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मां वाग्देवी देवी के पूजन को उमड़े श्रद्धालु: भोजशाला पर आज ‘आस्था और कानून’ की अग्निपरीक्षा

KHULASA FIRST

संवाददाता

23 जनवरी 2026, 12:31 अपराह्न
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मां वाग्देवी देवी के पूजन को उमड़े श्रद्धालु

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
मध्य प्रदेश के धार स्थित विवादित धार्मिक स्थल भोजशाला में वसंत पंचमी पर शुक्रवार को विशेष व्यवस्था की गई है। सूर्योदय के साथ हिंदू पक्ष ने पूजा शुरू की, जबकि दोपहर 1 से 3 बजे तक जुमे की नमाज अदा की जाएगी।

आमतौर पर वसंत पंचमी पर पूजा और जुमे के दिन नमाज की ही अनुमति रहती है, लेकिन जब दोनों एक ही दिन पड़ते हैं, तो तनाव की स्थिति बनती है। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए स्थानीय पुलिस के साथ सीआरपीएफ और रैपिड एक्शन फोर्स के 8000 से ज्यादा जवान तैनात किए गए हैं।

इलाके की निगरानी ड्रोन और एआई तकनीक से की जा रही है। गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट ने हिंदू फ्रंट फॉर जस्टिस की याचिका पर सुनवाई करते हुए आदेश दिया कि हिंदू पक्ष सूर्योदय से दोपहर 1 बजे तक और 3 बजे से सूर्यास्त तक पूजा करेगा। दोपहर 1 से 3 बजे तक परिसर खाली रहेगा। इस दौरान जुमे की नमाज होगी। कोर्ट ने शांति और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने के निर्देश दिए हैं।

कलेक्टर बोले- भोजशाला में पूजा निर्विघ्न चल रही
धार के कलेक्टर प्रियंक मिश्रा ने कहा कि कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए जो भी प्रबंध किए गए हैं उनमें हर व्यक्ति उत्कृष्ट रूप से अपने काम कर रहा है। भोजशाला में पूजा निर्विघ्न चल रही है। सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का अक्षरशः पालन किया जा रहा है।

कलेक्टर ने नमाज को लेकर कहा कि सर्वोच्च न्यायालय के निर्देश अनुसार व्यवस्था की गई है। कितने लोग नमाज पढ़ेंगे, फिलहाल स्पष्ट नहीं है। पास जारी किए जाएंगे, उनमें नाम बढ़ेंगे तो उसके हिसाब से व्यवस्था की जाएगी। भोजशाला क्षेत्र के 300 मीटर के दायरे में नो-फ्लाई जोन घोषित है।

इस दायरे में ड्रोन, यूएवी, पैरा ग्लाइडिंग, हॉट एयर बैलून सहित ऐसी किसी भी गतिविधि पर पूरी तरह पाबंदी है। सड़कों और सार्वजनिक स्थलों पर भवन निर्माण सामग्री, मलबा, टायर और लावारिस गुमटियां रखने पर भी प्रतिबंध लगाया गया है।

8 हजार पुलिसकर्मी, ड्रोन और एआई से निगरानी
वसंत पंचमी को देखते हुए धार को पूरी तरह सुरक्षा घेरे में ले लिया गया है। करीब 8 हजार पुलिसकर्मी, अधिकारी और अर्धसैनिक बल तैनात किए गए हैं। भोजशाला परिसर और आसपास के इलाकों में ड्रोन कैमरे, सीसीटीवी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तकनीक से भीड़ की गतिविधियों पर पल-पल नजर रखी जा रही है।

इंदौर रेंज के आईजी अनुराग सिंह ने बताया कि इस बार एआई सिस्टम के जरिए भीड़ की संख्या, दिशा और किसी भी संभावित जोखिम की जानकारी रियल टाइम में मिल रही है। एसपी मयंक अवस्थी के मुताबिक, शहर में बाइक पार्टी, मोबाइल पार्टी और अतिरिक्त रिजर्व फोर्स तैनात की गई है।

पारंपरिक अनुष्ठान पूरे दिन चलेंगे
भोजशाला मुक्ति यज्ञ के संयोजक गोपाल शर्मा ने कहा ‘हम सुप्रीम कोर्ट के आदेश का सम्मान करते हैं। अखंड पूजा का संकल्प लिया गया है। पूजा सूर्योदय के साथ शुरू होगी और सूर्यास्त तक चलेगी। पूजास्थल पर किसी भी तरह का व्यवधान नहीं होगा।

