राजवाड़ा क्षेत्र में खुलेआम ऑटो में किया जा रहा नशा: सिस्टम की मिलीभगत से नशाखोरी बेलगाम; पुलिस गश्त पर गंभीर सवाल
KHULASA FIRST
संवाददाता
खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
बीती रात शहर के हृदयस्थल राजवाड़ा क्षेत्र में सिस्टम की नाकामी की शर्मनाक तस्वीर सामने आई। जवाहर मार्ग पर गुरुद्वारे के सामने मुख्य सड़क पर एक मेडिकल स्टोर के पास रात करीब 11.30 बजे ऑटो रिक्शा में खुलेआम नशा किया जा रहा था।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार ऑटो रिक्शा एमपी 09 आर 4510 में सवार दो युवक चमकीले कागज (फॉइल) की मदद से पाउडर नशे का सेवन करते दिखाई दिए। दोनों युवक एक-एक कर डोज लेते रहे और हर डोज के बाद सिगरेट या बीड़ी का कस भी लगाते रहे।
हैरानी रही पूरा घटनाक्रम सड़क किनारे खड़े ऑटो में शहर के सबसे व्यस्त और संवेदनशील मार्ग पर चलता रहा।
यह घटना न सिर्फ इंदौर पुलिस की रात्रि गश्त को सीधी चुनौती देती है, बल्कि यह भी खुलासा करती है करोड़ों की पुलिस गाड़ियों और संसाधनों के बावजूद निगरानी का क्या हाल है? स्थानीय लोगों का आरोप है रात की गश्त अब कानून व्यवस्था के लिए नहीं, बल्कि वसूली तक सीमित रह गई है।
शहर के बीचोबीच खुलेआम नशाखोरी प्रमाण है जब तक सप्लाई चैन, पैडलर नेटवर्क और संरक्षण देने वालों पर सख्त कार्रवाई नहीं होगी, नशे के खिलाफ सरकार और प्रशासन की सारी घोषणाएं महज़ कागज़ी साबित होती रहेंगी।
शहर में नशाखोरी अब खुलेआम सड़कों पर होने लगी है। हालात साफ़ संकेत दे रहे हैं नशे की सप्लाई, बिक्री और खपत—तीनों स्तरों पर पूरे सिस्टम की मिलीभगत है।
अन्य राज्यों से आ रहा नशा, शहर में पैडलरों के जरिए नशेड़ियों तक बेखौफ पहुंच रहा है। सब कुछ खुलेआम हो रहा है तो कानून और पुलिसिंग कहां है?
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