई पौधे खरीदी में भारी फर्जीवाड़े के आरोप लगे थे। जांच में यह भी सामने आया कि प्रभारी रहते हुए करीब 2 करोड़ रुपये की फर्जी खरीदी को अंजाम दिया गया।
मस्टर कर्मी से अधिकारी तक का सफर
चेतन पाटिल ने वर्ष 2004 में नगर निगम इंदौर में मस्टर वर्कर के रूप में नौकरी शुरू की थी। समय के साथ विभागीय और राजनीतिक संपर्कों के चलते वे उद्यान अधिकारी के पद तक पहुंचे।
अब वही कार्यकाल जांच एजेंसियों के घेरे में है। ईडी और ईओडब्ल्यू की कार्रवाई के बाद इस मामले में आगे और खुलासों की संभावना जताई जा रही है।
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