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आरटीई के छात्रों को स्कूल से निकालने पर संचालक तलब: कलेक्टर ने संवेदनशीलता से सुनी 301 फरियादियों की व्यथा

KHULASA FIRST

संवाददाता

04 फ़रवरी 2026, 1:35 अपराह्न
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आरटीई के छात्रों को स्कूल से निकालने पर संचालक तलब

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
जिला प्रशासन ने मंगलवार को जनसुनवाई के जरिए आम जनता की समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित किया। कलेक्टर कार्यालय सभाकक्ष में आयोजित इस साप्ताहिक कार्यक्रम में कलेक्टर शिवम वर्मा ने अधिकारियों के साथ मिलकर एक-एक कर 301 आवेदकों की पीड़ा सुनी और अधिकांश मामलों में तत्काल राहत की राह प्रशस्त की।

इस दौरान स्वास्थ्य, राजस्व, पारिवारिक विवाद और आर्थिक सहायता से जुड़े प्रकरणों की बहुलता रही, जिन पर संवेदनशीलता के साथ निर्णय लिए गए।

कलेक्टर शिवम वर्मा ने स्पष्ट किया कि जनसुनवाई महज एक प्रक्रिया नहीं, बल्कि शासन और जनता के बीच सीधा संवाद स्थापित करने का सशक्त माध्यम है।

उन्होंने लंबित प्रकरणों के लिए समय-सीमा (टीएल) तय करते हुए संबंधित विभागों को सख्त निर्देश दिए कि निराकरण में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

प्रशासन की मुस्तैदी का आलम यह रहा कि एक निजी स्कूल द्वारा आरटीई के छात्रों को बाहर किए जाने की शिकायत पर तुरंत संज्ञान लिया गया और स्कूल संचालक को तलब कर जांच के निर्देश दिए गए।

वहीं, होलकर साइंस कॉलेज के पूर्व प्राचार्य की 15 माह से अटकी मेडिकल रिपोर्ट के मामले में स्वास्थ्य विभाग को तत्काल रिपोर्ट उपलब्ध कराने के लिए निर्देशित किया गया।

कैंसर से जूझ रही बुजुर्ग के नि:शुल्क उपचार की व्यवस्था कराई
मानवीय संवेदनाओं का परिचय देते हुए कलेक्टर ने कैंसर से जूझ रही एक बुजुर्ग महिला के नि:शुल्क उपचार की तत्काल व्यवस्था कराई, जिससे परिवार को बड़ी राहत मिली। पारिवारिक विवादों और उत्पीड़न की शिकायतों को लेकर भी प्रशासन का रुख कड़ा रहा, जहां एक बुजुर्ग के मामले को शांतिपूर्ण समाधान के लिए मेडिटेशन सेंटर भेजा गया, वहीं ससुराल पक्ष द्वारा प्रताड़ित महिला को पुलिस और कानूनी सहायता दिलाने का भरोसा दिया गया।

इस अवसर पर अपर कलेक्टर नवजीवन विजय पंवार, निशा डामोर, रोशन राय और रिंकेश वैश्य सहित अन्य अधिकारियों ने भी मुस्तैदी से आवेदनों का निपटारा किया। कलेक्टर ने आगामी सोमवार को सभी लंबित आवेदनों की समीक्षा करने की बात कही है, ताकि कोई भी पात्र व्यक्ति न्याय से वंचित न रहे।

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