हिंदू पक्ष के वकील ने अदालत में कहा था कि पिछले कई वर्षों से बसंत पंचमी शुक्रवार को पड़ रही है और हर बार व्यवस्था को लेकर तनाव की स्थिति बनती रही है। इस बार पूजा, हवन और पारंपरिक अनुष्ठान पूरे दिन चलेंगे।

मस्जिद पक्ष: ‘नमाज के बाद परिसर खाली’: मुस्लिम पक्ष ने भी कोर्ट के आदेश को स्वीकार करते हुए संयम बरतने का आश्वासन दिया है। मस्जिद कमेटी अध्यक्ष जुल्फिकार पठान ने कहा सुप्रीम कोर्ट का फैसला हमें मंजूर है।

तय समय 1 से 3 बजे के बीच नमाज अदा की जाएगी और उसके बाद परिसर खाली कर दिया जाएगा। मस्जिद पक्ष के वकील ने अदालत में स्पष्ट किया कि जुमे की नमाज का समय बदला नहीं जा सकता, हालांकि अन्य नमाजों के समय में लचीलापन संभव है।

सुप्रीम कोर्ट की सख्त टिप्पणी: सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा यह पुरातात्विक स्थल दोतरफा दावों से जुड़ा है। मामला हाई कोर्ट में लंबित है, इसलिए हम किसी भी पक्ष के दावे पर राय नहीं दे रहे। हमारे सामने केवल 2003 में एएसआई द्वारा जारी आदेश का पालन सुनिश्चित करने का प्रश्न है। कोर्ट ने दोनों समुदायों से आपसी सम्मान और सहिष्णुता बनाए रखने की अपील की।

1 से 3 बजे जुमे की नमाज
वसंत पंचमी पर धार की ऐतिहासिक भोजशाला आज फिर देश की सबसे संवेदनशील धार्मिक और कानूनी घटनाओं में शामिल हो गई है। आज वसंत पंचमी और जुमे की नमाज के कारण प्रशासन, पुलिस और दोनों समुदायों की परीक्षा है।

सुप्रीम कोर्ट के आदेश के तहत आज भोजशाला में हिंदू पक्ष को सूर्योदय से सूर्यास्त तक मां सरस्वती की पूजा की पूरी छूट दी गई है, जबकि मुस्लिम पक्ष को दोपहर 1 बजे से 3 बजे तक जुमे की नमाज अदा करने की अनुमति है।

सुप्रीम कोर्ट ने यह आदेश हिंदू फ्रंट फॉर जस्टिस की याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया। मामले की सुनवाई CJI सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस विपुल पंचोली की पीठ ने की।

कोर्ट ने साफ कहा कि यह आदेश केवल व्यवस्था और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से है और इससे किसी भी पक्ष के दावे पर कोई अंतिम राय नहीं मानी जाएगी, क्योंकि मामला हाईकोर्ट में लंबित है।

अलग स्थान, अलग रास्ते और विशेष पास: सुप्रीम कोर्ट ने प्रशासन को निर्देश दिए हैं कि पूजा और नमाज के लिए भोजशाला परिसर के भीतर अलग-अलग स्थान तय किए जाएं, दोनों समुदायों के लिए अलग प्रवेश और निकास मार्ग हों और जरूरत पड़ने पर विशेष पास प्रणाली लागू की जाए।

कोर्ट ने यह भी कहा कि किसी भी स्थिति में शांति भंग नहीं होनी चाहिए। कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि बसंत पंचमी आज होने के कारण प्रशासन को व्यावहारिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है, इसलिए सभी पक्ष संयम और सहयोग बनाए रखें।

पुराना इतिहास, बार-बार तनाव: भोजशाला को लेकर विवाद कोई नया नहीं है। 1995 से यहां मंगलवार को पूजा और शुक्रवार को नमाज की अनुमति दी गई। 2003, 2013 और 2016 में जब बसंत पंचमी शुक्रवार को पड़ी, तब धार में तनाव और हिंसा की स्थिति बनी थी।

2013 में पुलिस को लाठीचार्ज और हवाई फायरिंग तक करनी पड़ी थी। इन्हीं घटनाओं को देखते हुए इस बार प्रशासन ने पहले से ही कड़े इंतजाम किए हैं। बसंत पंचमी के मौके पर धार की भोजशाला में आज हर गतिविधि पर देश की नजर है।

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