दुबई मूल के मुस्लिम बाईजू शाह को बिरजू सुख्यानी बनाकर बसा दिया: जालसाज बाप-बेटे का बड़ा खेल
KHULASA FIRST
संवाददाता

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
लिंबोदी की बिल्डिंग में अवैध पेंट हाऊस में रह रहे धोखेबाज और जालसाज शंकर चुघवानी और बेटा सागर चुघवानी ने सुदामा नगर में एक मकान पर कब्जा करने की नीयत से बड़ा खेल खेला। दोनों बाप-बेटे ने मकान में ओमान-दुबई मूल के मुस्लिम बाईजू शाह को बिरजू सुख्यानी बनाकर बसा दिया और फिर पूरे मकान पर कब्जा जमाने की कोशिश की। मामला कोर्ट में है।
ये मकान मूलत: बड़े प्रापर्टी व्यवसायी दिलीप परियानी ने वर्ष 1989 में खरीदा था। ये मकान उन्होंने कैलाशचंद्र खरे से खरीदा था जिन्होंने इसे सुदामा नगर सोसायटी से लिया था। दो मंजिला इस मकान में चुघवानी ने परियानी को झांसे में लेकर इस मकान के ऊपरी हिस्से में बिरजू सुख्यानी नामक एक व्यक्ति को बसाया।
ये वही बिरजू है जिसका असली नाम बाईजू शाह है और जो ओमान व दुबई का होकर मुस्लिम है। चुघवानी ने उसके फर्जी कागजात तैयार कर सिंधी बना दिया और उसे संपत्तियों पर कब्जा दिलवा दिया।
कथित बिरजू अविवाहित था, इसलिए शंकर चुघवानी ने उसके मकान पर कब्जा करने की नीयत से निर्मला मोटवानी के मां-बाप को दस्तावेजों पर शाह का मां-बाप बना दिया।
इस तरह निर्मला उसकी बहन बना दी गई और उसके दोनों बेटों दीपक और अमर मोटवानी को भांजा बताकर मकान पर कब्जी की कोशिश कर ली।
ये मकान बी-103 पर स्थित है और इसके ऊपरी मंजिल पर बाईजू शाह का कब्जा था जिसकी मौत के बाद अब शंकर चुघवानी की शह पर निर्मला व उसके दोनों बेटे कब्जा करने की कोशिश कर रहे हैं। निचली मंजिल के वर्तमान मालिक सनी परियानी ने बताया कि ये मामला कोर्ट में है जिसका प्रकरण क्र. 1152/2025 है।
इसकी पहली तारीख 17 सितम्बर को लगी थी जिस पर इन्हें नोटिस जारी किया गया। चुघवानी समेत मोटवानी परिवार ने पिता स्व. दिलीप परियानी के निधन के सातवें दिन उन्हें डरा-धमकाकर इस पर कब्जा करने की कोशिश की थी। कुछ दिनों पूर्व उन्होंने मकान में निचली मंजिल के उनके हिस्से का ताला तोडक़र उसमें घुसने की कोशिश की जिसे उन्होंने विफल कर दिया।
इस बौखलाहट में मोटवानी-चुघवानी ने सनी के खिलाफ एफआईआर दर्ज भी करानी चाही लेकिन पुलिस ने झूठा मानते हुए दर्ज नहीं की। इसके बाद उन्होंने गाली-गलौच और जान से मारने की धमकी की रिपोर्ट लिखानी चाही लेकिन इस मौके के वीडियो में ऐसा कुछ नहीं था। इस लिहाज से ये मामला भी ज्यादा दमदार नहीं रहा।
तीन माह पुराना वीडियो के आधार पर एफआईआर दर्ज कराने की कोशिश की। गेट से परयानी को अपने घर जाने से रोकने की कोशिश की थी।
जेलरोड पर भी धोखाधड़ी कर चुके हैं चुघवानी बाप-बेटे
जेलरोड पर कई दुकानदारों से शंकर चुघवानी और उसके बेटे सागर चुघवानी ने 20 लाख से ज्यादा की धोखाधड़ी की है। व्यापारी किशोर भैया, अजय भाई, पंकज भाई आदि ने बताया कि बाप-बेटों ने उनसे माल लिया और पैसे नहीं दिए।
करीब 20 लाख की उधारी के बाद दोनों ने हाथ खड़े कर दिए और कह दिया कि जो बने वो कर लो, पैसे नहीं देंगे। व्यापारियों ने कहा कि बाप-बेटे अपने हाथ में सोने की चार-चार अंगुठियां, गले में सोने की मोटी चेन पहनते हैं लेकिन बाजार का पैसा नहीं देते।
व्यापारी किशोर ने बताया कि जब उन्होंने चुघवानी को पकड़ा तो वो, पत्नी आरती और बेटे सागर ने कहा कि ये सोना उनकी बेटी हिना उर्फ भाविका विधानी ने दिलाए हैं। दोनों बाजार का पैसा देने से बचने के लिए न केवल जेलरोड से अपनी मोबाइल एसेसरीज की दुकान से सारा कामकाज समेटकर भाग गए बल्कि बेटी का नाम ले रहे हैं।
इसी मामले में एक और गड़बड़ी ये भी सामने आई है कि चुघवानी बाप-बेटे ने जेलरोड की जो दुकान खानचंद वाधवानी खानू से ली थी उन्हें उसका आखरी माह का 15 हजार रुपए का किराया भी नहीं दिया।
हिंदू संगठनों को दी जानकारी: मामले में सनी परियानी ने बताया कि दीपक मोटवानी, शंकर चुघवानी, बेटा सागर चुघवानी के बारे में तमाम जानकारियां जुटाई जा रही हैं, जो हिंदू संगठनों को दी जाएगी।
इसमें मुस्लिम को फर्जी तरीके से सिंधी बनाकर इंदौर में बसाने का मामला भी शामिल है।
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