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बाणगंगा थाना प्रभारी सियाराम गुर्जर पर केस दर्ज करने की मांग: मामला बोरिंग विवाद में महिला को प्रताड़ित करने का

KHULASA FIRST

संवाददाता

14 फ़रवरी 2026, 10:12 पूर्वाह्न
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बाणगंगा थाना प्रभारी सियाराम गुर्जर पर केस दर्ज करने की मांग

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
बाणगंगा थाना क्षेत्र में सरकारी बोरिंग विवाद ने खाकी और रसूखदारों के गठजोड़ का खुलासा कर दिया है। न्याय की उम्मीद में थाने पहुंची आंचल गुप्ता को पुलिस ने राहत देने के बजाय राजनीतिक दबाव में आकर झूठे केस में फंसा दिया।

रसूखदारों के इशारे पर काम कर रही पुलिस की इस प्रताड़ना और अपमान से आहत होकर आंचल गुप्ता ने आत्मघाती कदम उठाया, जिसके बाद उन्हें गंभीर हालत में आईसीयू में भर्ती करना पड़ा। पुलिस की इस कार्यप्रणाली ने सीधे तौर पर पुलिस कमिश्नरेट की कार्यक्षमता और नैतिकता पर सवालिया निशान लगा दिए हैं।

घटनाक्रम का खुलासा कर हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष और वरिष्ठ अधिवक्ता अनिल ओझा ने बाणगंगा टीआई सियाराम गुर्जर की भूमिका को संदिग्ध और भ्रष्टाचार से प्रेरित बताया है। आरोप लगाया आंचल गुप्ता को घंटों थाने में बैठाकर प्रताड़ित किया गया और फरियाद सुनने के बजाय उन पर ही झूठी एफआईआर दर्ज कर ली गई।

अधिवक्ता पूजा तिवारी की मौजूदगी के बावजूद पुलिस ने न्यायसंगत प्रक्रिया अपनाने के बजाय पोर्टल बंद होने का बहाना बनाकर आवेदन लेने से इनकार कर दिया। वरिष्ठ अधिवक्ता ने स्पष्ट किया है इंदौर के थानों में एफआईआर दर्ज न करने और भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने की प्रवृत्ति के खिलाफ अब न्यायालय में जनहित याचिका के माध्यम से मोर्चा खोला जाएगा।

महिला आयोग और पुलिस कमिश्नर को इस मामले की विस्तृत शिकायत ई-मेल के जरिए भेज दी गई है। मांग की है रसूखदारों के प्रभाव में काम करने वाले थाना प्रभारी सियाराम गुर्जर को तत्काल लाइन हाजिर किया जाए और कठोर आपराधिक प्रकरण दर्ज कर मामले की उच्चस्तरीय जांच सुनिश्चित की जाए।

सिस्टम में बैठे ऐसे अधिकारियों से आम जनता का कानून से विश्वास उठ रहा है, जो समाज के लिए घातक है। आंचल गुप्ता की स्थिति और पुलिसिया तंत्र की इस विफलता को लेकर हाई कोर्ट में मामला ले जाने की तैयारी है ताकि पीड़ित को उचित न्याय मिल सके।

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