अवैध भवन बचाने डॉ. डेंग नेताओं की शरण में
KHULASA FIRST
संवाददाता

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
तिलक नगर में भगवती चिकित्सालय चलाने वाले डॉ. डेंग उर्फ डॉ. सुनील गेहलोत 15 बाय 50 के प्लॉट पर अवैध चार मंजिला भवन निर्माण कर रहा है और खुलासा फर्स्ट द्वारा उसकी कारस्तानी का खुलासा करने के बाद निगम ने नोटिस भी दिया है। अब खबर है कि डॉ. डेंग अपना अवैध और अनियमित आशियाना बचाने के लिए नेताओं के चक्कर लगा रहा है। उसे रिमूवल का डर सता रहा है।
डॉ. डेंग की पत्नी प्रेरणा भी डॉक्टर हैं और दंपत्ति भगवती चिकित्सालय चलाते हैं। उन्होंने अपने चिकित्सालय के सामने ही इस अवैध भवन का निर्माण शुरू कर रखा है जिसमें न एमओएस है और न निगम की अन्य शर्तों का पालन किया गया है। खास बात ये है कि जी+2 की अनुमति है, जबकि डॉ. डेंग इस पर चार मंजिला तो तान चुका है जबकि पांचवी मंजिल पर पेंटहाऊस बना रहा है।
अभी ये साफ नहीं है कि यहां वो नर्सिंग होम खोलेंगे या आवासीय ही रहेगा, हालांकि इसका लैंडयूज आवासीय ही है, लेकिन ये भवन भूतबंगले से कम नहीं है जिसमें कोई खाली स्पेस नहीं छोड़ी गई है। दोनों ही स्थितियों में यदि ईश्वर न करे, कभी कोई हादसा हुआ तो फायर ब्रिगेड या अन्य कर्मचारियों को साजोसामान समेत अंदर जाने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ेगा।
जाहिर है कि यदि ये आवासीय रही तो इसमें रहने वाले लोगों की जान संकट में रहेगी। दूसरी बात ये है कि एमओएस और पार्किंग स्पेस न छोड़े जाने की स्थिति में इसमें आने वाले लोगों के वाहनों की पार्किग सड़क पर होगी, जिससे न केवल आसपास के रहवासियों को परेशानी का सामना करना पड़ेगा बल्कि दिनभर ट्रैफिक जाम की स्थिति बनेगी। वैसे ही ये मार्ग अधिक चौड़ा नहीं है, इस पर डॉ. डेंग के निर्माण ने स्थिति और बिगाड़ दी है।
सूत्रों का कहना है कि डॉ. डेंग का निर्माण पूरी तरह अवैध है और इसे बचाने के लिए वो नेताओं के चक्कर काट रहा है। उसने क्षेत्र के एक पार्षद के पास ढोक लगाई है और अपना निर्माण बचा लेने की गुहार लगाई है। पार्षद ने अभी कोई जवाब नहीं दिया है।
इसके अलावा, वे क्षेत्र के छुटभैये नेताओं के जरिए विधायक महेंद्र हार्डिंया तक भी पहुंचा है, लेकिन वहां से भी उसे कोई खास मदद नहीं मिली है। अपने अवैध निर्माण के कारण चारों ओर से घिर चुके डॉ. डेंग उर्फ डॉ. सुनील गेहलोत अपनी इज्जत बचाने के लिए हारी हुई लड़ाई लड़ रहा है।
मामले में पार्षद एवं एमआईसी सदस्य राजेश उदावत ने कहा कि उनकी जानकारी में भी ये मामला आया है। वो जल्दी ही इसे चेक करवाएंगे। उल्लेखनीय है कि मामले में निगम की ओर से उसे नोटिस दिया गया है। इस पर कार्रवाई चल रही है। भवन अधिकारी टीना सिसौदिया ने कहा कि प्रोसेस चल रही है। उसका जवाब आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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